राजधानी में फर्जी अनुमति पत्र दिखा कर जिओ द्वारा बिछाई जा रही थी भूमिगत टेलीकॉम केबल मीडिया के पहुंचने पर मचा हड़कंप

राजधानी में फर्जी अनुमति पत्र दिखा कर जिओ द्वारा बिछाई जा रही थी भूमिगत टेलीकॉम केबल मीडिया के पहुंचने पर मचा हड़कंप

 

स्वतंत्र प्रभात टीम की पड़ताल में हुआ खुलासा अनुमति कहीं और की बिछाई जा रही केबल कहीं और... 

भूमिगत टेलीकॉम केबल सेक्टर-10, इंदिरा नगर में...

लखनऊ:-

रणवीर सिंह  
 

राजधानी लखनऊ के सेक्टर-10, इंदिरा नगर में मकान संख्या 10/301 तथा 10/497 के बीच करीब 01 किलोमीटर दूरी में सड़क निर्माण के मात्र एक माह बाद ही कल रिलायंस जियो इन्फोकॉम द्वारा 10-10 फिट की दूरी पर 01-01 मीटर गहरे पिट्स खोदने शुरू ही किये थे

कि स्थानीय निवासियों ने मात्र एक माह पूर्व करीब 10 साल बाद बनी सड़क को खोदने पर आपत्ति जताई, जिस पर स्थानीय निवासियों को ठेकेदार द्वारा किसी अन्य इलाके का अनुमति पत्र दिखाकर गुमराह करते हुए लाखों रूपये खर्च कर नगर निगम द्वारा हाल ही में बनाई गई सड़क बर्बाद कर दी गई l

  हालांकि यह कार्य ड्रिलिंग मशीन द्वारा किया जाता है, जिससे सड़कों की बर्बादी कम से कम हो I लेकिन उपरोक्त स्थान पर मजदूरों द्वारा खुदाई किया जा रहा था।

यहाँ पर प्रशासनिक अधिकारियों की मिली भगत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विजय गुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा कल इसकी सूचना नगर निगम के मुख्य अभियन्ता एस पी सिंह को देने के बाद भी ठेकेदार द्वारा कार्य जारी रहा और किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने सूचना मिलने के बाद भी मौके पर जाकर जांच करने की जहमत नहीं उठाई I 

यह खबर स्वतंत्र प्रभात हिंदी दैनिक समाचार पत्र में शीर्षक (इंदिरा नगर में मात्र 1 माह पूर्व बनी सड़क खोद डाली निजी भूमिगत केबल बिछाने के लिए) और नवभारत टाइम्स में आज प्रकाशित भी गया था, जिसमें काम रुकने की बात पढ़ने में आई, लेकिन इसके बावजूद आज भी खुदाई कर केबल बिछाने का कार्य ठेकेदार द्वारा जारी था I 

 

       जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता विजय गुप्ता ने जब नगर निगम का अनुमति पत्र गौर से पढ़ा तो असलियत सामने आ ही गई, क्योंकि सेक्टर-10, इंदिरा नगर का नाम उस अनुमति पत्र में था ही नहीं, उसमे तो दूसरे इलाके अंकित थे I 

नगर निगम के अधिकारियों की लचर कार्यशैली के कारण आज इस बिना अनुमति के हो रहे कार्य की सूचना विजय गुप्ता द्वारा महापौर संयुक्ता भाटिया को दिया गया, उन्होंने तत्काल नगर आयुक्त को इस मामले की जानकारी देते हुए उचित कार्यवाही के लिए निर्देश दिया लेकिन मौके पर ना ही कोई अधिकारी पहुंचा और ना ही कोई उचित कार्यवाही की गई।

   सामाजिक कार्यकर्ता विजय गुप्ता द्वारा पुनः आज इसकी सूचना मुख्य अभियन्ता एस पी सिंह को दिया गया जिन्होंने बताया कि मौके पर नगर निगम के अवर अभियन्ता आलोक श्रीवास्तव को भेजा गया है,लेकिन 04 घंटे बाद भी अवर अभियन्ता मौके पर नहीं पहुंचे, उतने में ठेकेदार ने मौके पर खोदी हुई पिट्स को मजदूरों द्वारा पटवाकर चलते बने।

 

 एक ओर सरकार के दावे सड़कों को गड्ढामुक्त करने के है, वहीं दूसरी तरफ  निजी टेलीकॉम कंपनी Jio द्वारा बिना उस क्षेत्र में नगर निगम से अनुमति लिए बर्बाद कर देते है मात्र एक माह पूर्व निर्मित सड़क और आज प्रमुख समाचार पत्रों में  खबर छपने के बाद भी क्षेत्रीय पार्षद, नगर निगम अधिकारी एवं अन्य जिम्मेदार आँख मूंदे है, और ठेकेदार बिना किसी रोक-टोक के आज भी कर रहा था सड़के बर्बाद, इसको जिम्मेदारी कहेंगे या मिलीभगत ?

मौके पर स्वतंत्र प्रभात की टीम पड़ताल कर ही रही थी उतने में गाड़ी संख्या यूपी 32 GF 7617 से 2 लोग आए जिन्होंने अपने आप को न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया का संवाददाता बताते हुए ठेकेदार के कर्मचारियों से काम को जारी रखने के लिए कहा और वीडियो बनाने पर चलते बने l

अब देखने वाली बात यह होगी कि बिना अनुमति के निजी टेलीकॉम कंपनी द्वारा की गई खुदाई पर क्या नगर निगम द्वारा कोई पेनाल्टी लगाकर एफआईआर भी दर्ज होती है या नहीं, या फिर बंदरबांट द्वारा मामले को दबा दिया जाएगा I 
 
 
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