महिला अस्पताल में डाक्टर की कमी से मरीज हुये बेहाल

महिला अस्पताल में डाक्टर की कमी से मरीज हुये बेहाल

मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के मकसद से सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।

लेकिन चिकित्सकों की कमी व मनमानी से लोगों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल के कक्षों से डाक्टरों के अक्सर गायब रहने से मरीजों को घंटों इंतजार के बाद बैरंग लौटना पड़ता है। सोमवार को कुछ ऐसा ही नजारा महिला अस्पताल में देखने को मिला। इलाज कराने आए मरीज बेहाल दिखे।

मौसम के बदलाव होने से संक्रामक बीमारियों के मरीजों में तेजी से इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। पर्चा व दवाएं लेने के लिए लोगों को घंटों लंबी कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। 

जिला अस्पताल में 25 डाक्टरों के सापेक्ष महज 11 डाक्टरों से काम चलाया जा रहा है। जबकि महिला अस्पताल दो डाक्टरों के सहारे चल रहा है। वहीं पैरामेडिकल स्टाफ की भी कमी है। जिससे मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। सोमवार को जिला महिला अस्पताल पहुंची अमर उजाला की टीम ने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की पड़ताल की। 

ओपीडी के बाहर एकल खिड़की में पर्चा बनवाने को लेकर लोगों में होड़ मची थी। अस्पताल परिसर में एक महिला दर्द से कराह रही थी। इलाज के लिए आईं महिलाओं ने बताया दूर दराज गांवों से सुबह नौ बजे अस्पताल आई थी। लेकिन महिला अस्पताल में एक डाक्टर होने से अभी इंतजार कर रही हैं। बता दें कि महिला अस्पताल में दो चिकित्सकों की तैनाती है। जिसमें सोमवार को एक डाक्टर के न आने से मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ा। जिसकी जानकारी मरीजों ने महिला सीएमएस को दी। 

सूचना पर पहुंचे सीएमएस डा. पीके सिंह ने सीएमओ कार्यालय से एक डाक्टर को बुलाकर महिला अस्पताल में मरीजों को देखने के लिए बैठाया। जिसके बाद मरीजों को इलाज कराने में कुछ आराम मिला। इस बारे में महिला अस्पताल के सीएमएस डा. पीके सिंह ने बताया डाक्टरों की कमी के बीच मरीजों की संख्या ओपीडी में अधिक है। छह चिकित्सक में तीन की तैनाती है। बताया डा. पूनम छुट्टी पर हैं। मरीजों की भीड़ व परेशानी को देखते हुए सीएमओ कार्यालय से एक महिला चिकित्सक डा. अनीता राज को ओपीडी में बैठाया गया है।

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