आजम खान के बचाव में उतरे सपा व व्यापारी नेता रामबाबू रस्तोगी

आजम खान के बचाव में उतरे सपा व व्यापारी नेता रामबाबू रस्तोगी

बीजेपी अपने गिरेबान में झांक कर देखें, कितने संस्कार और नैतिकता बची है पार्टी के भीतर

लखनऊ/ 2019 का चुनाव जहां एक तरफ राजनीति के गलियारों और देश में हलचल मचा रखा है वही नेताओं के निजी आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला भी थमने का नाम नहीं ले रहा है. हर नेता व्यक्तिगत बयान बाजी करके अपनी टीआरपी बटोरने के साथ चुनाव में वोट  मांगने की कोशिश  कर रहा है. तो कुछ ने अपनी पार्टीयो के खिलाफ बगावती तेवर अपनाते हुए सनसनी मचा देने वाले आरोप भी डंके की चोट पर लगा रहे हैं.

 

सपा व व्यापारी नेता रामबाबू रस्तोगी ने कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने वाले पहले अपने नेताओं और पार्टियों पर गौर फरमाएं. उन्होंने कहा कि दूसरों पर उंगली उठाना आसान है लेकिन अपने गिरेबान में झांक कर तो देखें कि हमारी पार्टी में हो क्या रहा है. रस्तोगी ने बीजेपी पर लगे उनके ही सांसद के द्वारा आरोप पर पूछे गए सवाल पर जवाब देते हुए कहा, लड़की पैसा और गणेश परिक्रमा पर जो पार्टी टिकी हुई है वह दूसरों को क्या सीख दे रही है. सबसे पहले उन्होंने आजम खान का बचाव करते हुए बताया कि जिस मुद्दे को बीजेपी चुनाव में भुनाने की कोशिश कर रही है उसमें तो आजम खान साहब ने किसी का नाम भी नहीं लिया. लेकिन प्रोपेगंडा फैलाकर बीजेपी चुनाव में जयाप्रदा को जीताना चाहती है. लेकिन दूसरी तरफ बीजेपी अंबेडकर नगर के वर्तमान सांसद हरिओम पांडे के द्वारा लगाए गए बीजेपी और सुनील बंसल के ऊपर आरोप पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है. मोदी और बीजेपी दूसरे पार्टियों को नसीहत दे रहे हैं लेकिन खुद के गिरेबान में झांकने का वक्त भी नहीं इनके पास. रस्तोगी ने हरिओम पांडे के द्वारा लगाए गए आरोप को कहीं ना कहीं सच बताते हुए कहा कि हिंदुस्तान की सबसे बड़ी पार्टी आज सत्ता के नशे में इतना चूर हो गई है कि मां बेटीयो बहनों का ख्याल भी नहीं रखती. संस्कार नैतिकता का पाठ दूसरों के लिए बना रखी हैं अपने लिए तो किसी सिद्धांत को फॉलो तक नहीं करते और रही बात आजम खान की तो सपा के वरिष्ठ नेता है 9 बार के विधायक हैं इसलिए बीजेपी सपा को बदनाम करना चाहती है ताकि रामपुर की सीट से आजम खान पीछे हट जाए. 

 

यूपी में बीजेपी का जनाधार कमजोर होने की वजह से अब इनके पास एक ही हथियार प्रोपेगंडा फैलाना रह गया है. प्रथम चरण के चुनाव के बाद यह साफ हो गया है कि बीजेपी उत्तर प्रदेश में कमजोर हो चुकी है. इस वजह से भावनात्मक और ध्रुवीकरण कर चुनाव लड़ने की कोशिश कर रही है.

 बीजेपी अपने मुद्दों से भटक गई है पिछले चुनावी मेनिफेस्टो में जो वायदे किये थे वो कोई वायदे पूरे नही हुए है जनता का ध्यान भटकाने के लिए कभी राम मंदिर कभी 3 तलाक कभी जीएसटी और कभी नोटबन्दी तो कभी विवादित बयान उलझा दिया है बीजेपी केवल बेरोजगार जुमला पार्टी बनकर रह गयी है जिनके सांसद  विधायक पर जूतम पैजार कर रहे है वो दूसरे को नैतिकता का पाठ पढ़ाने चले है जिनके पार्टी में बहन बेटियो से खेलने के बाद टिकट मिलता हो वो नारी के सम्मान और बेटी के सम्मान की बात कर रहे है इन्होंने देश के किसान,नौजवान,मुसलमान,और जवान,इन सभी लोगो को धोखा देने का कार्य किया है अबकी झूट उजागर हो गयी है जनता में हाथ मे जुता उठा रखा है 6 मई को मुंह पर मारकर सत्ता से बाहर करेगी ।

रस्तोगी ने कहा कि जिस खादी कपड़े को लेकर बखेड़ा खड़ा किया जा रहा है वह देन भी महात्मा गांधी का है और वह देश के राष्ट्रपिता है हमें सम्मान करना चाहिए. चुनाव राजनीतिक मूल्यों और मौलिक अधिकारों, जनता की समस्या और शासन प्रशासन से जुड़े विषयों पर लड़ना चाहिए ना कि किसी को टारगेट करते हुए जनता का मतदान के समय इस तरह की निराधार खबरों को प्रसारित करवा कर ध्यान भटकाने की कोशिश. लेकिन हिंदुस्तान की जनता पिछले 5 सालों की दुर्दशा को देखते हुए यह जान चुकी है कि बीजेपी देश के हित में अब नहीं है. 

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