विद्युत मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश प्रांतीय कमेटी के आवाहन 13 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यालय पर धरना

विद्युत मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश प्रांतीय कमेटी के आवाहन 13 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यालय पर धरना

जोन लखनऊ

आज दिनांक 22 -10-19 को विद्युत मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश प्रांतीय कमेटी के आवाहन पर जोन कमेटी लखनऊ द्वारा इंजीनियर आरपी गुप्ता प्रांतीय उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में 13 सूत्रीय मांगों को लेकर लखनऊ क्षेत्र( मुख्यालय)  लखनऊ पर धरना दिया गया। संयुक्त रूप से संविदा एवं नियमित कर्मचारियों की प्रमुख मांगे सेवारत एवं सेवानिवृत्त पेंशनर्स को प्राप्त एलएलबी टेन की सुविधा को यथावत रखने ,मीटर लगाने के आदेश वापस लिए जायें।

कार्यालय सहायक एवं tg2 तथा समकक्ष को रुपया 3000 नियुक्ति से ग्रेड पे दिए जाने फरवरी 2009 के बाद तीसरा टाइमस्केल पाने वाले कर्मचारियों को रुपए 6600  दिए जाने tg2 सहित सभी कर्मचारियों की वरिष्ठता निर्धारित किए जाने tg2 को शैक्षिक योग्यता के बजाय वरिष्ठता के आधार पर अवर अभियंता पद पर पदोन्नत किए जाने, कैंसर एवं बड़ी बीमारी पर कैशलेस की सुविधा प्रदान किए जाने राज्य कर्मचारियों की भांति विद्युत विभाग में वर्ष 2005 तक आए

कर्मचारियों को पेंशन की सुविधा बाहल किए जाने कार्यालय सहायक से विभागीय परीक्षा के माध्यम से सहायक लेखाकार के चयन हेतु बीकॉम की बाध्यता समाप्त तथा 40% कोटा यथावत रखा जाए, तथा संविदा कर्मियों को ठेका श्रमिक उन्मूलन अधिनियम 1970 के क्रम में नियमित कर्मचारियों के बराबर वेतन दिए जाने 35000 रिक्त पदों पर लाइनमैन के पदों पर समायोजित किए जाने की मांग की गई।

शक्ति भवन व अन्य स्थानों पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को कार्यकारी सहायकों को नियमित कंप्यूटर ऑपरेटर के बराबर वेतन दिए जाने आदि मामलों को लेकर धरना दिया।  धरना स्थल पर आरसी पाल प्रांतीय कार्यवाहक अध्यक्ष ,श्री चंद्र प्रांतीय महामंत्री , एस के सिंह महामंत्री, मध्यांचल कमेटी के जे पी त्रिपाठी जिला अध्यक्ष, विमल चंद्र पांडे ,मीडिया प्रभारी ,राजीव श्रीवास्तव ,अध्यक्ष जोन कमेटी, जगदीश प्रसाद ,सचिव कार्यवाहक अध्यक्ष जोन कमेटी अजय भट्टाचार्य, परवेज अहमद खान ,कोषाध्यक्ष राम सिंह विश्वकर्मा, एवं विजय किशोर, संयुक्त मंत्री ज्ञान प्रकाश निरंजन, अनीता कश्यप ,अनुराधा श्रीवास्तव, शैलेंद्र कुमार ,क्षेत्रीय अध्यक्ष अभिषेक सिंह ,कमल कुमार ,मनीष श्रीवास्तव, आदि नेताओं के साथ सैकड़ों संविदा एवं नियमित कर्मचारी मौजूद रहे।

 

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