धनुष टूटते ही सीता ने किया राम का वरण

धनुष टूटते ही सीता ने किया राम का वरण

नरेश गुप्ता /मनोज पांडे की रिपोर्ट

धनुष टूटते ही सीता ने किया राम का वरण

            (स्वतंत्र प्रभात)

महराजगंज ब्यूरो: परसामलिक थाना क्षेत्र के ग्राम सभा शिवपुरी में चल रही रामलीला के तीसरे दिन कलाकारों ने सीता स्वयंवर का भव्य मंचन किया। कलाकारों की इस प्रस्तुति को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ जुटी। धनुषयज्ञ, रावण-वाणासुर, परशुराम लक्ष्मण संवाद दर्शकों को खूब भाया।
बताते चलें कि परसामलिक थाना क्षेत्र के ग्राम सभा शिवपुरी में चल रही रामलीला के तीसरे दिन मंचन कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व विधायक मुन्ना सिंह ने किया। पूर्व विधायक ने कहा कि रामलीला का मंचन सिर्फ मनोरंजन ही नहीं है,

बल्कि इसके मंचन से हमें अपने गौरवशाली इतिहास व भारतीय संस्कृति का पता चलता है। तथा भगवान राम के सभी रूपों से हमें अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। 
पूर्व विधायक ने आयोजन समिति के पदाधिकारियों के प्रति आभार प्रकट किया। कहा कि भगवान राम की कृपा और पदाधिकारियों का लगन है कि पिछले चार वर्षों से यह रामलीला होती आ रही है।कलाकारों ने मंचन की शुरुआत
धनुष यज्ञ से की जहां धनुष यज्ञ देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी। महाराजा जनक की धनुष यज्ञशाला में देश-देश के राजा धनुष भंग करने के लिए जुटे तो वहीं रावण, बाणासुर के बीच हुए संवाद पर दर्शक रोमांचित हो उठे।
मंच पर पहुंचे पेटू राजा के हास्य अभिनय से दर्शकों को जी भरकर गुदगुदाया।

इस बीच साधु और दुष्ट राजाओं के बीच अपने अपने बल पौरुष के बखान को लेकर खूब संवाद हुआ। राजाओं के बहुत प्रयास करने के बाद धनुष न टूटने पर महाराजा जनक निराश होकर कहे लगता है अब पृथ्वी वीरों से खाली है ऐसा सुनते ही कुपित हुए लक्ष्मण की भूमिका ने अपने संवाद से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। मुनि विश्वामित्र का आदेश पाते ही राम ने धुनष भंग कर सीता का वरण किया। इस बीच राम के जयकारों से पंडाल गूंज उठा। इस दौरान रामलीला समिति के अध्यक्ष के.सी  पाण्डेय सहयोगी दीपक पाण्डेय, सुरेश यादव, रमेश यादव, नरेश यादव, महेश चौधरी, राधेश्याम, गजेंद्र, बहादुर गौड़, आदि का विशेष योगदान रहा।

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