लखराव शायरी मां की दरबार में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ में लगी मेला का भी भक्तों ने उठाया लुत्फ

लखराव शायरी मां की दरबार में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ में लगी मेला का भी भक्तों ने उठाया लुत्फ

कुशीनगर - 

जनपद के पडरौना नगर से सटे शायरी माई के स्थान पर प्रत्येक वर्ष चैत्र रामनवमी को लगने वाला मेला रविवार को पुलिस के कड़े पहरे के बीच सकुशल संपन्न हो गया। इस दौरान बच्चे,बूढ़े महिलाएं भारी तादाद में उपस्थित होकर माई के स्थान पर पूजन अर्चन किए उसके पश्चात मेले का लुफ्त उठाया,

पूरा क्षेत्र माता की जय जयकारों से भक्ति में हो चला था। माई की अतीत की कहानी काफी गौरवशाली व प्रभावपूर्ण होने के साथ ही आध्यात्मिक भी है। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई सभी मुरादें माई पूरी करती हैं। प्रत्येक वर्ष कमेटी के सदस्यों द्वारा माता की प्रतिमा को आज ही के दिन बदल दिया जाता है।

बताते चलें कि  शायरी माता का स्थान पडरौना नगर से देवरिया पांडे जाने वाली रोड पर स्थित है,आज सुबह से दुकानदार सहित भक्तों की भारी भीड़ चालू हो गया। बच्चे बुजुर्ग महिलाएं माई के स्थान पर पहुंच कर पहले कपूर,अगरबत्ती जलाकर घंटा बजाकर पूजन अर्चन किये उसके बाद मेले का लुफ्त उठाया।माई के स्थान पर देर रात तक भक्तों द्वारा पूजन अर्चन चलता रहा।

मान्यता है कि माई सच्चे मन से मांगी गई सभी मुरादें पूरी करती हैं। मेले में सिसवा मठिया,भटवलिया,तिलक पट्टी,माघी बिशनपुरा,रतनवां,सिरसिया दीक्षित,पगारा,देवरिया पांडे,कांता राय मठिया,अहिरौली आदि गांव से चलकर भारी तादाद में भक्तजन माई के दरबार में पहुंचे और पूजा करने के पश्चात मेले का भी जमकर लुफ्त उठाया ।

माता की प्रत्येक वर्ष गज प्रतिमा को बदल दिया जाता है। जो बलोचहां व केवल छपरा से माई का डोला पत्रकार विनय उपाध्याय की देखरेख में माता का जुलूस निकला जो पडरौना नगर भ्रमण करने के बाद माता के मंदिर में पहुंचा।वहा मंत्रोच्चार के साथ पंडितों ने माई के गज प्रतिमा को स्थापित कराया.इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो चला था ।

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