सदर विधायक ने पालिका की कार्यप्रणाली पर खड़े किये सवाल

सदर विधायक ने पालिका की कार्यप्रणाली पर खड़े किये सवाल

सदर विधायक ने पालिका की कार्यप्रणाली पर खड़े किये सवाल


शहर में फैली गन्दगी व पालिका में फैले भ्रष्टाचार पर चिन्ता व्यक्त की


वर्तमान में पालिका के भ्रष्टाचार की जाँच है लम्बित 


ललितपुर। Ravi shankar sen

नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने एक बार फिर सवालिया निशान खड़े कर दिये हैं। साथ ही उन्होंने पालिका कार्यालय में जाकर पूरी स्थिति का जायजा लिया, जहाँ से उन्हें पालिका फैले भ्रष्टाचार के अलावा पालिकाध्यक्ष पति की कारगुजारियों की जानकारी हुई है। तो वहीं शहर में फैली गन्दगी को तुरन्त सफाई करने के निर्देश दिये। यही नहीं पार्षदों की नाराजगी को देखते हुये, उन्होंने पालिका की अगली वेार्ड बैठक में स्वयं उपस्थित होकर स्थिति का जायजा लेने का निर्णय लिया है। 


नगर पालिका अध्यक्ष रजनी साहू भाजपा समर्थित प्रत्याशी हैं, किन्तु उनके कार्याकाल में पालिका में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। यही नहीं पालिका के पार्षद भी नाराज दिखायी दे रहे हैं। कुछ पार्षदों ने पालिका में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा ही खोल दिया है। उन्होंने जिलाधिकारी को साक्ष्य सहित पालिका में फैले भ्रष्टाचार जाँच कराने के प्रार्थनापत्र दिया था। इसके बाद जिलाधिकारी ने निष्पक्ष जाँच हेतु उपजिलाधिकारी सदर गजल भारद्वाज को जाँच सौंपी। जाँच के दौरान पालिका द्वारा किया गया भूसा घोटाला,

सुम्मेरा तालाब के नाम पर धन का बंदरवाँट के साथ पालिका में ऑउट सेार्सिंग कर्मचारियों को मानक के अनुरूप वेतन भुगतान न होने के साबूत प्राप्त हुये। हालाँकि अभी तक उपजिलाधिकारी द्वारा कोई भी जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को नहीं सौंपी गयी है। लेकिन पालिका में फैले भ्रष्टाचार की खबर आम आदमी की जुबान पर है। हालही में सुम्मेरा तालाब पर हो रहे घाटों के निर्माण कार्य में हो धांधली भी प्रकाश में आयी है। वहाँ पर गुणवत्ताहीन सामग्री की प्रयोग किया जा रहा है।

जिसमें पालिका करोड़ों रुपयों का बंदरबाँट भी प्रकाश मेें आया है। इन सब घोटालों में अधिशाषी अधिकारी के साथ नगर पालिका अध्यक्ष का भी हाथ है। अगर यह कहा जाये तो गलत नहीं होगा, कि भ्रष्टाचार की गंगा में अधिशाषी अधिकारी पूरी तरह डूब चुके हैं। हालाँकि जिला प्रशासन की ओर से उन्होंने कई बार हिदायत भी दी गयी है। लेकिन उन्होंने अपनी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं लाया गया है। अब देखना यह है कि सदर विधायक के हस्तक्षेप के बाद पालिका की कार्यप्रणाली मेें कितना बदलाव देखने को मिलता है। 

वोर्ड बैठक में मौजूद रहेगें सदर विधायक


पालिका वोर्ड बैठक में विधायक पदैन सदस्य होते हैं, वर्तमान में पालिका में फैले भ्रष्टाचार के कारण पार्षदों में असंतोष फैला हुआ है। इसके साथ ही कर्मचारी भी अध्यक्ष पति के दबाब में कार्य कर रहे हैं। इन्हीं सभी बातों को ध्यान में रखते हुये, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने वोर्ड बैठक में स्वयं उपस्थित होकर पूरी स्थिति के जायजा लेने का निर्णय लिया है। इसके अलावा प्रत्याशा वोर्ड प्रस्ताव के माध्यम से पालिका में चल रही धांधली का भी जायजा लेगें। 

 

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