दर हक़ीक़त गुलाम ए -नबी आप हैं।। और अल्लाह के वली आप हैं : डॉक्टर अफ़ज़ल लहरपुरी

दर हक़ीक़त गुलाम ए -नबी आप हैं।। और अल्लाह के वली आप हैं : डॉक्टर अफ़ज़ल लहरपुरी

नरेश गुप्ता

दर हक़ीक़त गुलाम ए -नबी आप हैं।।
और अल्लाह के वली आप हैं : डॉक्टर अफ़ज़ल लहरपुरी

संवाददाता एहतिशाम बेग

लहरपुर( सीतापुर)

महान सूफी संत हज़रत रमज़ान अली शाह मुरली वाले बाबा के उर्स के अवसर पर नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया जिस की सदारत समाजसेवी हाजी जावेद अहमद ने कि और मुख्य अतिथि के रूप में सर्राफा यूनियन लहरपुर के अध्यक्ष रियाज़ अहमद बबलू उपस्थित हुए निजामत अनवर बिस्वानी ने कि इस मौके पर दो दर्जन शायरों ने अपने कलाम पेश किए रात के अंतिम पहर तक चले इस मुशायरे में बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे मुशायरे के संयोजक ज़ेड आर रहमानी एडवोकेट ने अतिथियों और शायरों का स्वागत किया

मुशायरे का उद्घाटन कस्बा इंचार्ज रोहित दुबे ने किया उन्होंने शायरों को स्मृति चिन्ह भेंट किए मुशायरे के मुख्य अतिथि रियाज़ अहमद बबलू ने हाजरीन को संबोधित करते हुए कहा कि दरगाहोपर होने वाली नूरानी महफिलों में शिरकत करने से दिल को सुकून और रूहानी फैज मिलता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी हाजी जावेद अहमद ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि मौजूदा दौर में मुशायरो की अहमियत और भी बढ़ जाती है

क्योंकि मुशायरे हमारी तहज़ीब की तर्जुमानी करते है विश्व मानवाधिकार परिषद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलाहउद्दीन गौरी ने संबोधित करते हुए कहा कि नातिया मुशायरो में शिरकत करना सवाब का काम है क्योंकि नात पाक का पढ़ना और सुनना दोनों सवाब है मुशायरे का आगाज़ कारी मुख्तार अहमद ने तिलावत ए कुरान पाक से किया अनवर बिस्वानी ने अपना कलाम इस तरह पेश किया। की एक उम्र कट गई है इसी इंतज़ार में पहुंचेंगे एक रोज़ नबी के दयार में मुजीब सीतापुरी ने पढ़ा सारे नबियों के हैं

सरदार मदीने वाले मेरे आका मेरे सरकार मदीने वाले गोहर लहरपुरी ने कहा इस कदर मेरी दुआओं में असर आ जाए।। नात कहने का खुदा मुझको हुनर आ जाए।। शफीक बिस्वानी ने कहा ए काश पहुंच जाते इक बार मदीने में ।। करते दर ए -अकदस का दीदार मदीने में।। लखीमपुर से आए इकबाल अकरम वारसी ने कहा वायेज़ आबिद व जाहिद सब शराबी हो गए।। आप की आमद हुई मौसम गुलाबी हो गए।। डॉ अफजल लहरपुरी दर हक़ीक़त गुलाम ए नबी आप हैं।।

और अल्लाह के वली  आप हैं ।।इस मौके पर आफाक बिस्वानी सज्जाद लखीमपुरी ,सगीर भारती, डॉक्टर अजहर खैराबादी, मोबीन लहरपुरी ,मिसबाहुद्दीन अंसारी ,आदि ने भी अपने कलाम पेश किए।
दरगाह के सेक्रेटरी हाजी सोहराब अली कादरी ने महफिल में शरीक तमाम शायरों और मेहमानों का शुक्रिया अदा किया वार्षिक उर्स के मौके पर दरगाह पर फातिहा खुबानी जुलूस ए गागर और लंगर का आयोजन किया गया जिसकी निगरानी दरगाह के मुतवल्ली हाजी मुन्नन अली ने किया

इस मौके पर लखीमपुर के सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद शकील खान, "सागर" मोहम्मद रूस्तम अली, शफीक कुरैशी ,अब्दुल हमीद, डॉक्टर जर्रार अली ,मोहम्मद अफाक ,मोहम्मद शोएब कुरैशी, समीर राईन ,साबिर अली, रज़ीउद्दीन अंसारी ,मोहम्मद ताहिर अंसारी ,जफर अली, मोहम्मद आफताब, मोहम्मद यूनुस कुरैशी, सलाउद्दीन, इस्लामुद्दीन अंसारी, हाजी  कमाल अहमद ,मौलाना सिराज खान, निर्मल निगम, डॉक्टर मुमताज अहमद, मास्टर फुरकान अली ,मास्टर रफीक अंसारी आदि मौजूद थे।

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