डा. (श्रीमती) भारती गाँधी, प्रख्यात शिक्षाविद् व संस्थापिका-निदेशिका, सी.एम.एस.

डा. (श्रीमती) भारती गाँधी, प्रख्यात शिक्षाविद् व संस्थापिका-निदेशिका, सी.एम.एस.

सी.एम.एस. गोमती नगर ऑडिटोरियम में विश्व एकता सत्संग

  • धर्म के पतन पर भगवान को धरती पर आना पड़ता है
  • - डा. (श्रीमती) भारती गाँधी, प्रख्यात शिक्षाविद् व संस्थापिका-निदेशिका, सी.एम.एस.

लखनऊ, 18 अप्रैल। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर ऑडिटोरियम में आयोजित विश्व एकता सत्संग में बोलते हुए बहाई धर्मानुयायी, प्रख्यात शिक्षाविद् व सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने कहा कि जब जब धरती पर धर्म का नाश होता है और दुष्ट बढ़ जाते हैं, तब तब भगवान इस धरती पर अवतिरत होते हैं। हमें इन्हीं अवतारों की खोज करना चाहिए। युद्ध पर जो धन खर्च होता है, उसे रोककर लोगों की भलाई में लगाना चाहिए। श्रीमती गाँधी ने कहा कि यदि हम बच्चों को प्रारम्भ से ही शान्ति, एकता, सद्भाव आदि जीवन मूल्यों की शिक्षा देंगे तो उनके मन-मस्तिष्क में युद्ध की बात आयेगी ही नहीं और बड़े होकर वे सदैव शान्ति व एकता की राह पर चलेंगे, जिससे सारी विश्व मानवता का कल्याण होगा। इससे पहले,  सी.एम.एस. के संगीत शिक्षकों ने सुमधुर भजनों की श्रृंखला प्रस्तुत कर सम्पूर्ण आडिटोरियम को आध्यात्मिक आलोक से प्रकाशित कर दिया तथापि उपस्थित सत्संग प्रेमियों को सुखद अनुभूति करायी।

 विश्व एकता सत्संग में आज सी.एम.एस. आनन्द नगर कैम्पस के छात्रों ने शानदार आध्यात्मिक-साँस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्कूल प्रार्थना के बाद छात्रों ने भक्ति गीत ‘क्रिएट इन मी’, गीत ‘वी आर द वर्ल्ड’, नैतिक मूल्यों पर चर्चा तथा गीत ‘स्पिरिट ऑफ गॉड’ प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने खूब सराहा। विश्व एकता सत्संग में आज विभिन्न धर्मावलम्बियों ने भी सारगर्भित विचार रखे। सत्संग का समापन संयोजिका श्रीमती वंदना गौड़ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।

                             

पश्चिमी शास्त्रीय संगीत समारोह का आयोजन सी.एम.एस. में 20 अप्रैल को,

  • ऑस्ट्रिया, डोमिनिकन गणराज्य एवं भारतीय वादकों व गायकों की होगी सामूहिक प्रस्तुति
  • विधानसभा अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित समारोह के मुख्य अतिथि होंगे

लखनऊ, 15 अप्रैल। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के तत्वावधान में विश्व का सबसे बड़ा ‘पश्चिमी शास्त्रीय संगीत समारोह’ आगामी 20 अप्रैल 2019, शनिवार को सायं 6.00 बजे से सी.एम.एस. गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें वियना यूनिवर्सिटी फिलहारमोनिक ऑर्केस्टा और कोरस के साथ-साथ 116 ऑस्ट्रियाई संगीतकार और गायक, डोमिनिकन गणराज्य के 11 संगीतकार एवं 41 से अधिक भारतीय संगीतकार व गायक सामूहिक प्रस्तुति देंगे। प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि सिटी मोन्टेसरी स्कूल अपनी स्थापना दिवस के 60 वर्ष (1959-2019) पूरे होने पर इस वर्ष ‘डायमण्ड जुबली समारोह’ मना रहा है एवं इस उपलक्ष्य में सी.एम.एस. द्वारा पूरे वर्ष विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। विशाल ‘पश्चिमी शास्त्रीय संगीत समारोह’ का यह आयोजन भी इसी की एक कड़ी है।

श्री शर्मा ने बताया कि देश इस वर्ष महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती भी मना रहा है। इस अवसर पर पश्चिमी शास्त्रीय संगीत समारोह में शामिल कलाकार महात्मा गाँधी के दो सुप्रसिद्ध भजनों - ‘रघुपति राघव राजाराम’ और ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ पर आधारित एक विशेष संगीत रचना ‘सन्मित’ के माध्यम से अपनी प्रस्तुति को यादगार बनायेंगे। इस कार्यक्रम में ऑस्ट्रियन और यूरोपीय संगीत कलाकारों के द्वारा विश्वप्रसिद्ध शूबर्ट, चायस्कोस्की और ग्रीग की कृतियों पर कार्यक्रम प्रस्तुत किया जायेगा। इस भव्य पश्चिमी शास्त्रीय संगीत का संचालन वियना विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध कलाकार विजय उपाध्याय द्वारा किया जायेगा। इस आयोजन को जसुभाई फाउंडेशन, रॉयल स्कूल्स ऑफ म्यूजिक, लन्दन, फर्टाडोस म्यूजिक और ऑस्टेलियन कल्चरल फोरम के एसोसिएशन बोर्ड का भी समर्थन प्राप्त है।

 श्री शर्मा ने बताया कि इस भव्य पश्चिमी शास्त्रीय संगीत समारोह में कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले आर्केस्टा में ऑस्ट्रिया (वियना) के 10 वायलिन वादक, 3 वायोला वादक, 7 सेलो वादक, 1 डबल-बास वादक, 4फ्लोटवादक, 1 हर्फ वादक, 4, हार्न वादक, 2 क्लोरेनेट वादक, 3 ओबे वादक, 1 तुबा वादक, 2 फ्लैगवर्क वादकों के साथ ही डोमिनिकन गणराज्य के 2 वायोला वादक, 1 सेलो वादक, 2 लोट वादक, 1 ट्रेबल ट्रॉम्बोन वादक,1हार्नवादक, 1 बास ट्राम्बोन वादक, 1 ट्रम्पिट वादक, 1 ट्रेबेल एवं बास-ट्रॉम्बोन वादक, 1 डबल-बास वादक एवं भारत के कई प्रमुख शहरों जैसे पुणे के 14 वायलिन वादक, नई दिल्ली के 2 वायलिन वादक, मुम्बई के 3 वायलिन वादक, कोलकाता के 1 वायलिन वादक, हैदराबाद के 2 वायलिन वादक तथा 1 सेलो वादक, दीमापुर के 3 वायलिन वादक तथा 3 वायोला वादक, चेन्नई के 1 वायलिन वादक, बेंगलुरू के 3 वायलिन वादक, 3 वाइला वादक, 2 सेलो वादक तथा 2 फ्लूट वादक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त इस भव्य पश्चिमी संगीत समारोह में वियना के 78 गायक भी अपनी आवाज़ का जादू बिखेंगे।

 

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