कुशीनगर में एक पिता ने अपने कोशिशों से बदल दी झाड़ियों में मिली अनाथ मासुम राधा की जिन्दगी

 कुशीनगर में एक पिता ने अपने कोशिशों से बदल दी झाड़ियों में मिली अनाथ मासुम राधा की जिन्दगी

पडरौना,कुशीनगर।बस नाम ले लीजिए। मासूम राधा इस कदर आप के गोद में बैठ जायेगी कि आपको यकीन नहीं होगा। सामने बोतल में भरकर दूध रख दीजिए,क्या मजाल एक बुंद दूध बोलत में बच जाय। यह मासूम अब पडरौना कोतवाली क्षेत्र के गांव सेमरिया हनुमानगंज निवासी शंभू नाथ वर्मा की आंखों का तारा बन गईं है। 

वर्मा के घर पल रही राधा नाम की मासूम बच्ची को चाईल्ड हेल्पलाइन की पुलिस भी लावारिस बच्ची की मिलने  की सुचना पर पहुंच अपने कब्जे में लेने की कोशिश की थी,लेकिन श्री वर्मा की मानें तो उस मासूम बच्ची को चाइल्ड हेल्पलाइन को देने से इंकार कर दिए थे,इन सबके बावजूद श्री वर्मा आज वर्तमान में उस मासूम बच्ची को अपने सहयोग से अपने परिवार की एक और संख्या में कर लिया है। 

गौरतलब हो कि एक साल पहले शंभू नाथ वर्मा को गांव के ही निकट गन्ने के खेत के बीच झाड़ियों में वह मासुम मिली थी। तब वो बोल नहीं सकती थी ना ही चल सकती थी। आज मासुम अपने घुटने के बल पर दौड़ती है, दूध पीने के साथ-साथ बोलती है। श्री वर्मा के परिवार में दूसरे बच्चों से किसी मामले में कम नही है मासुम राधा । 

बहरहाल इन सबके बीच एक वर्ष पूर्व लावारिस हालात में झाड़ियों के बीच में मिली मासूम बच्ची के साल भर पूरा होने पर शंभू नाथ वर्मा ने उक्त बच्ची का पहले से नामांकरण करा चुके हैं।जबकि उस मासूम बिटिया यानी राधा का जन्मदिन पर छठीयार का कार्यक्रम किया तो मानो पूरा जवार ही उस मासूम बच्ची को देखने व दुलार करने के लिए पहुंच गया । 

हालांकि मासूम बच्ची के जन्म दिवस पर पहुंचे लोगों ने पहले से तैयारी कर चुके श्री वर्मा के द्वारा बनवाए गए पकवान व मिष्ठान का जमकर आनंद लिया,इतना ही नहीं उस मासूम बच्ची के नाम पर गांव के लोगों व बच्चों ने दरवाजे पर बज रहे डीजे के धुन पर जमकर डांस की ।

 

 

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