सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद मस्जिद के लिए अलग भूमि आवंटित

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद मस्जिद के लिए अलग भूमि आवंटित

कुमारगंज [अयोध्या ]

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद मस्जिद के लिए अलग भूमि आवंटित करने के निर्णय के क्रम में अभी अधिकृत तौर पर कोई स्थल चयनित नही किया गया है लेकिन मस्जिद को भूमि दान देने के नाम पर सामने आ रहे

दान दाताओं में से किसी एक ने जनपद के किसानों व कृषि के उत्थान  के लिए स्थापित एकमात्र कृषि विज्ञान केंद्र का प्रछेत्र ही आवंटित कर देने का भरम फैलाना प्रारम्भ कर दिया है। इस भृमित सूचना के फैलते ही कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों में कृषि विज्ञान केंद्र के भविष्य को लेकर बेचैनी बढ़ गई है।

बुधवार को सुबह कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद के कृषि एवं ग्रामीण विकास को समर्पित केंद्र सरकार से वित्तीय सहयोग प्राप्त कृषि विज्ञान केंद्र मसौधा अयोध्या के अस्तित्व की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विचार विमर्श किया।

बुधवार को एक जिम्मेदार समाचार पत्र में उपजिलाधिकारी सोहावल ज्योति का बयान प्रकाशित होने के बाद इस अफवाह की पुष्टि भी हो गई। गौर तलब यह है कि कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए जितने प्रछेत्र की आवश्यकता अधिकृत रूप व निर्धारित मानक के अनुरूप होनी चाहिए यदि उसमें कटौती कर दी गयी तो यह केंद्र बंद होने की स्थिति में आ जायेगा जो अब तक इस केंद्र पर व्यय हो चुके

करोणों रूपये पर सवालिया निशान होगा। इस समय इस प्रछेत्र पर चहारदीवारी बनाने का कार्य चल रहा है। इस प्रछेत्र पर नवीनतम तकनीकों के आधार पर बोई जाने वाली फसलों का प्रदर्शन किसानों को मौके पर आकर देखने व सीखने की दृष्टि से किया जाता है।

कृषि तकनीकी प्रसार के अयोध्या जनपद के प्रमुख केंद्र के अस्तित्व पर सम्भावित संकट को दृष्टिगत रखते हुए कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने निदेशक प्रसार डॉ ए पी राव, निदेशक प्रसाशन एवं परिवीक्षण डॉ आर के जोशी तथा कुलसचिव व वित्त नियंत्रक डॉ पी के सिंह के साथ मन्त्रणा कर आवश्यक कदम उठाने पहलुओं पर विचार विमर्श किया।

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