राजधानी में लोकभवन के सामने महिला ने दृष्टिबाधित पति के साथ किया आत्मदाह का प्रयास

राजधानी में लोकभवन के सामने महिला ने दृष्टिबाधित पति के साथ किया आत्मदाह का प्रयास

 

राजधानी में लोकभवन के सामने महिला ने दृष्टिबाधित पति के साथ किया आत्मदाह का प्रयास

 

प्रशांत तिवारी 

स्टेट क्राइम संवादाता उत्तर प्रदेश

 

लखनऊ 

राजधानी लखनऊ मे आत्मदाह जैसे मामले  और अलग-अलग जिलों से आए हुए फरियादियों की  उनके जिले में ना सुनवाई होने की वजह से इस तरह के कदम  यूपी पुलिस के साथ पूरे प्रदेश के लिए शर्म की बात है। राजधानी में लोकभवन के सामने गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब बाराबंकी से आई महिला ने आत्मदाह का प्रयास किया।

साथ में उसका दृष्टिबाधित पति भी था। दंपत्ति ने खुद पर पेट्रोल छिड़कना शुरू कर दिया। इसके बाद वह खुद को जलाने के प्रयास में थे कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने दोनों को पकड़ लिया। रोते हुए दंपत्ति ने अपना दर्द बयां किया। ये है पूरा मामला :

 

बाराबंकी स्थित हेकमापुर गांव निवासी आशाराम और पत्‍‌नी आरती ने आत्मदाह का प्रयास किया। दंपत्ति ने बताया कि गाव में दबंग राजा राम पासी रहता है। वह उन्हें प्रताड़ित कर रहा है। पिछले दिनों उसने उनके साथ मारपीट भी की।

इसकी शिकायत करने वह जब थाने पहुंचे तो वहा पता चला कि उलटे उनके खिलाफ ही मारपीट का मामला दर्ज करा दिया गया है। महिला आरती का आरोप है कि इसके बाद पुलिस वाले उनके ऊपर मुकदमा दर्ज नहीं कराने और समझौता करने का दबाव बना रहे हैं।

पुलिस यहां तक समझौते के दरमियान बताती है कि तुम्हारा पति ठीक से देख नहीं सकता और तुम मुकदमा कैसे लडोगी इसलिए सुलह कर लो नहीं तो कोर्ट कचहरी के साथ हवालात के चक्कर काटने पड़ेंगे। मतलब यह हुआ कि अपने जिला की पुलिस सुनवाई नहीं कर पाती जिस वजह से फरियादी राजधानी की ओर पहुंच कर आत्मदाह करने का प्रयास करते हैं जो कि प्रदेश के साथ पुलिस महकमे के लिए शर्म की बात है। 

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