कन्या सुमंगला योजना का उद्देश्य भ्रूण हत्या को समाप्त कर बालिकाओं को स्वावलंबी बनाना:विजय पांडेय

कन्या सुमंगला योजना का उद्देश्य भ्रूण हत्या को समाप्त कर बालिकाओं को स्वावलंबी बनाना:विजय पांडेय

कुशीनगर,उप्र।जिला प्रोबेशन अधिकारी विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करना, समान लैंगिक अनुपात स्थापित करना, बाल विवाह की कुप्रथा को रोकना, बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा को प्रोत्साहित करना, बालिकाओं को स्वावलम्बी बनाना बालिकाओं के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना है।

पांडेय ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना को छः श्रेणियों में लागू किया है तथा इस योजना के अन्तर्गत लाभार्थी का वर्गीकरण तथा उनके लिए धनराशि की श्रेणिया है प्रथम श्रेणी में बालिका के जन्म होने पर 2000.00 एक मुश्त, द्वितीय श्रेणी में बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त 1000.00 एक मुश्त, तृतीय श्रेणी में कक्षा प्रथम में बालिका के प्रेवश के उपरान्त 2000.00 एक मुश्त, चतुर्थ श्रेणी में कक्षा छः में बालिका के प्रवेश के उपरान्त 2000.00 एक मुश्त, पंचम श्रेणी में कक्षा नौ में बालिका के प्रवेश में उपरान्त 3000.00 एक मुश्त, षष्टम् श्रेणी में ऐसी बालिकाये जिन्होने कक्षा 12 वी में उत्तीर्ण करके स्नातक अथव 02 वर्षीय या अधिक से अधिक के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो। 5000.00 एक मुश्त दिया जायेगा।  

उन्होने बताया कि कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत लाभार्थी का परिवार उ0प्र0 का निवासी हो तथा उसके पास स्थायी निवास प्रमाण पत्र हो। जिसमें राशन कार्ड व आधार कार्ड व वोटर पहचान पत्र व विद्युत व टेलीफोन का बिल मान्य होगा।लाभार्थी की परिवारिक वार्षिक आय अधिकतम रू0 3 लाख हो एंव किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा। यदि किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है तो वे द्वितीय प्रसव से दो जुड़वा बालिकाये ही होती है तो केवल ऐसी अवस्था में ही तीनों बालिकाओं को लाभ अनुमन्य होगा। यदि किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया हो तो परिवार की जैविक संतानों  तथा विधिक रूप से गोद ली गयी संतानों को सम्मिलित करते हुये अधिकतम दो बालिकाये इस योजना की लाभार्थी होगी। 

प्रथम श्रेणी के अन्तर्गत नवजात बालिकाए जिनका 01 अप्रैल 2019 या उसके पश्चात हुआ है उनको लाभान्वित किया जायेगा। द्वितीय श्रेणी के अन्तर्गत वह बालिकाएं सम्मिलित होगी। जिनका एक वर्ष के भीतर सम्पूर्ण टीकाकरण हो चुका हो तथा उनका जन्म 01 अप्रैल 2019 के पूर्व न हुआ हो। इस येजनान्तर्गत आवेदन पत्र  mksy.up.gov.in  पर आनलाइन कर आवेदन पत्र खण्ड विकास अधिकारी व उप जिलाधिकारी व जिला परिवीक्षा अधिकारी व उप मुख्य परिवीक्ष अधिकारी के कार्यालय में जमा किया जायेगा। 

 

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