लहरपुर नगर  में आईपीएल पर सट्टा

लहरपुर नगर  में आईपीएल पर सट्टा

 नरेश कुमार गुप्ता

लहरपुर नगर  में आईपीएल पर सट्टा

रिपोर्ट एहतिशाम बेग

बढ़ रहा नशा और अपराध

 

लहरपुर/सीतापुर

 

 क्रिकेट के मैदान में इन दिनों इंडियन प्रीमियर लीग की धूम है तो वहीं सट्टे के मैदान में सट्टोरिए भी जमकर खेल रहे हैं। आईपीएल शुरू होने के साथ ही लहरपुर नगर में  में सट्टेबाजों का नेटवर्क भी सक्रिय हो गया है। मैच देश के किसी भी कोने पर हो रहे हों लेकिन नगर में मैच के दौरान फेंकी जाने वाली हर बॉल पर सट्टेबाजों का डब्बा (टीम पर लगने वाला भाव बताने वाला मोबाइल फोन) बोल रहा है। 


डब्बा से निकल रहे भाव पर चंद सेंकेडों में लाखों रुपए के वारे न्यारे हो रहे है। मैच के बाद हार जीत की रकम सट्टेबाजों के एजेंट मैच पर दांव लगाने वालों से चंद घंटे बाद ही लेने व देने जा रहे है। सट्टेबाजी के इस खेल में नगर के छात्रों से लेकर बड़े-बड़े कारोबारी व युवा भी शामिल हैं। यही नहीं आईपीएल के मैच जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे है। नगर में सट्टेबाजों की सक्रियता बढ़ती जा रही है।

लहरपुर नगर  के  मुख्य बाजार से सटे इलाकों, चाहे वो बिसवां चुंगी हो या फिर हर मोहल्ले के चौराहे समेत गुरखेत बाजार में चाय के होटल  कई जगह सट्टे के रैकेट से जुड़े पंटर(एजेंट) हर बॉल पर बुकिंग कर उसे आगे दिल्ली, मुंबई, जयपुर, लुधियाना, कोलकता  के बड़े बुकियों तक पहुंचा रहे है। सूत्रों की मानें तो सट्टेबाजी में वर्तमान में प्रापर्टी से लेकर जेवरात तक की बोली भी लगाई जा रही है। 

क्या है डब्बे का खेल

सटोरियों की भाषा में उस मोबाइल फोन को डब्बा या लाइन कहते है। जिसमें केवल सुना जा सकता है। उस फोन से किसी को फोन नहीं किया जा सकता है। इसे सटोरियों अपने पंटरों (एजेंटों)को देते है। इसके अलावा सटोरियों उन बड़े खिलाडिों को भी उपलब्ध कराते है।

जो लाखों रुपए का दांव हर मैच पर लगाते है। इन फोन के सभी डायल नंबरों पर क्विक फिक्स लगा कर उसे चिपका दिया जाता है। ताकि कोई उससे नंबर न डायल कर सके। इस डब्बे से हर बॉल पर भाव की आवाजे आती रहती हैं। अगर आप को उस भाव पर बुक कराना है तो सटोरियों द्वारा उपलब्ध कराए गए नंबरों पर फोन या एसएमएस या व्हाट्एसप कर सकते हैं।

नगर में सट्टेबाजी के साथ ही बढऩे लगा नशा और क्राइम ग्राफ
 
 नगर में सट्टेबाजों के सक्रिय होने से क्राइम ग्राफ भी बढऩे लगा है। पिछले कुछ समय में ही जहां चोरी की वारदातों में इजाफा हुआ सूत्रों की मानें तो सट्टेबाजी और नशे की लत को पूरा करने के लिए युवा इन दिनों इस गर्त में धंसते जा रहे हैं। नगर में कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां स्कूल जाने वाले बच्चे भी सट्टेबाजी में शामिल पाए गए हैं। कुछ मामलों में तो बच्चों ने घर से मोटी रकम चोरी कर सट्टा खेल दिया।

ऐसे में परिवार के सदस्य भी चिंतित हैं। हैरानी की बात यह है कि सट्टेबाजी के साथ ही नगर के गली मौहल्लों में लगभग दम तोड़ चुका नशे का व्यापार एकबार फिर सिर उठाने लगा है। सूत्रों के माने तो इनका कहना है कि लहरपुर नगर में चल रहे मेडिकल स्टोरों पर  नशे के इंजेक्शन व दवाईयां  आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं ।

यही वजह रही कि पुराने अड्डों पर नशेडिय़ों और सप्लायरों की टोलियां भी दिखना अब आम बात होने लगी है।आप देखना यह है कि प्रशासन इस ख़बर को कितना संज्ञान लेता है और किस हद तक इस बढ़ते ग्राफ को काबू में करता है । जिससे उजड़ते हुए घरों को बचाया जा सके ।। फिलहाल ये लहरपुर तहसील के प्रशासन पर निर्भर करता हैं ।।

Support to Swatantra Prabhat Media

T & C Privacy

Comments