35 लाख जनपद वासियो की जिंदगी के साथ के खिलवाड़ पीएम की गंगा मैली

35 लाख जनपद वासियो की जिंदगी के साथ के खिलवाड़ पीएम की गंगा मैली

उन्नाव के 35 लाख लोगों की जिंदगी के साथ खुला खिलवाड़ हो रहा चुने हुए जनप्रतिनिधि जिला प्रशासन मौन है ....

सात यान्त्रिक कत्लखाने अनेको चर्म इकाई संचालित है..यान्त्रिक कत्लखानों से निकलने वाला बेजुबानों का खून युक्त गन्दा प्रदूषित पानी रात के अंधेरे में नालो व टैंकरों से लोनी व सिटी ड्रेन में गिरकर गंगा जी तक पहुँचाया जा रहा ...सुबह करीब चार बजे नालो में बोरबेल चला कर श्रमिकों से नाले में झाड़ू से साफ कर दिया जाता ...जिससे किसी भी जाँच करने वाली टीम को प्रदूषित गन्दगी नही नजर आती...यही हाल चर्म इकाइयों के है नालो या टैंकरों के माध्यम ड्रेनों में गन्दगी गिराई जा रही ..

जिससे फैल रहे प्रदूषण से लोगो मे तरह तरह की गम्भीर बीमारियां पैदा हो रही ....विकलांगता दमा टीवी अस्थमा अन्धा पन आदि..दूसरी ओर भूगर्भ व हवा भी प्रदुषित हो रहा....साथ ही प्रधानमंत्री की सबसे महत्व पूर्ण योजना स्वच्छ निर्मल गंगा बनाना खटाई पड़ गई और गंगा मैली होती जा रही ....देश का पच्चास हजार करोड़ रुपया स्वच्छ गंगा निर्मल गंगा बनाने में जो खर्च हो रहा वह मात्र देश के 135 करोड़ की जनता को मूर्ख बनाने का काम साबित हो रहा है जीरो ग्राउंड से विशेष रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औधोगिक नगरी का स्थान प्राप्त कानपुर के बीच बसा उन्नाव जनपद जो देश मे सबसे अधिक जनसंख्या वाली लोकसभा का क्षेत्र है ...35 लाख जनसंख्या 23 लाख मतदाता है ...जहाँ चार  औधोगिक क्षेत्र दही चौकी आकरम पुर मगरवारा बन्थर सात मवेशी बधशालाओ के साथ सैकड़ो चर्म इकाइयां व अन्य कारखाने जो भयंकर रूप से प्रदूषण फैलाते है

हकीकत है क्या

वायु व जल प्रदूषण से केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार गम्भीर होकर कई योजनाएं बनाकर लोगो को इसके प्रभाव से बचने के लिये करोड़ो अरबो रुपये खर्च रही है वही जिम्मेदार अवैध धन की चकाचोंध में पलीता लगाने से बाज नही आ रहे है 

क्या हुआ था वादा

करीब दो दशक पूर्व कानपुर महानगर में अधिक प्रदूषण फैलते देख सरकार ने चर्म इकाइयों को बंद कराकर उन्नाव जनपद में स्थापित कराया....लोगो को यह बताकर की जनपद वाशियो को रोजगार मिलेगा ....परन्तु यह पूजी वादी लोगोने रोजगार के नाम पर धोखा दिया 60 प्रतिशत गैर जनपदों गैर प्रान्तों के लोगो को नौकरी पर तैनात कर दिया

भाजपा के प्रतिनिधि

-उन्नाव में एक सांसद साझी महाराज छः विधायक कुलदीप सिंह सेंगर अनिल सिंह पंकज गुप्ता बम्बा लाल दिवाकर ब्रजेश रावत ह्रदय नरायण दीक्षित जो विधानसभा अध्यक्ष भी है जिला पंचायत अध्यक्ष संगीत सेंगर एक एमएलसी भारतीय जनता पार्टी के चुने हुए जनप्रतिनिधि है

बड़बोले जिम्मेदार

भारतीय जनता पार्टी के  राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने वर्ष 2016 में सम्पन होने से पहले जनपद शहर के जीआईसी मैदान में 35 लाख लोगो 21 लाख मतदाताओं से दावे के साथ वादा किया था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते चौबीस घण्टे एक विशेष अध्यादेश लाकर संचालित मवेशी बधशालाओ की ताला बन्दी की जायेगी....किन्तु भाजपा की सरकार बनने के बाद दो मवेशी बधशालाओ के निर्माण की स्वीकृति और मिल गई.....क्या हुआ तेरा वादा तेरे वादे पर 35 लाख लोग 21 लाख मतदाता तो मेरे गये

 

करनी कथनी की  हकीकत 

 

क्या बोला-देवेंद्र कुमार पाण्डेय(जिलाधिकारी)

जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पाण्डेय बड़े दावे के साथ कहते....कोई भी स्लॉटर हाउस गन्दा प्रदूषित पानी व मवेशियों का खून नालो में नही बहा रहा है ना ही चरम इकाई गन्दगी बहा रही है सभी के नालो को टेपिंग करके CEPT से जोड़ा गया है जिसकी लगातार मॉनिटरिंग हो रही और प्रतिदिन की रिपोर्ट up व केंद्र पैलुशन बोर्ड को भेजी जाती है....वही cept के जिम्मेदार कैमरे के सामने बोलने को तैयार नही होते ......किन्तु cept से सम्बन्ध इकाइयों की जो सूची दी है उसमें दही चौकी औधोगिक क्षेत्र की मात्र 14 चमडा इकाइयां जुड़ी है वह भी इकाइयां cept सभी बन्द की जा चुकी ?....कौन सच्चा कौन झुठा

मुझे नही मालूम

क्या बोल रहे जिम्मेदार 

ह्रदय नरायण दीक्षित(विधानसभा अध्यक्ष)

ह्रदय नरायण दीक्षित वह नाम है जो कलम के धनी और राजनीति के चारण्यक कहा जाता है भाजपा के सबसे पुराने सिपाही है ...प्रदेश के प्रवक्ता से लेकर विपक्ष के नेता तथा आज विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर विराज है ....जिनका जन्म पुरवा विधानसभा के विकास खण्ड हिलौली क्षेत्र के ग्राम लउवा सिघन खेड़ा में हुआ था जो कहते है जनपद के 35 लाख लोगों के जीवन के साथ हो रहे खिलवाड़ की जानकारी नही फिर तो प्रदेश की बात करना एक कोरा मजाक होगा?

 

 

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