सपा: पूर्व जिलाध्यक्ष से नाराज नेताओं ने छोड़ी पार्टी

सपा: पूर्व जिलाध्यक्ष से नाराज नेताओं ने छोड़ी पार्टी

सपा: पूर्व जिलाध्यक्ष से नाराज नेताओं ने छोड़ी पार्टी


प्रत्याशी की बढ़ी मुश्किलें, भाजपा में शामिल हुये कदावर


प्रत्याशी व पार्टी नहीं छोड़ पा रही पूर्व जिलाध्यक्ष का मोह


ललितपुर। Ravi shankar Sen/ Antim kumar jain

समाजवादी में चल रही गुटबाजी के कारण पार्टी टूटने की कगार पर आ गयी है। पूर्व जिलाध्यक्ष एवं लोकसभा चुनाव प्रभारी के हिटलर शाही फरमान के कारण पार्टी के कदावर नेता व जनप्रतिनिधि पार्टी छोडक़र जा रहे हैं।

अधिकाँश नेताओं ने भाजपा की सदस्या भी ग्रहण कर ली है। पूर्व में समाचार पत्र द्वारा यह अंदेशा जता दिया गया था कि पूर्व जिलाध्यक्ष का विरोध कहीं प्रत्याशी की मुश्किलें न बढ़ा दे, हो भी यही रहा है। दिन व दिन महागठबन्धन के प्रत्याशी चुनाव नीचे ओर गिरता जा रहा है। बीते रोज भी कई सपा के कदावर नेताओं ब्लॉक प्रमुखों ने भाजपा की सदस्यता ली है। 


लोकसभा चुनाव के दौरान महागठबन्धन को उत्तर प्रदेश में काफी मजबूत माना जा रहा था। परन्तु झाँसी ललितपुर सीट पर इसके विपरीत है। पूर्व जिलाध्यक्ष तिलक यादव का पार्टी में जमकर विरोध है। जिस कारण पार्टी के कई नेताओं ने चुनाव प्रचार से दूरी बना रखी है। आये दिन कार्यकर्ताओं में तू-तू मैं-मैं हो रही है। कई नेता घर पर बैठ गये है। चूँकि गठबन्धन के तहत यह सीट समाजवादी पार्टी के खाते में आयी है।

समाजवादी पार्टी में चल रही आपसी रसाकस्सी के चलते, बसपा का वोटर भी दिशा हीन हो रहा है। यही नहीं समाजवादी पार्टी के ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत सदस्य व उनके परिजनों ने भाजपा की सदस्यता ले ली है। यही नहीं दर्जनों प्रधान भी इस सूची में शामिल हो गये हैं। यही नहीं नगर पंचायत अध्यक्ष तालबेहट भले ही निर्दलीय चुनाव जीतती रही हों। लेकिन उनकी आस्था भी समाजवादी पार्टी में रही है। उनका भी भाजपा में शामिल होना बढ़ा उलट फेर माना जा रहा है।

तो वहीं बिरधा, महरौनी व मड़ावरा के ब्लॉक प्रमुखों ने पार्टी छोड़ दी है। जिस कारण समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी शुरूआत में जितना मजबूत माना जा रहा था, वर्तमान में वह उतना ही कमजोर दिखायी दे रहा है। राजनैतिक विश£ेषकों की मानें तो इसका मूल कारण पूर्व जिलाध्यक्ष हैं, अगर पार्टी के समस्त पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने की उनमें क्षमता नहीं थी, तो उन्हें चुनाव में इतनी बढ़ी जिम्मेदारी नहीं सौंपनी चाहिए थी। 
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पूर्व जिलाध्यक्ष से नाराज प्रधान व प्रतिनिधियोंं मेंं ये रहे शामिल 


समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष से असंतुष्ट जनप्रतिनिधियों में ब्लॉक प्रमुखों व जिला पंचायत  सदस्योंं के अलावा  भारी संख्या मेंं प्रधान व उनके प्रतिनिधि शामिल हुये। इनमेंं  खितबांस प्रधान  बीरेन्द्र सिंह तोमर उर्फ बीरू  राजा, पनारी प्रधान प्रतिनिधि अजय श्रीवास्तव, बख्तर प्रधान फूल सिंह लोधी, बूचा प्रधान  विनोद रजक, पाली ग्रामीण  प्रधान जगदीश कुशवाहा, दशरारा प्रधान अनुराग खरे, प्रधान पारोल रामगोपाल, बानपुर प्रधान साहबेन्द्र  सिंह, रमपुरा कटवर प्रधान  राजेन्द्र प्रसाद चौबे,

सतौरा  प्रधान राम बिहारी दुबे, निबाहो प्रधान  कोमल ङ्क्षसह लोधी, थोवन खैरी प्रधान अशोक कुमार लोधी थनवारा प्रधान सुरेश कुमार नायक, टीकरा तिवारी प्रधान अवधेश तिवारी, दैलवारा प्रधान संजीव कुमार बरार, कुंआगांव प्रधान कृष्ण प्रताप ङ्क्षसह लोधी, बजर्रा प्रधान प्रमोद कुमार अहिरवार, जिजावन प्रधान जगदीश रजक, गंगानारा प्रधान गंगूराम रजक, सूरीखुर्द प्रधान प्रकाश सिंह, पिपारिया जागीर प्रधान लखन कुशवाहा प्रमुख रूप शामिल हुये। 

 

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