कौन बचा रहा है सहकारी बैंक में हुए घपले के आरोपियों को? की बड़ी खबरे

कौन बचा रहा है सहकारी बैंक में हुए घपले के आरोपियों को?  की बड़ी खबरे

जैंत में बनेगा हनुमान जी का भव्य मंदिर


मथुरा।

हाईवे स्थित गांव जैंत में जल्द हनुमान जी का भव्य मंदिर बनेगा। यह घोषणा प्राचीन तिवारी वाले हनुमान जी मंदिर के नए महंत केशवदास महाराज ने की। उनकी गुस्वार सांय को ताजपोशी हुई। क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, संत महात्माओं के मध्य महंत वृंदावन दास महाराज ने उन्हें मंदिर का उत्तराधिकारी बनाते हुए महंताई चादर ओढ़ाकर मंदिर की गद्दी सौंपी। केशवदास महाराज ने कहा कि यह हनुमान मंदिर अति प्राचीन है।

यहां हनुमान जी की सिद्ध प्रतिमा स्थापित है। दूर दराज के नहीं देश-विदेश के लोग यहां दर्शन करने आते हैं। करीब डेढ़ एकड़ जमीन में मंदिर का विस्तार होगा। गोशाला बनेगी। मंदिर में शीघ्र  करोड़ो की लागत  ग्रामीणों की सहमति से यहां भव्य मंदिर का कार्य शुस् होगा। जिससे लोगों में आस्था और श्रद्धा का भाव संचार होगा।

इस अवसर महामंडलेशवर  गंगादास, मोहन चन्द्र दास, जमुनादास, राजेन्द्र नंदा,ओमप्रकाश गौतम,  पंडित ब्रज बिहारी गौतम, जैंत प्रधान प्रतिनिधि दलबीर सिंह उर्फ भूरा, मोहन सिंह, धर्मपाल सेठ, जितेन्द्र सिंह, पप्पू महाशय, छैल बिहारी गौतम, नत्थूमल, खजान सिंह, करतार सिंह, सुनहरी नेता, ब्रजमोहन, चिराग गौतम, हनी गौतम,  वान, अजय, संदीप चढ्ढा, मितेन्द्र पंडित, छिंग्गा ंिसंह, कुंवर सिंह बनवारी सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।

 

बालिकाओं ने जाने बाल अधिकार

  • नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर बच्चों ने किया बाल विवाह का विरोध

मथुरा। वृन्दावन, कवच फाउंडेशन के तत्वाधान में विश्व बाल अधिकार दिवस पर वृन्दावन स्थित पानी गांव बालिकाओं के मध्य बाल अधिकार से संबंधित एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें संस्था की सचिव प्रतिभा शर्मा ने बाल अधिकार के बारे में बालिकाओं को बताया।

20 नवंबर 1959 को राष्ट्रीय कमीशन द्वारा बाल अधिकारों की घोषणा की गई थी। 20 नवंबर 2007 को इसे स्वीकार किया गया। बाल अधिकार के अंतर्गत जीवन का अधिकार, पहचान, पोषण, स्वास्थ्य, विकास, शिक्षा और मनोरंजन आदि के क्षेत्रों को शामिल किया गया। संस्था की अध्यक्षा डॉ अनीता गुप्ता ने बालिकाओं को बाल श्रम बाल विवाह कानून के संबंध में जानकारी दी।

बालिकाओं द्वारा बाल विवाह पर एक नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती सविता पांडे ने किया। इस अवसर पर राखी, मोहिनी, उमा, यशोदा, रश्मि, मनीषा आदि उपस्थित रही।

 

गोकुल बैराज के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पड़ी दरार, अफसर बन रहे है अनजान
मथुरा। करोड़ों की लागत से बने गोकुल बैराज परियोजना के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के चैनल में दरार आ गई है। इसमें से सप्लाई के लिए आने वाला गंगाजल रिस रहा है। यह कभी भी टूट सकता है। हालत तब और गंभीर होंगे जब गंगाजल की मात्रा बढ़ेगी। मजेदार बात ये है कि अधिकारी पूरे मामले से अनजान बने हुए है।

ट्रीटमेंट प्लांट की अन्य दीवारों पर भी कई स्थानों पर हल्की दरारें हैं।जल निगम के परियोजना निदेशक महाराज सिंह ने बताया कि उन्हें इन दरारों की जानकारी नहीं है। नगर निगम द्वारा उन्हें रखरखाव के लिए छह लाख रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। गंगाजल अभी मात्र दो एमएलडी ही आ रहा है लेकिन आने वाले समय में यह अधिक मात्रा में भी आएगा।

 

कौन बचा रहा है सहकारी बैंक में हुए घपले के आरोपियों को?
 

-उपमहाप्रबंधक प्रशासन जिला सहकारी बैंक लिमिटेड एवं अपरजिला सहकारी अधिकारी तहसील सदर की जांच रिपोर्ट को भी ठंडे बस्ते में डाला
-फर्जी हस्ताक्षर कर निकाल ली 96 हजार से ज्यादा की रकम
-बैंक ने 1.25 लाख की वसूली का भेज दिया पीडित को नोटिस

 

मथुरा।

बैंकों में हो रही जालसाजी के मामले एक के बाद एक सामने आ रहे हैं। अब जिला सहकारी बैंक लिमिटेड की मांट शाखा का सनसनी खेज मामला सामने आया है। सहकारिता मंत्री के हस्तक्षेप के बाद शुरू हुई इस मामले की चांज को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

 सुनील कुमार पुत्र भरत सिंह निवासी कराहरी तहसील मांट, हालनिवासी 2156 ए, गोपाल भवन डैम्पीयर नगर मथुरा जिला सहकारी बैंक की मांट शाखा का सदस्य है। सुनील कुमार का आरोप है कि जिला सहकारी समिति बैंक लिमिटेड की शाखा मांट के प्रबंधक एवं सचिव सहायक सहकारी समिति करहारी के षणयंत्र करके उनके नाम से 96585 रूपये निकाल लिये।

इसके लिए उनके फर्जी हस्ताक्षर किये गये हैं। इसके एवेज में बैंक ने उनके पास 125840 रूपये की बसूली जारी कर दी। जब उन्हें इसबात की जानकारी हुई तो उन्होंने अधिकारियों से जांच के लिए प्रार्थनापत्र लिखा। सहकारिता मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देेश पर इस मामले की जांच उपमहाप्रबंधक प्रशासन जिला सहकारी बैंक लिमिटेड एवं अपरजिला सहकारी अधिकारी तहसील सदर ने जांच की।

दोनों सक्षम अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच की। बैंक शाखा मांट जाकर सभी दस्तावेज व पूरा रिकार्ड खंगाले और इसकी रिपोर्ट भी सौंप दी। जांच में शाखा प्रबंधक और सचिव को दोषी पाया गया। साथ ही सहाकरी समिति करहारी के सचिव को हटाने की संस्तुति भी की गई है। पूरी जांच में तत्कालीन उर्वरक प्रभारी, समिति सचिव तथा शाख मांट के तत्कालीन पटल प्रभारी व शाखा प्रबंधक को दोषी माना गया है।  

सुनील कुमार का कहना है कि जिलाधिकारी से आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा कर वसूली की कार्यवाही किये जाने की मांग की है। सुनील कुमार का कहना है कि आरोपियों के राजनीतिक लोगों से संबंध हैं जिसके चलते जांच को भी दबा दिया गया है।

 

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