शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली जनपद में बनी चर्चा का विषय

शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली जनपद में बनी चर्चा का विषय

शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली जनपद में बनी चर्चा का विषय
प्रभारी बीएसए ने अपने ही वेतन वहाली के आदेश को किया शून्य
ललितपुर।Ravi shankar sen/ Antim kumar jain

शिक्षा विभाग में इन दिनों भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। अभी प्रेरणा ऐप के प्रशिक्षण प्रक्रिया में चयनित सूची का प्रकरण शान्त ही नहीं हुआ था, कि अब एक ऐसा प्रकरण सामने आया है जो काफी चौकानें वाला है। हालही में एक शिक्षक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश को वहाली का मामला प्रकाश में आया है। हालाँकि प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बाद में अपने ही आदेश निरस्त कर दिया, किन्तु विभाग में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
इन दिनों बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। हालही में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार वर्मा कुछ निजी कारणों के चलते लम्बे अवकाश पर चले गये। उनके जाने बाद अपर बेसिक शिक्षा अधिकारी राजकुमार पुरोहित को बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रभार दिया गया।

लेकिन प्रभारी के तौर पर कुछ ऐसे कार्य इनके द्वारा संचालित किये गये हैं, जो पहले कभी देखने में नहीं आये हैं। सबसे बड़ा गड़बड़ झाला केआरपी में चयन सूची में हुआ था। मानकों को ताक रख शासनादेश के विरूद्ध इस सूची में शिक्षकों का चयन किया गया। इसके बाद हालही में एक और मामला प्रकाश में आया है, जब प्रभारी बीएसए द्वारा एक सहसमन्वयक की वेतन वृद्धि बहाल के आदेश किये गये। बताते चलें विगत 31 जुलाई को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सहसमन्वय पंकज जैन की शिकायत के बाद जाँच में दोषी पाये जाने पर 3 अस्थाई वेतन वृद्धि केा रोका था। प्रभारी बीएसए ने 1 नवम्बर को पंकज जैन की वेतन वृद्धि बहाली के आदेश जारी किये गये।

इसके बाद उन्हें जैसे ही उन्हें यह ज्ञात हुआ कि बेसिक शिक्षा अधिकारी छुट्टी से वापस आने वाले हैं, तो उन्होंने तत्काल 6 नवम्बर को अपने ही आदेश को शून्य करने का आदेश भी जारी किया। जब उनसे इसका कारण पूछा गया तो वह बताने की स्थिति में दिखायी नहीं दिये। साथ ही उन्होंने उक्त प्रकरण को दबाने का पूर्ण प्रयास किया। लेकिन विभाग में यह खबर चर्चा का विषय बनी हुई है। 

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