ठण्ड से ठुठर रहे बच्चे, स्वेटर वितरण प्रक्रिया अधर में

ठण्ड से ठुठर रहे बच्चे, स्वेटर वितरण प्रक्रिया अधर में

ठण्ड से ठुठर रहे बच्चे, स्वेटर वितरण प्रक्रिया अधर में


29 नबम्बर को ठेकेदार को करनी थी शतप्रतिशत आपूर्ति


दस प्रतिशत भी स्वेटर नहीं किये सप्लाई


शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से चल रहा खेल


ललितपुर। Antim kumar jain

बेसिक शिक्षा विभाग में स्वेटर वितरण प्रक्रिया में काफी झोल नजर आ रहा है। ठेकेदार द्वारा समयावधि पूर्ण होने के बाद भी आपूर्ति नहीं की गयी है। जबकि शुक्रवार तक शाम तो माँग के अनुरूप आपूर्ति निर्धारित करनी थी, हालाँकि विभाग आपूर्ति पूर्ण होने की बात कर रहा है किन्तु वह सच्चाई के विपरीत है। कुछ ठेकेदार से स्वेटर मांगाकर शहरी क्षेत्र के विधालयों में वितरण प्रारम्भ कर दिया है। सूत्रों की मानें तो ठेकेदार द्वारा आपूर्ति के सापेक्ष दस प्रतिशत आपूर्ति भी नहीं की गयी है। 


उल्लेखनीय है कि बेसिक शिक्षा विभाग में  छात्रों को स्वेटर वितरण करने के लिए निविदा प्रक्रिया की गयी थी। इसमें अनियमितायें की शिकायतें प्राप्त होने पर पत्रावली को तलब किया गया, जाँच में पाया गया कि 49 लोगों ने इस निविदा प्रक्रिया में हिस्सा लिया था, जिसमें मात्र तीन लोगों निविदा प्रक्रिया में रखा गया, बाकि लोगों को अयोग्य अघोषित कर दिये गया था। जिलाधिकारी द्वारा करायी गयी जाँच में साथ ही यह बात भी प्रकाश में आयी थी, जिन फर्मों के टेण्डर प्रक्रिया रखा गया है,

वह एक व्यक्ति हैं। उन्होनें प्रक्रिया को पुन: करने बेसिक शिक्षा अधिकारी को आदेश दिये। इसके बाद  प्रक्रिया में शामिल समस्त 49 लोगों को फोन पर सूचना देकर आमंत्रित करने के आदेश जारी किये हैं। उन्होंने पत्रकारों को आश्वसत किया कि समय अवधि के भीतर छात्रों को स्वेटर वितरण कर दिये जायेंगे। साथ ही जिलाधिकारी ने जनपद में सबसे बेहतर व सबसे सस्ते स्वेटर वितरण किये जायेंगे। इसके लिए तीन सदस्यी टीम गठित की गयी। इसमें कई फर्मों ने प्रतिभाग किया,

इसके बाद एक फर्म द्वारा 148.50 रुपये में स्वेटर आपूर्ति की बात कही गयी, किन्तु समय पर शत प्रतिशत सप्लाई के लिए वह तैयार नहीं हुआ। 34 अन्य ऐसे ठेकेदार जिनका वर्तमान आपूर्ति कर्ता से कम रेट थे। लेकिन किसी भी समय पर शत प्रतिशत आपूर्ति के लिए मौके पर रजामन्दी व्यक्त नहीं की। इसके बाद यूपी इन्डरस्ट्रीट कोपरेटिव एसोसियट लिमिटेड कानपुर/लखनऊ को 178.75 रुपये में आपूर्ति इस शर्त पर दी गयी, कि 29 नबम्बर शाम तक शतप्रतिशत आपूर्ति दी जायेगी।

सूत्रों की मानें तो अभी फर्म ने मात्र 9700 स्वेटर ही जनपद में सप्लाई किये हैं। वहीं फर्म को 1 लाख 74 हजार 197 स्वेटर जनपद में सप्लाई करने थे। इस फर्म को 50 लाख रुपये अधिक सिर्फ इसलिए दिये गये थे, वह समय पर सप्लाई दे देगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे शासन का धन तो खर्च हुआ ही साथ ही बच्चों को समय पर स्वेटर नहीं मिल सके।

 

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