खाकी एक बार फिर हुई दागदार

खाकी एक बार फिर हुई दागदार

खाकी एक बार फिर हुई दागदार
पुलिस कर्मियों की अवैध वसूली से तंग आकर युवक तजे प्राण
इलाज के दौरान झांसी में युवक ने तोड़ा दम 
एसपी ने लाइन हाजिर कर कार्यवाही की इतिश्री
ललितपुर। Antim kumar jain/ Arif khan

एक फिर खाकी दागदार हुई है, भ्रष्ट पुलिस कर्मियों के प्रताडऩा से तंग आकर एक व्यक्ति ने जहर खाकर अपनी जीवन लीला को समाप्त किया है। पुलिस अधीक्षक ने दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर कार्यवाही की इतिश्री कर दी है।

जबकि मृतक ने अपनी मृत्यु से पूर्व सुसाइट नोट पर दारोगा व एक अन्य पुलिस कर्मी पर गम्भीर आरोप लगाये थे। साथ ही उसे मानसिक रूप से उसे इतना प्रताडि़त किया गया कि उसने अपने जीवन को समाप्त करने का निर्णय लिया। जनपद में यह प्रकरण चर्चा का विषय बना हुआ है। 
उल्लेखनीय है कि ग्राम नत्थीखेड़ा निवासी उमाशंकर पुत्र रतिराम  के ऊपर विगत कुछ वर्ष पूर्व एक फर्जी मुकदमा लिखा गया था। जिसमें ग्रामीणों व पत्रकार संगठनों के कारण फर्जी मुकदमें से बचाया गया था। विगत एक सप्ताह पूर्व उक्त युवक उमाशंकर को चौकी इंचार्ज राजकुमार निगम व सिपाही धीरेन्द्र तिवारी अपने साथ ले गए थे। इसके बाद शुक्रवार की शाम युवक ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी जान देने का प्रयास किया। जिसमें जहर खाने के पूर्व उसने अधिकारियों का जिक्र करते हुए लिखा कि वर्दी की वो कसम याद करो जिसमें तुमने कानून की रक्षा की सौंगध खाई थी। मगर कसम भूल कर सन 2014 में थानाध्यक्ष राजेश यादव ने फर्जी लूट के मुकदमें में मुझे और मेरे कुलगुरू को फंसाया था।

किसी तरह ग्रामीणों व पत्रकारों ने मुझे बचाया था। इसके बाद भी नत्थीखेड़ा पुलिस के चौकी इंचार्ज  राजकुमार निगम, सिपाही धीरेन्द्र तिवारी उसे घर से ले गए तथा एक फर्जी मुकदमा के बदले 40 हजार रूपए, धारा 25 के मुकदमें के लिए 15 हजार रूपए दरोगा कृष्णवीर सिंह ने लिए। इसके बाद भी विगत कई दिनों से चौकी इंचार्ज परेशान कर रहे है। जिसके लिए वह जहर खा कर अपनी जान दे रहा है।

पहले भी लगते रहे चौकी इन्चार्ज पर अवैध वसूली व मारपीट के आरोप
नत्थीखेड़ा चौकी इन्चार्ज ग्रामीणों से अवैध वसूली व मारपीट करने की घटनाओं में हमेशा चर्चित रहते है। इसके पहले भी चौकी इन्चार्ज की शिकायत ग्रामीणों द्वारा की गयी है। परन्तु पुलिस के आलाधिकारियों ने चौकी इन्चार्ज राजकुमार निगम पर कोई कार्यवाही नही की। अगर पूर्व में पुलिस विभाग के आलाधिकारियों द्वारा दारोगा के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही अमल में लायी गयी होती, तो आज उमाशंकर को आत्मघाती कदम नहीं उठाना पड़ता।

एसपी ने आरोपी पुलिस कर्मियों को किया लाइन हाजिर
पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग ने नत्थीखेड़ा चौकी इन्चार्ज राजकुमार निगम व सिपाही धीरेन्द्र तिवारी की प्रताडऩा व अवैध धन की मांग करने से परेशान होकर युवक ने जहर का सेवन कर लिया था। एसपी ने दोनो आरोपी पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। तो वहीं पूरे मामले की जांच क्षेत्राधिकारी को सौंप दी गयी है। लेकिन पुलिस अधीक्षक की इस मामूली कार्यवाही से क्षेत्रवासी संतुष्ट दिखायी नहीं दे रहे हैं। 

आक्रोशित ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव 
पुलिस प्रताडऩा से तंग आकर युवक की मौत से ग्रामीणों मेंं आक्रोश फैल गया। उन्होंने थाने का घेराव करते हुये, पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस के आलाधिकारी व पुलिस बल पहुंच गया। खबर लिखे जाने तक पुलिस अधिकारी शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिये जुटे हुये थे। इस प्रकरण पूरे जनपद मेंं पुलिस के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।  अगर आलाधिकारियों ने कोई ठोस कार्यवाही नही की तो स्थिति काबू से बाहर भी हो सकती है। 

 

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