क्षेत्रीय विधायक सुरेश राही की भविष्यवाणी सच:  कुत्ते हुए उग्र 

क्षेत्रीय विधायक सुरेश राही की भविष्यवाणी सच:  कुत्ते हुए उग्र 

ख़बर का असर

नरेश गुप्ता/ एहतेशाम बेग की रिपोर्ट

क्षेत्रीय विधायक सुरेश राही की भविष्यवाणी सच:  कुत्ते हुए उग्र 


गौशाला से मांस न मिलने पर कुत्ते होते जा रहे आदमखोर

एक बच्चे और बकरी को बनाया शिकार

लहरपुर सीतापुर


डीएम के निरीक्षण के बाद ही हुआ हादसा

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश की बीजेपी सरकार ने पिछले साल प्रदेश के तमाम बूचड़खानों को बंद करा दिया था, जहां से आवारा कुत्तों को जानवरों के बचे-खुचे हिस्सों के रूप में खाने को कुछ मिल जाया करता था।

लेकिन अब प्रदेश के अधिकांश बूचड़खानों पर ताले लटकने की वजह से आवारा कुत्तों को खाने के लाले पड़ गए हैं, वही ग्राम सभा कोरैया गंगादास लहरपुर में बने गौशाला में बीते दिन गायों के कंकाल बरामद हुए थे जिसमें कुछ गायें मरी मिली थी

जिन्हें कुत्ते और कौए नोच नोच कर खा रहे थे । जब मीडिया के प्रकाश में मामला आया तो ग्राम प्रधान अम्बरीष कुमार वर्मा ने आनन फानन उन गायों को गढ्ढे खोद कर दफना दिया गया जिसका पोस्टमार्टम तक नही कराया । ख़बर प्रकाशित होने के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी,डीडीओ , लहरपुर उपजिलाधिकारी रामदरश राम , हरगांव बीडीओ, हरगांव पशु चिकित्सक के साथ पूरा अमला मौके पर पहुंच गया । 

प्रशासन कर रहा खानापूर्ति मामले को दबाने की कर रहा कोशिश

गायों के लेंन देंन खरीद फ़रोख़्त का कोई लेखा जोखा नही ग्राम प्रधान के पास रातों रात 200 के ऊपर पहुंची गायें और रातों रात ही पशु चिकित्सक ने कर दी टैगिंग। चारे के नाम पर गायों के नाम गौशाला के नाम पर पशु चिकित्सक खेल रहा बड़ा खेल।

मांस न मिलने से कुत्ते हुए आदमख़ोर

यही वजह है जिसकी वजह से वे अब इंसानों के बच्चों पर हमला कर रहे हैं।

ताजा मामला उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले का है। जहां के लहरपुर तहसील के ग्राम कोरैया गंगादास में एक दिल दहला देने वाली घटना में आवारा कुत्तों के  काटने से 15 साल का बच्चा घायल हो गया भयभीत होने से बेहोश हो गया और एक बकरे को मौत के घाट उतार दिया।

गौरतलब है कि सीतापुर में ये कोई पहली घटना नहीं है। बीते कुछ महीनों में कुत्तों के काटने से जिले में कई बच्चों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों की लगातार गुहार और अखबारों में खबरें छपने के बावजूद शासन- प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ग्राम प्रधान पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिसका नतीजा शनिवार डीएम के निरीक्षण के बाद देखने को मिला।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में आवारा कुत्तों के हिंसक होने और इंसानों पर हमला करने की ये कोई पहली घटना नहीं है। कई माह पहले सीतापुर जिले के खैराबाद में हो चुका है अलीगढ़ सरकारी अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के मुर्दाघर में रखे एक शव को आवारा कुत्तों द्वारा नोंचने का मामला सामने आया था। इस घटना ने आवारा कुत्तों के आतंक के साथ ही प्रशासन की लापरवाही और असंवेदनशीलता की पोल खोलकर रख दी। जहां कुत्ते अब बने गौशाला में रह रही गायों को नोच नोच खाये जा रहे हैं और प्रधान गौशला निधि का पैसा ।

सीएम योगी आदित्यनाथ कब लेंगे लापरवाही अधिकारीयों के ख़िलाफ़ एक्शन 

 सीएम द्वारा राज्य के सभी बूचड़खानों को बंद करा दिया गया था। जिसका नतीजा अब आवारा कुत्तों के इंसानों पर हमला करने के रूप में सामने आने लगा था। वही बने गौशाला में मरी गायों को दफनाने से कुत्तों को मांस नही मिला तो टूट पड़े इंसानों और जानवरों पर अगर जल्द एक्शन न लिया गया तो वो दिन दूर नही जब गांव के इंसानों और जानवरों की रगों में रैबीज़ दौड़ेगा जिसकी वजह से हज़ारों लोग रेबीज की वजह से मर जाते हैं। ऐसे में अगर जल्द ही उत्तर प्रदेश की सरकार इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाती है तो आने वाले दिनों में स्थिति और भायवह हो सकती है।

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