नवनिर्मित रजत रथ में विराजित श्री जी की नयनाभिरामक शोभायात्रा देखने उमडा श्रद्धा का सैलाव

 नवनिर्मित रजत रथ में विराजित श्री जी की नयनाभिरामक शोभायात्रा देखने उमडा श्रद्धा का सैलाव

 

नवनिर्मित रजत रथ में विराजित श्री जी की नयनाभिरामक शोभायात्रा देखने उमडा श्रद्धा का सैलाव

नवयुवकों ने हाथों से खीचकर किया रजत रथ का प्रवर्तन, आचार्य विनिश्चय सागर के ससंघ के दर्शनार्थ उमडे श्रद्धालु

क्षेत्रपाल मंदिर में भक्तिपूर्वक हुई प्रभु की महाआरती

ललितपुर। Antim kumar jain

कार्तिक पूर्णिमासी पर जैन धर्माविलम्बियों ने आकर्षक ढंग से सुसज्जित नवनिर्मित रजत रथ में श्री जी को विराजित कर आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में निकली। षोभायात्रा में विभिन्न मंदिरों के वृशभ रथ एवं विमान जी में विराजित कर श्री जी को लेकर भक्तजन बडे ही श्रद्धा और भक्ति के साथ चल रहे थे। षोभायात्रा निर्धारित मार्ग से क्षेत्रपाल मंदिर जी पहुची जहां श्री जी का अभिशेक हुआ और सायंकाल भक्तिपूर्वक नगर के सभी मंदिरों के विमान जी में विराजित श्री जी की भव्य महाआरती हुई। 

प्रात:काल जैन अटामंदिर में आचार्य विनिश्चय सागर महाराज ने धर्मसभा में विमान जी की नगर में यात्रा को पुण्यकारी बताते हुए कहा ललितपुर जैन समाज ने रजत रथ निर्मित कराकर प्रदेष में प्रथम रजत रथ प्रर्वतन का जो सौभाग्य अर्जित किया वह निश्चित ही अनुकरणीय है। धर्मसभा के उपरान्त रजत रथ में श्री जी को विराजित करने का पुण्र्याजन करने वाले पात्रों का चयन हुआ। जिसमें सोमचंद संजीव कुमार सौधर्म इन्द्र,सारथी संदीप कुमार अलंकार ज्वैलर्स, ध्वजा कोमलचंद महावीर कार्ड, चंवर संजीव जैन लकी बुक, विजय कुमार लागौन वाले, शास्त्र पुण्र्याजन शादीलाल जैन एड, कपूरचंद लागौन चयनित हुए धर्मसभा का संचालन डा. सुनील जैन संचय ने किया।

मध्यान्ह में जैन बडामंदिर से श्री जी की भव्य शोभायात्रा जिसमें श्री जी का रथ एवं विमान जी में विराजित कर जयजयकारों के वीच प्रारम्भ हुई शोभायात्रा नयामंदिर जी पर पहुची जहां से श्री जी को रथ एवं विमान में विराजित कर श्रावक प्रभावना पूर्वक नगर भ्रमण के लिए निकले। कटरा बाजार होते हुए शेभायात्रा जव आगे बडी तो मार्ग में श्रावकों ने श्री जी की आरती उतारी और दर्शन कर पुण्र्याजन किया। शोभायात्रा में वाहुवलि नगर एवं डोढाघाट मंदिर के विमान जी जैन अटामंदिर से सावरकर चौक पर पहुचे जहां रजत रथ में विराजित श्री जी को लेकर सौधर्म इन्द्र श्री जी के साथ षोभायमान थे वहीं रथ में ध्वज पताकाए चवर लेकर सारथी की भूमिका में समाज श्रेष्ठी विराजित थे

जिसको नवयुवक धर्मालुजन जयजयकार करते हुए हाथों से खींच कर अपनी भक्ति दिखा रहे थें।  मंदिर जी के विमान जी के साथ गाजे बाजे के साथ सावरकर चौक पर शोभायात्रा में सम्मलित हुए। शोभा यात्रा का शुभारम्भ जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ला, पुलिस अधीक्षक कैप्टन एम एम बेग, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से झंण्डी दिखाकर किया और विमान जी की आरती उतारी। शोभायात्रा को भव्यता वीर व्यायामशाला बडामंदिर के स्वयंसेवकों के करतव दिखाते हुए प्रदर्शन कर रहे थे,

जो आकर्षण का केन्द्र रहा। युवक युवती लेजम चाचर का प्रदर्षन कर चल रहे थे। स्थान स्थान पर विभिन्न सामाजिक एवं स्वंयसेवी संगठनों ने शोभायात्रा का तोरण द्वार बैनरों के माध्यम से स्वागत किया। घंटाघर पर वीर व्यायामशाला के स्वंयेवकों ने भक्तजनों के साथ श्री जी की आरती उतारी और दर्शनलाभ लिया। घंटाघर चौक पर इलाइट मंदिर के विमान जी सम्मलित हुए जहां से तहसील तिराहा होते हुए तुवन चौराहे पर विमान जी पहुचे जहां से वर्णी चौराहा होते हुए क्षेत्रपाल मंदिर जी में विमान जी पहुचे। जहा श्री जी को विराजित कर अभिषेक हुआ। 

 

रजत रथ प्रवर्तन कर ललितपुर जैन समाज ने इतिहास रचा

संत शिरोमणि आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज के आशीर्वाद एवं मुनि श्री अभय सागर महाराज, पूज्य सागर महाराज एवं प्रभात सागर महाराज की प्रेरणा से ललितपुर जैन पंचायत ने रजत रथ में श्री जी प्रवर्तन कराकर उप्र में इतिहास रचा है। शुद्ध चांदी से निर्मित रजत रथ को तैयार करवाने में समूची जैन समाज ने अपनी उदारता का परिचय देकर उल्लेखनीय कार्य किया।

रजत रथ का जब पहली बार नगर में आचार्य विनिश्चय सागर महाराज के सानिध्य में प्रवर्तन हो रहा था जैन-जैनेतर श्रद्धालु बडी ही भक्ति से श्रद्धा पूर्वक वंदन कर रहे थे जिसकी छटा भी निराली थी।

 

 

 

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