जनपद के वर्तमान व पूर्व माननीयों ने लगायी कोर्ट मेेें एक साथ हाजिरी

जनपद के वर्तमान व पूर्व माननीयों ने लगायी कोर्ट मेेें एक साथ हाजिरी
जनपद के वर्तमान व पूर्व माननीयों ने लगायी कोर्ट मेेें एक साथ हाजिरी

विश्ेाष न्यायालय में उपस्थित होकर करायी जमानत

कुछ पर आचार संहिता उल्लघंन व अन्य पर अपराधिक मामलों में वाद दर्ज

ललितपुर।Ravi shankar sen/ Antim kumar jain

गुरूवार को न्यायालय परिसर में माननीयों का जमावाड़ा देखने को मिला, जहाँ पर वर्तमान उत्तर प्रदेश सरकार मंंत्री सहित देा पूर्व मंत्रियों व दो विधायकों को तलब किया गया था। जहाँ एक ओर वर्तमान विधायक व मंत्री आचार संहिता उल्लघंन के आरोप में न्यायालय में सिलेण्डर हुये थे, तो वहीं तो अन्य दो पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक अपराधिक व धोखाधड़ी के मामलों में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमएलए-एपी उमेश कुमार सरोही की अदालत में हाजिर हुये थे। कोर्ट परिसर में एक दिन सभी माननीयों के जमावाड़े से जनपद में चर्चा का माहौल गरमाया रहा।

 


सदर विधायक का मामला
वर्तमान सदर विधायक रामरतन कुशवाहा के खिलाफ विगत विधानसभा चुनाव के दौरान 15 फरवरी 2017 को कोतवाली पुलिस ने उपनिरीक्षक मुहम्मद अफजल की तहरीर पर आचार संहिता उल्लघंन के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। उन पर आरोप था कि 6 फरवरी को रामरतन कुशवाहा ने सैकड़ों की संख्या में जलूस निकला था। जबकि उनके पास इतने बड़े जलूस की अनुमति नहीं थी। इस मामले में विगत 17 अक्टूबर को न्यायालय में सदर विधायक ने आत्म सम्पर्ण किया था, इसके बाद लंच के बाद उनको जमानत दी गयी। गुरूवार को वह तारीख पर आये थे, साथ उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए अग्रिम तारीख पर आये थे।

 


राज्यमंत्री का मामला
वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ उर्फ मन्नू कोरी पर विधानसभा चुनाव के दौरान उडऩदस्ता मजिस्ट्रेट सुनील भारद्वाज द्वारा आचार संहिता उल्लघंन करते हुये वोटरों को लुभाने का मामला दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने राज्यमंत्री को दोष मुक्त करते हुये, फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। न्यायालय ने उक्त फाइनल रिपोर्ट को रद्द करते हुये, धारा 190 (1) बी के तहत साक्ष्यों के आधार पर राज्यमंत्री व सदर विधायक रामरतन को धारा 171 ई, 171 एफ, व 123 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत 21 अक्टूबर को न्यायालय ने 24 अक्टूबर को न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया था। दोपहर 12 बजे दोनों न्यायालय में हाजिर हुये, इसके बाद दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया। दोनों की ओर जमानत याचिका प्रस्तुत की गयी, जिसे लंच के बाद सुनवाई करते हुये जमानत व मुचलका दाखिल करने का आदेश जारी हुआ। इसके बाद जमानत मंजूर करते हुये उन्हें रिहा कर दिया गया। साथ ही न्यायालय में साक्ष्यों के लिए 7 नवम्बर को उपस्थित होने के आदेश जारी किये गये।

 


पूर्व महरौनी विधायक का मामला
पूर्व महरौनी विधायक फेरन लाल को एक चेक बाउन्स के मामले में न्यायालय में प्रस्तुत न होने के वारण्ट जारी किया गया था। यह मामला दो वर्ष पूर्व 2018 में थाना नाराहट अन्तर्गत ग्राम गौना निवासी रामकुमार पुत्र नारायन सिंह ने दर्ज कराया था। विधायक द्वारा उनसे पचास हजार रुपये लिये गये थे। जिसके ऐवज में उन्होंने एक चैक जारी किया था, किन्तु खाते में पर्याप्त बैलेन्स न होने के कारण चैक वाउन्स हो गया। इसके बाद जब रामकुमार को कई बार कहने पर भी भुगतान नहीं हुआ, तो उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय में लगातार अनुपस्थित होने के कारण पूर्व विधायक फेरन लाल के खिलाफ वारण्ट जारी कर दिया था। उन्होंने न्यायालय में उपस्थित होकर अपना वारंट वापस कराया। साथ ही उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए 7 नवम्बर की तारीख दी गयी।

 


पूर्व राज्यमंंत्री का मामला
पूर्व मंत्री व महरौनी विधायक पूरन सिंह बुन्देला के खिलाफ भी गैर जमानती वारण्ट जारी किया गया था। उनके ऊपर वन अधिनियम धारा 26 के तहत 15 मामले दर्ज थे, जिनमें वह लगातार अनुपस्थित चल रहे थे। इस कारण कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारण्ट जारी किया था, वह अपने साथियों हरी ङ्क्षसह व पुष्पेन्द्र सिंह के साथ उपस्थित हुये, उन्होंने आत्मसम्र्पण कर अपना वारंट वापसी का प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें न्यायालय ने अपनी अभिरक्षा में लेकर प्रार्थना पत्र पर लंच बाद सुनवाई करते हुये, मुचलका पर छोड़ लिया, चूँकि अभियुक्त पूर्व से ही जमानत पर थे। उन्हें अग्रिम तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश जारी किये गये।


एक और पूर्व राज्यमंत्री का मामला
पूर्व राज्यमंत्री वीरेन्द्र सिंह बुन्देला अपने साथियों सहित न्यायालय में उपस्थित हुये, उन पर पूर्व सपा जिलाध्यक्ष पर जानलेवा हमले का आरोप था, न्यायालय ने उन्हें 7 नबम्बर को उच्च न्यायालय के स्टे की स्थिति से अवगत कराने का आदेश दिया गया। साथ उन्हें भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश जारी किये गये।

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