लम्भुआ की सड़कें करें पुकार, कोई करो मेरा उद्धार, गड्ढा मुक्त अभियान

लम्भुआ की सड़कें करें पुकार, कोई करो मेरा उद्धार, गड्ढा मुक्त अभियान
  • लम्भुआ की सड़कें करें पुकार, कोई करो मेरा उद्धार, गड्ढा मुक्त अभियान
  • गड्ढा मुक्त अभियान को राष्ट्रीय राजमार्ग  दिखा रहा ठेंगा।
  • लम्भुआ व चांदा कस्बे की सड़कें गड्ढे में हुयी है तब्दील।
  • न किसी अधिकारी न कर्मचारी और न कोई जनप्रतिनिधि दे रहा ध्यान।

 

लम्भुआ/सुल्तानपुर

            योगी सरकार ने प्रदेश में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए एक बहुत बड़ी मुहिम चलाई थी, जिसके तहत काफी हद तक सड़कों का गड्ढा मुक्त किया गया किंतु उसके बाद भी बहुत जरूरी- जरुरी सड़के हैं जिन पर गड्ढा ज्यादा सड़क कम दिखता है ।

जिन पर रोज जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी चलते हैं फिर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। मजे की बात तो ये है कि यह राष्ट्रीय राज्यमार्ग की हालत बीजेपी सांसद व विधायक के क्षेत्र की है।

            हम बात कर रहे हैं जिले के लम्भुआ व चांदा कस्बे की, जहां पर लखनऊ-वाराणसी एनएच 56 की सड़कों पर चलना दूभर हो गया है । जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं जिसकी वजह से दुर्घटना की संभावना बढ़ गई है और कहीं कहीं दुर्घटना भी हो जा रही है।

लम्भुआ कस्बा तहसील मुख्यालय होने की वजह से अधिकारियों-कर्मचारियों व जिम्मेदार प्रतिनिधि देवमणि द्विवेदी का आना जाना लगभग प्रतिदिन का होता है ।

           चूंकि लखनऊ-वाराणसी राज्य मार्ग एवम् लम्भुआ तहसील मुख्यालय है, इसलिए यातायात वाहनों की आवाजाही भी बहुत होती है । वर्तमान समय में लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग का चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है जिससे कस्बे के बाहर बाईपास बनाकर सड़क निर्माण किया जा रहा है

किंतु बाजार से गुजरने वाली सड़कों का हाल बहुत बुरा है ।जिम्मेदार विभाग भी इस विषय पर मौन है। योगी सरकार द्वारा चलाए जा रहे गड्ढा मुक्त अभियान को यह राष्ट्रीय राजमार्ग ठेका दिखा रहा है। आए दिन इन सड़कों पर दुर्घटनाएं भी हो रही है लम्भुआ बेदूपारा बाईपास  से लेकर डकाही गांव तक सड़कों की हालत बहुत ही खराब है। वहीं नरहरपुर क्रॉसिंग के बाद कोथरा व चांदा बाजार होते हुए चांदा बाईपास तक सड़क की हाल बहुत ही खराब है। इन सड़कों पर ना तो कोई अधिकारी ध्यान दे रहा हो और ना समाजसेवी नेता।

वर्तमान में वरुण गांधी क्षेत्र के सांसद भी हैं और बीजेपी के 190 लम्भुआ विधानसभा से देवमणि द्विवेदी  जी विधायक भी हैं । जनता की उम्मीदों पर पानी फिर रहा है । आदर्श आचार संहिता के पूर्व इस विषम परिस्थिति का निपटारा किया जा सकता था किन्तु इन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की चुप्पी चिन्ता का विषय है । आखिर इन बेहाल सड़कों का कौन उद्धार करेगा ? बड़ा मुद्दा और बड़ी समस्या है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है लेकिन किसी का ध्यान नहीं पड़ रहा है।

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