बेसिक शिक्षा विभाग: अनुचर से कराया जा रहा है बाबू का कार्य 

बेसिक शिक्षा विभाग: अनुचर से कराया जा रहा है बाबू का कार्य 

बेसिक शिक्षा विभाग: अनुचर से कराया जा रहा है बाबू का कार्य 


नियमोंं को ताक पर रखकर विद्यालय में तैनात अनुचर को कार्यालय मेंं किया सम्बद्ध 


नगर सुधार समिति बिरधा ने डीएम को दिया ज्ञापन

 
ललितपुर। Gaurav parashar

बेसिक शिक्षा विभाग सदैव ही अपने नये-नये कारनामों के लिये चर्चित रहता है। जो कारनामा किसी विभाग में संभव नही होता वह बेसिक शिक्षा विभाग में अधिकारियोंं की मिलीभगत से संभव हो जाता है। ताजा प्रकरण विद्यालय में अनुचर के पद पर तैनात व्यक्ति को पहले तो शासनादेश को ताक पर रखकर बीएसए कार्यालय मेंं संबद्ध  लिया गया। इसके बाद इस अनुचर पर बीएसए इतने मेहरबान हुए कि लिपिक का कार्य सौंप कर आईजीआरएस जैसे महत्वपूर्ण पटल का कार्य संचालित भी कराया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि बेसिक शिक्षा विभाग मेंं जबरदस्त अंधेरगर्दी व्याप्त है। 


सरकार बेसिक शिक्षा पर भले ही करोड़ो रुपये खर्च कर रही हो लेकिन जब तक जिम्मेदार अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार नही लाते तब तक धरातल पर कुछ नही हो सकता है ताजा मामला अस्थाई ड्यूटी का है वैसे अस्थाई ड्यूटी को लेकर समय-समय पर सरकार ने अनेकोंं आदेश जारी किये लेकिन अधिनस्थों ने उनका अनुपालन नही किया बेसिक शिक्षा की सचिव ने 12 अक्टूबर 2018 को पत्रांक बे.शि.प. /10014-10107/2018-19 में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारी को अस्थाई ड्यूटी हटाने के निर्देश दिए,

जिसके क्रम में घनश्याम वर्मा ने 22 अक्टूबर 2018 को पत्रांक 11270 के माध्यम से जनपद ललितपुर में लगी सभी अस्थाई ड्यूटी हटा दी।  लेकिन इस आदेश का पालन उनके ही कार्यालय में जब नही हुआ तो अन्य ब्लॉक संसाधन केन्द्र में स्तिथि क्या होगी यह स्पष्ट है इस सम्बन्ध में सामाजिक संस्था नगर सुधार समिति अध्यक्ष गौरव पाराशर के तत्वाधान मेंं जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह को एक शिकायती पत्र देते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लगी समस्त अस्थाई ड्यूटी हटाये जाने की मांग की।

ज्ञापन में बताया  कि गौरव त्रिपाठी अनुचर ओमकार दुबे की अस्थाई ड्यूटी जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय में लगी हुयी है, जिसमे गौरव त्रिपाठी अनुचर जो एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है उनको जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आईजीआरएस जैसी महत्वपूर्ण पटल का प्रभारी बनाया गया जो कि शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल पैदा करता है जबकि गौरव त्रिपाठी की मूल नियुक्ति जखौरा विकास खण्ड के थनवारा में है जो भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ललितपुर में अपना पदभार ग्रहण करता है वह उससे सांठ -गांठ करके अपनी अस्थाई ड्यूटी यथावद चलाता रहता है  परिवेश मालवीय सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय चंदेरा जो की सबसे ज्यादा लम्बे समय से अस्थाई ड्यूटी पर बीआरसी बिरधा पर है जबकि एक भी दिन बीआरसी पर कार्य करने नही आते है। ज्ञापन मेंं  जिलाधिकारी से सभी अस्थाई ड्यूटी हटाने की माँग की गयी।


 अनुचर बने बाबू, मास्टरों पर झाड़ रहे रौब 


गौरव त्रिपाठी अनुचर जिनकी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अस्थाई ड्यूटी लगी हुयी है बी.एस.ए. की कृपा से उन्हें प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण इकाई  आईजीआरएस का प्रभारी बनाया गया जिससे वह मास्टरों पर अपना रौब झाड़ते अक्सर कार्यालय में देखे पाये जाते है अस्थाई ड्यूटी लम्बे समय से विभाग में चलती आ रही है प्रदेश सरकार भले ही कुछ कर ले लेकिन जब तक विभागीय अधिकारी शिथिल है तब तक शासन की मंशा पूरी नही हो सकती है  कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी में कर्मचारियों का इतना अभाव है क्या जो एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को आईजीआरएस पटल का प्रभारी बना दिया गया। 

 

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