कर्ज की बोझ से परेशान किसान ने फाँसी लगाकर दी जान

कर्ज की बोझ से परेशान किसान ने फाँसी लगाकर दी जान


कर्ज की बोझ से परेशान किसान ने फाँसी लगाकर दी जान


तालबेहट। Sunil tripathi

भले ही किसानों को सरकार कर्ज मुक्ति से लेकर बर्बाद फसलों का मुआवजा दे मगर लापरवाह अधिकारियों के चलते  को गरीब किसानों को कर्ज से मुक्ति नहीं मिलती। जिसके चलते किसान आत्महत्या को मजबूर हो रहे। ऐसे ही एक मामले में महरौनी थाना क्षेत्र के किसान ने कर्ज के बोझ से मुक्ति को तालबेहट स्टेशन के समीप फाँसी के फंदे से लटकर आत्महत्या कर ली।


शनिवार की सुबह स्थानीय रेलवे स्टेशन के नजदीक नीम के पेड़ से लटकती लाश मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक के नजदीक एक कपड़ो से भरा बैग रखा हुआ था। सूचना पर कोतवाली पुलिस ने पहुंचकर शव की शिनाख्त का प्रयास किया।

जिस पर मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान गुमान 50 वर्ष पुत्र बख्ते निवासी सिंगेपुर थाना महरौनी को रूप मे हुई। मौके पर पहुचे जी आर पी इंर्चाज  अख्तर हुसैन ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया।

मृतक किसान के पुत्र सोनू ने बताया कि उसके पिता तीन दिन से लापता थे और उसके पिताजी के ऊपर विरधा पंजाब नेशनल बैंक से कृषि कार्ड का 175000 रूपये का लोन था उसी का से परेशान होकर उन्होंने फांसी लगाकर जान दे दी।

 

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