पुलिस की मिलीभगत से हो रहा अवैध कटान 

पुलिस की मिलीभगत से हो रहा अवैध कटान 
  • तो क्या पुलिस की मिलीभगत से हो रहा अवैध कटान 
  • थाने के दूसरे गेट से कस्बे की तरफ रवाना होती देखी गयी शीशम की लकड़ी के बोटों से भरी हुई ठेलिया

लखीमपुर-खीरी।

जब सइयां भये कोतवाल तो डर काहे का

 इस कहावत को चरितार्थ करने में थाना सिंगाही के कस्बा इंचार्ज कोई कसर नही छोड़ रहे हैं। वैसे तो अपने कारनामों को लेकर कस्बा इंचार्ज इन दिनों अखबारों की सुर्खियों में बने हुये हैं कुछ लोग तारीफ करते नही थकते पर आये दिन सुर्खियों में रहने वाले सिंघम साहब अपने कर्तव्यों के प्रति कितना उदासीन हैं इसकी बानगी ये तस्वीर बयां कर रही है

आखिर तस्वीरें खुद बा खुद सूरते हाल बयां कर देती हैं। ये तस्वीर  थाने के दूसरे गेट की है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि एक ठेलिया में शीशम की लकड़ी के बोटे लदे हुये हैं जो दिन के उजाले में खुलेआम बड़ी आसानी से थाने के दूसरे गेट से गुजर रही हैं। ऐसे में प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा ये कयास लगाया जाना जाहिर सी बात है कि ठेलिया में लदी शीशम की लकड़ी के बोटों को पुलिस द्वारा पकड़ा गया हो या पकड़ के छोड़ा गया हो।

तस्वीर को देखने से मालूम होता है कि पूरा मामला सिंगाही थाने का है जिसमें थाने के दूसरे गेट से एक ठेलिया वाला ठेलिया में लदे बेशकीमती शीशम की लकड़ी के बोटों को बड़ी आसानी से  बेखौफ होकर गुजर रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा ये अनुमान लगाया गया कि हो सकता है स्थानीय पुलिस ने ठेलिया में जा रही लकड़ी को पकड़ा हो या कागजात दुरुस्त पाये जाने पर पकड़ कर छोड़ दिया हो।

इस बात की तहकीकात करने के लिये जब कस्बा इंचार्ज से जानकारी ली गयी तो उनसे इस बाबत में कोई सन्तुष्टि जनक उत्तर नही मिला अब ऐसे में स्थानीय कस्बा इंचार्ज पर सन्देह का दायरा और अधिक बढ़ जाता है कि यह लकड़ी आयी तो आखिर कहां से आयी और किसकी थी

 कहीं पुलिस ने नियमों को दरकिनार कर निजी फायदे के लिये बगैर कोई परमिट अवैध कटान करवा दिया हो। मामले में जब डीएफओ नार्थ खीरी से जानकारी ली गयी तो उन्होंने बताया कि ऐसा कोई भी प्रकरण उनके संज्ञान में नही है और न ही उनके विभाग से सम्बंधित तिथि में कोई परमिट जारी हुआ है अगर ऐसा हुआ है तो जांच करवा कर उचित कार्यवाही की जायेगी वहीं इस बाबत में जब एसओ सिंगाही अजय रॉय से जानकारी ली गयी

 तो उन्होंने बताया की  मामला उनके संज्ञान में ही नही है पुलिस के द्वारा इस तरह से नियमों की अनदेखी में पेड़ कटवाया जाना और शीशम की लकड़ी के बोटों को खुलेआम  ठेलिया में लदवा कर थाने के गेट से कस्बे की तरफ रवाना करना कस्बावासियों के गले से नही उतर रहा है। मिली जानकारी के अनुसार मामले को लेकर जल्द ही कस्बावासी पुलिस अधीक्षक व वन विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही की मांग करेंगे।

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