पीएफ घोटाला: 18 व 19 नवम्बर को 48 घण्टे के कार्य बहिष्कार हेतु अभियान तेज

पीएफ घोटाला: 18 व 19 नवम्बर को 48 घण्टे के कार्य बहिष्कार हेतु अभियान तेज
  •  घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व चेयरमैन और जिम्मेदार आएएस अधिकारियों की  गिरफ्तारी न होने से कर्मचारियों में गुस्सा

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के आह्वान पर 18 व 19 नवम्बर को 48 घण्टे के कार्य बहिष्कार को सफल बनाने हेतु आज बिजली कर्मचारियों व अभियन्ताओं ने राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश भर में परियोजनाओं व जिला मुख्यालयों पर सभायें कर अभियान तेज किया।

संघर्ष समिति ने घोटाले के मुख्य आरोपी पावर कारपोरेशन के पूर्व चेयरमैन और अन्य जिम्मेदार आईएएस  अधिकारियों की अब तक गिरफ्तारी न होने पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि सारे घटनाक्रम से कर्मचारियों में भारी गुस्सा है।

संघर्ष समिति ने आज लखनऊ में बैठक कर प्रदेश के मुख्यमंत्री से पुनः माँग की है कि उप्र सरकार प्राविडेन्ट फण्ड के भुगतान की जिम्मेदारी लेेकर आवश्यक गजट नोटिफिकेशन जारी करे जिससे कर्मचारी व अभियन्ता निश्चिन्त होकर पूर्ण मनोयोग से बिजली आपूर्ति के कार्य में जुटे रह सकें।

संघर्ष समिति ने जीपीएफ व सीपीएफ घोटाले के साथ ही ठेकेदारों द्वारा संविदा कर्मचारियों के ईपीएफ का पैसा ईपीएफ फण्ड में जमा न किये जाने पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए माँग की है कि जिम्मेदार ठेकेदारों पर कठोर कार्यवाही की जाये जिससे कि संविदा कर्मचारियों के ईपीएफ का पैसा सुरक्षित हो सके।

संघर्ष समिति ने पीएफ घोटाले की जांच पर असंतोष व्यक्त करते हुए मांग की है कि घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व चेयरमैन व अन्य आईएएस अधिकारियों को गिरफ्तार किया जाये।

संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली कर्मचारियों के शान्तिपूर्ण चल रहे आन्दोलन के कारण किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न किया गया तो सभी ऊर्जा निगमों के तमाम कर्मचारी व अभियन्ता उसी क्षण सीधी कार्यवाही करने हेतु बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

लखनऊ में हुई सभा को संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारियों शैलेन्द्र दुबे, राजीव सिंह, गिरीश पाण्डेय, सदरूद्दीन राना, सुहैल आबिद, राजपाल सिंह, राजेन्द्र घिल्डियाल, विनय शुक्ला, शशिकान्त श्रीवास्तव, महेन्द्र राय, वी सी उपाध्याय, डी के मिश्र, करतार प्रसाद, कुलेन्द्र प्रताप सिंह,

मो इलियास, पी एन तिवारी, परशुराम, ए के श्रीवास्तव, पी एन राय, भगवान मिश्र, के एस रावत, आर एन यादव, आर एस वर्मा, पी एस बाजपेई, अमिताभ सिन्हा ने मुख्यतया सम्बोधित किया।

 

 

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