इंडिया मार्का हैंड पाइप नलो पर अवैध कब्जेदारी  बनी ग्रामीणों के लिए मुसीबत

इंडिया मार्का हैंड पाइप नलो पर अवैध कब्जेदारी  बनी ग्रामीणों के लिए मुसीबत

नरेश कुमार गुप्ता

इंडिया मार्का हैंड पाइप नलो पर अवैध कब्जेदारी  बनी ग्रामीणों के लिए मुसीबत

राजेश मिश्रा की रिपोर्ट मोहनलालगंज लखनऊ

अधिकतर गांवो में बाउंड्री वाल के अंदर कर लिए और लगवा दिया गेट ग्रामीणों ने  हैंड पाइप और उनमें लगवा दिया समरसेबल अन्य मुहल्ले के लोगो को पानी की समस्या जिम्मेदार खामोश

एक तरफ सरकारे ग्रामीणों व टाउन एरिया सहित कस्बो व शहरो में राहगीरो व ग्रामीणों को पीने के लिए की समस्या को दूर करने के लिए सरकारी प्रतिष्ठा में जनता की सुविधा हेतु पीने के लिए पानी की सुविधा हेतु सरकारी निधि से इंडिया मार्का हैंडपंपों को लगवा कर जनता का दिल तो जीत लिया लेकिन ग्रामीण इलाकों के गांवों में लगे इन सरकारी नलो को ग्रामीणों ने बड़ी खुशी से चिन्हित स्थानों पर लगवा कर वाहवाही लूटी

जिनमे विधायक निधि सांसद निधि जिला पंचायत निधि से  जलनिगम द्वारा इन नलो को लगवा दिया लेकिन कुछ महीनों बाद ब्लाक मोहन लाल गंज में लगने वाले दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने उन नलो में समर्सिबल लगवा लिया और देखते ही देखते उन नलो को बाउंड्री के अंदर कर सरकार ने जिस उद्देश्य से ये नल लगवाये थे वही अधिकतर गांवो के ग्रामीणों ने सरकार की मंशा पर पानी फेर दिया और उन सरकारी नलो पर अपना स्वामी बनकर अन्य ग्रामीणों को पानी पीने की पाबंदी लगा कर नल को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया

 ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक जबरौली  गौरा भद्दी खेड़ा  सिसेंडी निगोहा नगराम  सहित दर्जनों अन्य गांवों में ग्रामीणों द्वारा सरकारी इंडिया मार्का नलो पर अवैध कब्जेदारी कर मोहल्ला वासियो से लेकर राहगीरो तक को पीने के लिए पानी से वंचित कर दिया ग्रामीणों के बताया कि ऐसा नही है कि जिम्मेदारो को इस बात की जानकारी नही है क्योंकि बीते तहसील दिवसों से लेकर अन्य प्रशासनिक अफसरों से ग्रामीणों ने मौखिक व लिखित शिकायत भी की

 लेकिन सत्ता की हनक और पैसों की खनक के आगे जिम्मेदार अवैध नलो पर की गई अवैध कब्जेदारी हटवाना तो टूर की बात ग्रामीणों के द्वारा की गई शिकायतों की जांच तक मौके पर पहुच कर करना मुनासिब नही समझा जिससे ग्रामीण जनता में प्रशासन के इस रवैये से भारी रोष ब्याप्त है इतना ही नही कुछ ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी इस संदर्भ में कई बार जांच कराने की मांग ग्रामीणों शियायत दर्ज करके की लेकिन नतीजा मनगढंत झूठी रिपोर्ट लगाकर जिम्मेदारो ने अपना अपना पल्ला झाड़ लिया और ग्रामीण जनता की समस्या जस की तस बनी हुई है

कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त रखकर ये बात बताई की अधिकतर सांसदों व विधायको के खास चुनिदा लोगो के दरवाजे पर ही सरकारी नल लगते है वही सार्वजनिक स्थानों पर बहुत कम और ग्रामीण जनता इन सरकारी नलो का उपयोग न के बराबर कर पाती है वही दूसरी ओर ग्राम प्रधानों व बीडीसी के कुछ खास लोग और सांसद व विधायक के खास लोग ही इन नलो का फायदा उठा रहे है बस इसी का नतीजा है कि अवैध नलो पर कब्जेदारी कर  व उन्हें अपनी बाउंड्री वालो के अंदर कर गेट लगवा कर कुछ लोगो ने पूर्णतया उन्हें अपने कब्जे में कर अन्य ग्रामीणों को पीने के लिए पानी से भी वंचित कर दिया और ग्रामीणों के द्वारा की गई शिकायत का भी असर बेअसर साबित हुआ

जिससे अवैध नलो के कब्जेदारों के  हौसलें बुलंद है और  ग्रामीण शिकायतकर्ता अपने आप को ठगा सा महसूस कर सरकार की नीतियों से नाखुश नजर आते है । वही जिम्मेदारो की उदासीनता का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण जिम्मेदारो की कार्यशैली पर सत्ता की हनक और पैसों की खनक के आगे उनके ऊपर सवालिया निशान लगा निष्पक्ष जांच न कर और  सरकारी इंडिया मार्का नलो पर अवैध कब्जेदारों पर कार्यवाही न होने से मन  अपने आपको कोसते है और प्रशासन की दोहरी नीति से नाखुश है

इतना ही नही शिकायतकर्ताओं को ये अवैध नलो के कब्जेदार खरी खोटी सुनाते है और कहते है कि कर ली अपनी ख्वाहिश पूरी अभी तक कुछ हुआ नही और आगे भी कुछ नही होगा  जितनी मर्जी शिकायते करके देख लीजिए  वही दूसरी ओर सरकारी नलो पर अवैध कब्जेदारों के विरुद्ध तमाम  शिकायत के बाद भी कार्यवाही न होने से ग्रामीण जनता में रोष ब्याप्त है वही जब इस प्रकरण में खंड विकास अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई तो घंटी तो बजी लेकिन फोन नही उठा 

Support to Swatantra Prabhat Media

T & C Privacy

Comments