पूर्व माध्यमिक विद्यालय रीछपुरा के प्रभारी प्रधानाध्यापक का कारनामा 

पूर्व माध्यमिक विद्यालय रीछपुरा के प्रभारी प्रधानाध्यापक का कारनामा 

पूर्व माध्यमिक विद्यालय रीछपुरा के प्रभारी प्रधानाध्यापक का कारनामा 

अनुपस्थित दिवस का विभागीय सांठ-गांठ से निकाला वेतन

शिक्षक संघ के सम्मेलन  मेंं शामिल होने के कारण 7 दिन रहा था अनुपस्थित

गौरव पाराशर बिरधा 

ललितपुर।

बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों की दिशा व दशा सुधारने के लिये प्रदेश सरकार द्वारा  लगातार  नये-नये कार्यक्रम संचालित किये जा रहे है, और करोड़ो  रूपये व्यय कर के विद्यालयों मेंं सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही है। जिससे विद्यालयों में उच्च कोटि का व गुणवत्तापरक शिक्षण कार्य हो सके।

परन्तु विद्यालयोंं मेंं तैनात  अध्यापक अपनी मनमानी पर उतारू है। जिस कारण  कार्यक्रमों का सफल क्रियान्वन नही हो पा रहा है। ताजा मामला विकासखण्ड  बिरधा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय रीछपुरा का है। जहां तैनात प्रभारी  प्रधानाध्यपक 7 दिन लगातार अनुपस्थित रहे। परन्तु शिक्षा विभाग  के अधिकारियों की मेहरबानी के कारण उक्त प्रभारी प्रधानाध्यपक का वेतन भी निकाल दिया गया है। 

विकास खण्ड बिरधा  के पूर्व माध्यमिक विद्यालय रीछपुरा में 3 शिक्षक तैनात है। जिसमेंं 2 महिला शिक्षक व 1 पुरूष शिक्षक सम्मलित है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक का प्रभार  शिक्षक इंदर सिंह पटेल के पास है। जानकारी के अनुसार प्रभारी प्रधानाध्यापक इंदर सिंह पटेल 22 नबम्वर 2018 से 28 नबम्वर तक विद्यालय से अनुपस्थित रहे। विद्यालय मेंं मौजूद पत्र व्यवहार पंजिका मेंं उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस अवधि में इंदर सिंह पटेल अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अधिवेशन मेंं शामिल होने के लिये बोधगया बिहार गये हुये थे। परन्तु इस अवधि मेंं न तो कोई आकस्मिक अवकाश स्वीकृत कराया गया और न ही अपने अधिकारी से कोई स्वीकृति ली गयी।  

7 दिन अनुपिस्थत रहने के बाद भी प्रभारी प्रधानाध्यापक इंदर सिंह पटेल का वेतन नही काटा गया। वेतन के लिये विद्यालय से प्रेषित की जाने वाली पावना (अध्यापक उपस्थिति प्रपत्र) मेंं भी उक्त शिक्षक की अनुपस्थिति का विवरण दर्ज कर  नही भेजा गया।  क्योकि पावना भेजने का कार्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक का होता है।  इससे स्पष्ट होता है कि प्रभारी प्रधानाध्यापक इंदर सिंह पटेल ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुये अनुपस्थित दिवस का भी वेतन ले लिया। जिसमेंं खण्ड शिक्षा अधिकारी बिरधा की भी संलिप्तता है। 

जबकि उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की सचिव रूबी सिंह ने 22 नबम्वर को आदेश किया था कि जो शिक्षक अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बोधगया मेंं संपन्न होने वाले अधिवेशन मेंं प्रतिभाग कर रहे है। उनके समस्त अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त किये जाते है।  इसके बावजूद भी इंदर ङ्क्षसह पटेल ने किस प्रकार के अवकाश लेकर  सम्मेलन मेंं प्रतिभाग किया। यह अबूझ पहेली है। इस संबंध मेंं जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार वर्मा व खण्ड शिक्षा अधिकारी से बिरधा ब्रजेश सिंह से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उनके फोन बंद आये। 

 शिक्षण कार्य से अधिक राजनीति में रूचि रखते है प्रभारी प्रधानाध्यापक 
पूर्व माध्यमिक विद्यालय रीछपुरा प्रभारी प्रधानाध्यपक इंदर सिंह पटेल शिक्षण कार्य मेंं कम  राजनीति मेंं ज्यादा  रूचि  रखता है।  इसके द्वारा बिरधा मेंं एक महाविद्यालय का संचालन  भी अपने परिजनों के नाम पर किया जा रहा है। जिसमें  यह पर्याप्त समय देता है। पूर्व माध्यमिक  विद्यालय मेंं आये  विभिन्न मदों की धनराशि मेंं इसके द्वारा  दुरूपयोग किया गया है। विद्यालय मेंं कार्यरत अन्य शिक्षिकाओं से इसकी सांठ-गांठ है। जिसकारण  यह बारी-बारी से अनुपस्थित रहते है।  मजबूत राजनैतिक पकड़ व उच्चाधिकारियों के संरक्षण के कारण  उक्त प्रभारी प्रधानाध्यापक पर अभी तक कोई कार्यवाही नही हुयी है। 
 बीईओ बिरधा की मिली भगत से किया कारनामा 
परिषदीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के सतत पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी विकासखण्ड के खण्ड शिक्षा अधिकारी की होती है। वेतन के लिये प्रेषित की जाने वाली पावना खण्ड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से लेखा कार्यालय मेंं जाती है। इसके बावजूद  विकासखण्ड बिरधा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय रीछपुरा के प्रभारी प्रधानाध्यापक इंदर ङ्क्षसह पटेल द्वारा कूटरचित पावना प्रेषित की गयी और अनुपस्थित दिवस का वेतन भी लिया गया। इससे स्पष्ट है कि खण्ड शिक्षा अधिकारी बिरधा की मिली भगत से यह कारनामा किया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रभारी प्रधानाध्यापक व खण्ड शिक्षा अधिकारी बिरधा सजातीय है। इस कारण प्रभारी प्रधानाध्यापक को गलत कार्यो मेंं भी संरक्षण दिया जा रहा है
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