लक्ष्मण को शक्ति लगने से रामादल में छाया शोक का माहौल

लक्ष्मण को शक्ति लगने से रामादल में छाया शोक का माहौल

53 वर्षों से लगातार होते चले आ रहे रामलीला महोत्सव में ग्रामीण कलाकारों ने दिखाया अभिनय का जलवा

            संवाददाता - जयदीप शुक्ला

तरबगंज,गोण्डा-

मेघनाद लक्ष्मण के भीषण युद्ध में    वीर घातिनी शक्ति के प्रयोग से मेघनाद ने लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया जिससे पूरे रामादल में दुःख के बादल छा गए।

दुखभंजन हनुमान जी ने संजीवनी बूटी लाकर सुषेण वैद्य के द्वारा फिर से लक्ष्मण को सचेत कर रामादल में फूंकी जान।अंत मे राम रावण के भीषण संग्राम में धर्म की विजय हुई व अधर्मी रावण पूरी सेना समेत मारा गया।

तरबगंज क्षेत्र के ग्रामसभा सिंगहाचंदा के मजरा खाले दुबरा में 3 नवंबर से चल रहे 6 दिवसीय रामलीला महोत्सव का समापन 8 नवंबर दिन शुक्रवार को रावण वध के साथ समाप्त हुआ।

विगत 53 वर्षो से लगातार चलते आ रहे रामलीला महोत्सव के इस बार अंतिम दिन के कार्यक्रम का उद्घाटन महादेव ट्रेडर्स के मालिक शिवप्रसाद मिश्रा ने फीता काटकर किया। व्यवस्थापक पंडित जगन्नाथ मिश्र के देखरेख में लगातार 53 वर्षों से चलते आ रहे रामलीला मंच के सभी पात्रों की भूमिका गांव के लोगों द्वारा ही निभाई जाती आ रही है।

सभी कलाकार अपने अभिनय के जादू से रामलीला के पात्रों का बखूबी रोल अदा करते हैं।मेला संरक्षक राजन तिवारी,मुख्य मार्गदर्शक वीरेंद्र कुमार मिश्र उर्फ दद्दन मिश्रा,मुख्य संरक्षक व संरक्षक अशोक कुमार तिवारी व प्रधान बौरिन्हा,अध्यक्ष राहुल मिश्र,उपाध्यक्षआशीष तिवारी,महामंत्री मोहित मिश्र,कोषाध्यक्ष रवि यादव ननके के देखरेख में इस बार के रामलीला महोत्सव का मंचन व समापन सफलतापूर्वक किया गया।

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