एआरटीओ: बिना पम्प के कर दिया एलपीजी गैस में वाहन का रजिस्ट्रेशन

एआरटीओ: बिना पम्प के कर दिया एलपीजी गैस में वाहन का रजिस्ट्रेशन

एआरटीओ: बिना पम्प के कर दिया एलपीजी गैस में वाहन का रजिस्ट्रेशन


सहायक सम्भागीय कार्यालय में फैला भ्रष्टाचार


आलाधिकारी जानकर भी बने अंजान


रविशंकर सेन


ललितपुर।

सहायक सम्भागीय कार्यालय में भ्रष्टाचार इन दिनों चरम पर पहुंच गया है। हालही में इस कार्यालय द्वारा एक ऐसे वाहन का पंजीकरण कर दिया गया, जो जनपद में नहीं हो सकता है। सहायक सम्भागीय अधिकारी द्वारा एक तिपाहिया वाहन का पैट्रोल/एलपीजी में पंजीकरण कर दिया गया, जबकि जनपद में एक भी सीएनजी व एलपीजी पम्प नहीं है। इस वाहन के पंजीकरण से विभाग में फैला भ्रष्टाचार उजागर हो गया है। जबकि जिम्मेदार अधिकारी पूरे प्रकरण में चुप्पी साधे हुये हैं। 


सहायक सम्भागीय कार्यालय में भ्रष्टाचार आम बात हो गयी थी, इसको सुधारने के लिए शासन ने परिवहन विभाग में होने वाले कार्यों को ऑन लाइन प्रारम्भ कर दिया। लेकिन विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के चाल चलन को वह नहीं सुधार पाये। यही कारण है आज भी परिवहन विभाग के सामने बीमा ऐजण्ड के रूप में कुछ लोग अपना धन्धा बना रहे है, यही लोग विभाग की दलाली करते हैं, साथ ही ऑन लाइन में भी किस प्रकार से अनैतिक कार्य हो सकते है, यह भी जानते हैं। चूँकि पूरा लेन-देन दलालों के द्वारा होता है, इसलिए विभागीय अधिकारियों पर सीधे तौर पर कोई भी आरोप नहीं लग पाता है। ऐसा ही एक प्रकरण हालही में प्रकाश में आया है,

जिसमें परिवहन विभाग अन्तर्गत सहायक सम्भागीय कार्यालय द्वारा हालही में एक तीन पहिया वाहन का रजिस्ट्रेशन किया, 21 अक्टूबर 19 को किये गये, रजिस्ट्रेशन में विभाग ने उक्त वाहन का पेट्रोल/एलपीजी में रजिस्ट्रेशन पंजीकरण कर दिया, जबकि जनपद में एलपीजी व सीएनजी पम्प नहीं है। जिस कारण जनपद में इस श्रेणी का पंजीकरण नहीं हो सकता था।

लेकिन विभाग द्वारा ऐसा करना कहीं न कहीं विभाग मे फैले भ्रष्टाचार को उजागर कर रहा है। ऐसा तो एक रजिस्ट्रेशन प्रकाश में आया है, न जाने विभाग द्वारा और कितने ऐसे गैर कानूनी तरीके से पंजीकरण कर दिये, यह तो विस्तृत जाँच के बाद ही पता किया जाता है, हालाँकि उक्त प्रकरण से विभाग के आलाधिकारी अवगत है, किन्तु किसी प्रकार की कार्यवाही व प्रकरण अनभिज्ञ बनने का नाटक कर रहे हैं। 


गैस पंजीकरण वाहन चलते है घरेलू गैस से
जनपद मेें सीएनजी व एलपीजी पम्प नहीं है। यही कारण है कि लोग गैस किट पंजीकरण कराकर घरेलू गैस का उपयोग करते है, जिससे दुघर्टनाओं होती है। जनपद में कई वाहनों में आग भी लग चुकी है। अगर जनपद में ऐसे फर्जी पंजीकरण नहीं रोके गये, तो सडक़ों पर दुघर्टनाओं को नहीं रोका जा सकता है। 
इनका कहना है-
मामला आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है, इसकी जानकारी ली जायेगी, अगर ऐसा हुआ है, तो विभागीय कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। 
मुखलाल चौरसिया,
संम्भागीय परिवहन अधिकारी, झांसी। 
 

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