अमेरिकन कोचिंग के डायरेक्टर मनीष राघव को स्वतंत्र प्रभात ने बनाया लखनऊ का ब्यूरोचीफ......

अमेरिकन कोचिंग के डायरेक्टर मनीष राघव को स्वतंत्र प्रभात ने बनाया लखनऊ का ब्यूरोचीफ......

स्वतंत्र प्रभात लखनऊ

मनीष राघव अमेरिकन कोचिंग की लखनऊ शाखा  के  डायरेक्टर है। ये अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर यहां तक पहुंचे है और इन्होंने कई क्षेत्रों में अपने मेहनत के दम पर कई सारी उपलब्धियां हासिल की है।इनका जीवन कई उतार  और चढ़ाव से भरा रहा लेकिन इन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और उसी वजह से मनीष राघव आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है।

प्राथमिक शिक्षा- 

इन्होंने अपनी शुरू की स्कूल की पढ़ाई मेरठ से की, जब इनकी माता श्रीमती रूपेश राघव पुलिस में इन्स्पेक्टर के पद पर मेरठ में पोस्टेड थी।
वहाँ से ये आगरा आए जहाँ इन्होंने सेंट जोंस कॉलेज से ग्रैजूएशन पूरी की । 
फिर नैशनल इंस्टीट्यूट से सेल्स में एमबीए किया।

कैरियर की शुरुआत-

2002 में इन्होंने अपने भाई श्री अमित राघव के साथ अमेरिकन इन्स्टिटूट के रूप में बिज़नेस की दुनिया में कदम रखने के साथ - साथ अपने कैरियर की भी शुरुआत की ।

 यहां से इन्होंने अपनी बिज़नेस स्किल से  अपनी एक ब्रांच फिरोजाबाद में तथा 2009 में अमेरिकन इंस्टीट्यूट की एक और ब्रांच लखनऊ में  शुरू की । इसके बाद ये पीछे मुड़कर नहीं देखे और अपने अंदर के बिजनेस मैन को धार देते हुए एक के साथ एक उपलब्धियां हासिल करते रहे।
 उपलब्धियां -

इनकी मेहनत और लगन का ही नतीजा रहा कि सन 2017 में इनके इंस्टीट्यूट को आई॰ई॰एस॰ई॰ के द्वारा पूरे भारत के बेस्ट  इंग्लिश स्पीकिंग इन्स्टिटूट का अवार्ड मिला, यही नहीं 2018 में एजुकेशन सर्विस एक्सीलेंस  कम्पनी की तरफ़ से इन्हें  नोर्थ इंडिया का मोस्ट प्रॉमिसिंग टीचर का अवार्ड भी खेल मंत्री श्री चेतन शर्मा द्वारा दिल्ली रेडिसन होटल में दिया गया । 
मनीष राघव की अमेरिकन इन्स्टिटूट की ब्रैंचेज़ लखनऊ के अलावा कानपुर फ़ीरोज़ाबाद शिकोहाबाद एवम् आगरा में बेहतर तरीके से चल रही हैं। लखनऊ के सबसे पुराने और सबसे बड़े राइडिंग क्लब अवध स्प्रिट राइडर्स के पदाधिकारी होने का गौरव भी प्राप्त हो चुका है।
शौक -
बाइक राइडिंग का शौक  इनमें इस कदर है कि  अपनी रॉयल इनफील्ड बाइक से ये कई बार नेपाल, लेह, लद्दाख , नैनीताल, हिमाचल मनाली, ग्वालियर, आगरा, दिल्ली पटल भुवनेश्वर, जैसी कई जगह अपने साथियों के साथ गए है,और अक्सर जाते रहते हैं।

चूंकि  तमाम जगह की संस्कृति और रहन सहन के बारे में जिज्ञासु प्रवित्त होने के कारण वहां की संस्कृति और रहन सहन से जुड़ी चीजें आत्मसात करने के साथ अपने साथ  इकट्ठा भी करते रहते हैं। इनका ग्रुप बहुत से लोकल राइड पे भी जाता रहता है। जहां पर ग्रुप का मुख्य उद्देश्य  लोगों को जो मलिन बस्तियों और ग्रामीण परिवेश में रहते हैं ऐसे  लोगो को बीमारी और स्वच्छता के फायदे के प्रति जागरूक करना है।


इसके अलावा चैरिटी के रूप में या किसी सामाजिक गतिविधियों में गरीबों की मदद आर्थिक या सामाजिक हर तरह से  करने के मामले में ये सबसे आगे रहते है।

इन्होंने पत्रकारिता आगरा में वरिष्ठ पत्रकार मीतेन रघुवंशी के साथ सीखी।चूंकि पत्रकारिता करने का शौक इनके अंदर बहुत पहले से था और इसका सबसे बड़ा कारण इनका ग्रामीण और मलिन बस्तियों में रहने वाली जनता के बीच आना जाना रहता था।

ये हमेशा से चाहते थे कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की बात को सरकार तक पहुंचना जरूरी होता है, जो आज कल की मीडिया ने करना बंद कर दिया है।इसलिए ये पत्रकारिता की तरफ रुख किए ।


इनकी मेहनत और ईमानदारी को देखते हुए स्वतंत्र प्रभात जो कि एक राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक अखबार है,ने मनीष राघव को लखनऊ से ब्यूरो चीफ बनाने का निर्णय किया।


स्वतंत्र प्रभात की पूरी टीम मनीष राघव को बधाई देने के साथ- साथ  पत्रकारिता के क्षेत्र में इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।

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