पूर्व प्रमुख व संपादक मनोज सिंह सेंगर को हजारो नम आंखो ने दी अंतिम विदाई

पूर्व प्रमुख व संपादक मनोज सिंह सेंगर को हजारो नम आंखो ने दी अंतिम विदाई


परियर घाट पर जनप्रतिनिधियों समेत समर्थको का उमड़ा सैलाब

पैरोल पर अन्तिम संस्कार में शामिल हुए विधायक व अतुल सेंगर
 


उन्नाव

गाजियाबाद में स्थित अपने गुरु के आश्रम में रहकर तिहाड़ जेल में बन्द बड़े भाई विधायक कुलदीप सिंह सेंगर वह छोटे भाई अतुल सिंह की पैरोकारी कर रहे मनोज सिंह को शनिवार व रविवार की मध्य रात्रि को सीने में दर्द होने के बाद मौलाना अली बेन आजाद अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। साथ में मौजूद साथी रुपेश सक्सेना ने मामले की जानकारी परिजनों को दी। सूचना पर बड़ी बहन जिन्हें लोग पप्पी दीदी कहते हैं व विधायक की पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती संगीता सेंगर भी परिजनों के साथ दिल्ली पहुंची।

आंशका के चलते शव का पोस्टमार्टम कराया गया जहां रात को ही विच्छेदन कराने के बाद दिल्ली पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। जानकारी होने पर सांसद साक्षी महराज  अस्पताल पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। मनोज सिंह के अन्तिम संस्कार के लिए एम्बुलेंस के जरिए शव पैतृक गांव माखी लाया गया।

रविवार की देरशाम को शव माखी पहुंचा। जहां मनोज सिंह व विधायक के शुभचिंतक व हजारों की संख्या लोगों की भीड़ अन्तिम दर्शनो के लिए पहुंची। दिल्ली में विधायक कुलदीप सिंह व अतुल सिंह की पैरोल मंजूर होने के बाद दिल्ली पुलिस बज्र वाहन से सोमवार की सुबह सीधे परियर स्थित गंगातट पर लेकर पहुंची।

जहां मनोज सिंह का बेटा व मनू सिंह व बेटी तथा कुलदीप सिंह व अतुल सिंह के बेटे-बेटियां बिलखकर रोने लगे। यह नजारा देख घाट पर मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई। अतुल सिंह द्वारा अन्तिम संस्कार करने के दौरान मुखाग्नि देने के दौरान हाथ कांप उठे। वहां मौजूद कुलदीप सिंह भी रोने लगे।

हजारों लोग कुलदीप सिंह को देखने कोई बात करने के लिए उनके पास पहुंचने लगे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने उन्हें पास खड़े एक ट्रेक्टर-ट्राली पर खड़ा कर दिया ताकि लोग उनको देख सके। डबडबाई आंखों से कुलदीप सिंह के मुख से दो ही शब्द निकल सके कि यहां मौजूद हजारों लोग उनके भाई है।

इस दौरान सांसद साक्षी महराज विधायक के साले विधायक शैलू सिंह बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा सदर विधायक पंकज गुप्ता पुरवा विधायक अनिल सिंह सफीपुर विधायक बम्बालाल दिवाकर मोहान विधायक ब्रजेश रावत भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीकान्त कटियार ब्लाक प्रमुख अरुण सिंह मौजूद रहे।

अन्तिम संस्कार के बाद विधायक कुलदीप सिंह लगभग डेढ़ वर्ष बाद माखी पहुंचे। जहां उनको देखने के लिए उमड़े हजारों ग्रामीण उनके दिल्ली वापसी जाने तक खड़े रहे। इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायन दीक्षित भी शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। माखी गांव में रुकने के बाद पैरोल की समय सीमा के मुताबिक विधायक फिर माखी से दिल्ली पुलिस प्रशासन के साथ रवाना हो गये। इस दुख की घड़ी में उन्होंने घाट पर अपनो के बीच कहा मुझे ईश्वर पर विश्वास है न्याय पालिका पर भी पूरा भरोसा है।

आज मेरे ऊपर दुख का पहाड़ टूटा है। आप सभी का आशीर्वाद मुझ पर बना रहे। उन्होंने घाट पर मौजूद जनता को कहा आप सब ही मेरा परिवार हो। दुख की इस घड़ी में विधायक के साथ आम जनमानस भी फूट-फूटकर रोता दिखा।
 

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