लखनऊ की तर्ज पर जनपद में लगने लगा जनता दरबार

लखनऊ की तर्ज पर जनपद में लगने लगा जनता दरबार

लखनऊ की तर्ज पर जनपद में लगने लगा जनता दरबार
डीएम द्वारा अन्तिम छोर के व्यक्ति को न्याय दिलाने की मुहिम 
शिकायताकर्ता को मिलेगा जिलाधिकारी कार्यालय में मिलेगा सम्मान 
ललितपुर। Ravi shankar sen/  Arif khan

 

जिलाधिकारी योगेश कुमार ने मुख्यमंत्री की तर्ज पर जनपद मुख्यालय पर जनता दरबार का प्रारम्भ कर दिया है। उन्होंने पदभार ग्रहण करते ही पाया की दूर दराज से आये पीडि़तों न्याय के लिए भटकना पड़ता था, साथ ही उन्हें जिलाधिकारी के सामने पहुंचने में काफी समस्याओं का सामना भी करना पड़ता रहा था। जनता की इस समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने कलैक्ट्रेट सभागार में जनता दरबार प्रारम्भ कर दिया है। जिससे की हर पीडि़त को यथाउचित सम्मान के साथ न्याय मिल सके। 


जिलाधिकारी योगेश कुमार ने जनपद में पदभार ग्रहण करते ही भ्रष्टाचारियों पर लगाम लगानी प्रारम्भ कर दी है। साथ ही कई भ्रष्टाचारियों के तत्काल कार्यवाही कर एक अलग ही संदेश दिया है। इसके अलावा उन्होंने जनता समस्याओं को सुनने के लिए जनता दरबार का प्रारम्भ भी कर दिया है। बताते चलें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जनता की समस्याओं के निस्तारण के लिए जनता दरबार का आदेश दिया था, किन्तु पूर्व में तैनात जिलाधिकारी ने इस आदेश पर कार्य न कर अपने चैम्बर में ही पीडि़तों से रूबरू होते थे। उनके जाने के बाद जिलाधिकारी के पद आये योगेश कुमार ने एक मुख्यमंत्री के आदेशों का क्रियान्वन करते हुये, जनता दरबार का शुभारम्भ कर दिया है।

उन्होंने जनता को सम्मान से साथ बैठाकर उनकी समस्यायें दूर करने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को उपस्थित होने के निर्देश जारी किये हैं। इसके अलावा सूचना अधिकारी को आदेशित किया है समाचार पत्रों में जो जनता समस्या सम्बन्धित समाचार प्रकाशित होते हैं, उन्हें संज्ञान में लेते हुये, उस विभाग का अधिकारी यहाँ उपस्थित हो, और उस समस्या का शीघ्र निस्तारण किया जाये। उन्होंने पत्रकारों के लिए मिलने समय सुनिश्चत किया है, इसी समय में अधिकारियों से भी वार्ता की बात कही गयी है। जिलाधिकारी की मुहिम की जनता के द्वारा काफी सराहना की जा रही है। साथ ही अन्तिम छोर के व्यक्ति को न्याय की उम्मीद भी जग गयी है। इससे पूर्व किसी जिलाधिकारी द्वारा ऐसा कदम नहीं उठाया गया था। जिससे वर्षों से लोग न्याय की आस में भटक रहे थे। 
 

 

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