राजधानी का जीएनएफ अस्पताल, कम उम्र की बच्चियों और महिलाओं के साथ कर रहा है खिलवाड़

राजधानी का जीएनएफ अस्पताल, कम उम्र की बच्चियों और महिलाओं के साथ कर रहा है खिलवाड़

निजी अस्पतालो में धड़ल्ले से चल रहा है गर्भपात व नारकोटिक दवाओं का कारोबार 

लखनऊ में खुलेआम ₹2000 से ₹25000 दो कराओ अवैध गर्भपात

लखनऊ राजधानी 

​​​भारत 

राजधानी खुलेआम अवैध अस्पतालों का अवैध काले कारनामों का बनता जा रहा है अड्डा. स्वास्थ विभाग अन्य विभागों से बहुत आगे निकल चुका है जिसकी कल्पना कर पाना आम आदमी के बस की बात अब नहीं रह  गई है. अगर हम बात करें

तो जहां लखनऊ राजधानी के सड़कों के किनारे मोहल्ले और चौक चौराहों पर अवैध अस्पताल व दवा दुकानों का सैकड़ों की संख्या में निरंतर खुलना और आम आदमी के जीवन के साथ खिलवाड़ होता जा रहा है. वहीं नाबालिक और नासमझ बच्चियों को गर्भनिरोधक दवा इंजेक्शन और गर्भपात कर अच्छे खासे रकम कमाने में भी लगे हुए हैं.

जिनसे इन बातों पर चर्चा करो सभी ने यही बताया कि अवैध अस्पताल सीएमओ आफिस स्टाफ वह दलालों के माध्यम भारी भरकम रकम के बलबूते चल रहे हैं.

 25 हजार रुपए तक का काला कारोबार

सूत्रों की माने तो जो जानकारी हाथ लगे हैं वह बिल्कुल आप को झकझोर कर रख देगा. रायबरेली रोड सीतापुर रोड फैजाबाद रोड या सुल्तानपुर रोड, रोड कोई भी हो अवैध अस्पताल और उनके अवैध कारोबार आपको जरूर दिख जाएंगे.खैर बात में इस  समय निजी अस्पताल का कर रहा हूं जहां आए दिन अवैध गर्भपात वह भी छोटी और कम उम्र की लड़कियों से संबंधित होता है.

सूत्रों की माने तो 2000 से लेकर आधी कम 25000 तक का अवैध काला कारोबार जिसका ना तो अस्पताल में कोई फाइल तैयार होता है और ना ही कोई रसीद बिल बुक से भुक्तान का ब्यौरा होता है. बस नगद का काम, हिंग लगे ना फिटकरी रंग चोखा और जिंदगी जाएगी भी तो किसकी ? मासूमों की जिनको यह भी नहीं पता होता कि गर्भपात कराने में उनकी जान भी जा सकती है,

और इन खिलवाड़ से अस्पताल का कोई लेना-देना भी नहीं होता, पैसा लाओ, मरीज लाओ, हो जाएगा 2 घंटे में गर्भपात जानकारी में यह भी मालूम हुआ कि अस्पताल इन काले करनामों को करता भी है तो रात के अंधेरे में, जब दुनिया गहरी नींद में होती है किसी को कानों कान खबर ना हो इसका विशेष ध्यान भी दिया जाता है.

GNF अस्पताल का कारनामा

दरअसल मामला है राजधानी के निजी अस्पताल #GNF  का जहां ओटी का हेल्पर और ओटी टेक्नीशियन मिलकर खेल रहे हैं मासूम बच्चियों के जिंदगी के साथ खेल. अवैध काले कारोबार अवैध अस्पताल में पिछले कई दिनों से लगातार चल रहे हैं.

युवक युवतियों से सफेद पन्ने पर यह लिखा लिया जाता है कि गर्भपात में अपनी मर्जी से करा रहा हूं गर्भपात के दौरान कोई भी घटना घटित होती है तो इसका जिम्मेदार में खुद *$$$###@* होऊंगा. इसमें अस्पताल के किसी भी डॉक्टर या स्टाफ का कोई जिम्मेदार नहीं होगा. यह का पहला*$$$###@$$$%&  बच्चा है गर्भपात से पहले मैंने दवा खिला रखी है.

CMO साहब खबर प्रकाशित होने पर WhatsApp में सिर्फ पढ़ा करते हैं ख़बरें... 

अब आप खुद ही समझ सकते हैं इस तरह के अस्पताल कितना गिरकर समाज में आपके साथ, बड़े स्तर पर कर रहे हैं खिलवाड़. इंसानी जिंदगी का भाव कौड़ी के हिसाब से सौदा करने मैं आखिर ऐसे लोग क्यों नहीं कतराते ? इनके लिए तो सिर्फ पैसा ही सब कुछ है. नारकोटिक मेडिसिन वा गर्भपात की दवाओं का आखिर इनको लाइसेंस किसने दे दिया ?

जो इनके अस्पतालों में बड़ी आसानी से मौजूद होते हैं. बहुत ही बड़े पैमाने पर पिछले कई बार खबर प्रकाशित होने के बाद भी साहब ने WhatsApp पर खबर पढ़ हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं अब आप खुद बताएं इतनी बड़ी वारदात जो हो रहे हैं उसके लिए जिम्मेदार आखिर कौन है ?

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