जान से खेल रहे झोलाछाप डॉक्टर, झोलाछापो की मंडी बना निघासन क्षेत्र

जान से खेल रहे झोलाछाप डॉक्टर, झोलाछापो की मंडी बना निघासन क्षेत्र

जान से खेल रहे झोलाछाप डॉक्टर, झोलाछापो की मंडी बना  निघासन क्षेत्र
योगेश मिश्रा
निघासन खीरी। झोलाछापो के खिलाफ सरकार चाहे जितना भी सख्त आदेश दे लेकिन इसका स्वास्थ्य विभाग पर कोई असर नही दिखता। निघासन तहसील क्षेत्र व कस्बे में स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से सैकड़ों झोलाछाप डॉक्टर अपने अपने क्लीनिक खोल कर बैठे हैं परंतु स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की इन पर कभी नजर नही पड़ती क्योंकि हर महीने पर झोलाछाप डॉक्टर स्वाथ्य विभाग को मोटी रकम जो देते हैं।
 झोलाछापो के जानलेवा इलाज से दर्जनों मरीजो की मौत हो चुकी है। जब कोई मरीज झोलाछापो की दवा से मरता है तो चंद दिन तक स्वास्थ्य विभाग इन डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाकर खानापूर्ति करता है लेकिन इससे पहले विभाग के कर्मचारी झोलाछापो को फोन कर छापामारी की खबर दे देते हैं और वह अपनी दुकानें कुछ देर के लिए बन्द कर देते हैं। कुछ घंटे बाद फिर अपनी अपनी दुकानें खोल कर बैठ जाते हैं। कुछ झोलाछापो ने तो तो शहर के नामी डॉक्टरों का नाम भी अपनी दुकान पर लिखवा रखा है। मरीज की हालत बिगड़ते ही शहर के बड़े अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाता है। शहर के नामी डॉक्टरों से झोलाछापो ने साठगांठ कर रखी है। एक मरीज पहुचते ही झोलाछाप हजारों रुपए की कमीशन का मालिक बन जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने कई बार छापेमारी की लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। पकड़े जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग जांच कर कार्यवाही करने की बात कहकर झोलाछापो से मोटी रकम लेकर मामले को रफादफा कर देता है। तहसील क्षेत्र में लगभग साढ़े तीन सौ झोलाछाप डॉक्टर अपने क्लीनिक चला रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में यह गिनती बहुत नीचे तक ही पहुचती है। स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से मरीजो को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है।

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