दो देश दो प्रदेश को जोड़ने वाली सड़क पनियहवा-बगहा अपने बदहाली पर बहां रहा आंशु

दो देश दो प्रदेश को जोड़ने वाली सड़क पनियहवा-बगहा अपने बदहाली पर बहां रहा आंशु

शैलेश यदुवंशी

खड्डा,कुशीनगर।

क्या आपने ऐसे सड़क का नाम सुना है जिस सड़क पर प्रत्येक दिन हादसे होते हो और हादसे का कारण भी सड़क की जर्जर हालत हो ? जिससे जुड़ता हो दो देशों व दो प्रदेशों की बेटी रोटी का रिश्ता जी हाँ हम बात कर रहे हैं जनपद से सीमावर्ती बिहार के पश्चिमी चंपारण तथा नेपाल को जोड़ने वाली मुख्य सड़क एनएच 727 की जो अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।

 तो वही सूबे की केंद्र व प्रदेश की सरकारे सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त होने की दावा कर रही है।लेकिन जिले की सीमा समाप्त होते ही बगहा बिहार जाने वाले मुख्य सड़क की सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही हैं।सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे खतरे को आमंत्रित कर रहे हैं।शायद ही कोई दिन बीतता है,जब दो पहिया चालक इन गड्ढों का शिकार हो चुटहिल न होते हों। ऐसे में सरकार के दावे के विपरीत गड्ढायुक्त सड़कों पर चलना खतरे से खाली नहीं है।

ज्ञात हो कि पनियहवा- बगहा रेल सह सड़क पुल का निर्माण किया गया था।उसी समय पनियहवा से मदनपुर सड़क को चालू किया गया था। रेल परियोजना का निर्माण कार्य समाप्त होने के बाद से इस सड़क को देखने वाला कोई नहीं रहा। जिसका परिणाम हुआ कि धीर-धीरे सड़क टूटने लगी और आज स्थिति यह है कि जिले की सीमा समाप्त होने से लेकर मदनपुर चौक तक कही भी सड़क नहीं दिखती है। एक सौ से अधिक गड्ढे बन गए है। 

जबकि केंद्र सरकार ने इस सड़क को एनएच में तब्दील कर दिया है। जिसका पुराना नाम एनएच 28 बी था।अब इसका नाम बदलकर अब एनएच 727 कर दिया गया है। उसके बाद भी केन्द्र या बिहार सरकार या किसी राजनेता का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।

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