मथुरा की टॉप खबरे

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10 साल में बदसूरत हो गई रजवाहों की शक्ल

 मशीनों से खुदाई और बेतरतीब शिल्ट सफाई है वजह

मथुरा -

10 साल में जनपद के रजवाह और अल्पिकाओं की शक्ल बदसूरत हो गई है। सफाई के नाम पर जेसीबी से खुदाई कर छोड दिया जाता है। सिल्ट को पटरियों पर डाल दिया जाता है।

पिछली साल जिलाधिकारी ने ड्रोन से सपफाई कार्य की निगरानी का दावा किया था लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं, इस बार इस तरह का कोई दावा तो नहीं किया गया लेकिन मौके पर जाकर अधिकारी देंखेंगे।

जनप्रतिनधियों का सहयोग लिया जाएगा और सिल्ट निस्तारण के लिए ठेकेदारों से टेंण्डर उठाने के दौरान ही बात की जाएगी ये तमाम नये सुझाव जरूर डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने ठेके उठाये जाने से पहले विभागीय अधिकारियों को दिये थें,

लेकिन इन निर्देशांे पर किसी तरह का अमल अभी तक होता नहीं दिख रहा है। 10 अक्टूबर को हुई इस बैठक के बाद सिंचाई विभाग या जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से किसी तरह की कोई ब्रीफिंग भी नहीं हुई है।

विभाग की ओर से इस तरह का कोई टोल फ्री या विभाग का नम्बर भी जारी नहीं किया गया है जिस पर किसान काम संतोष जनक नहीं होने पर किसान शिकायत कर सकें।

काम ठीक नहीं होने पर किसान अगर शिकायत करना भी चाहें तो यह आसान नहीं है, अधिकारियों को ठेकेदार के काम की किसी भी तरह की शिकायत नागवार गुजरती रही है।

सिंचाई विभाग में हालत इस तरह बदतर हैं कि विभाग के अधिकारी किसानों से बात करने के लिए तैयार तक नहीं होते हैं।
बैठक में डीएम ने निर्देश दिये थे कि रवि की फसल के लिए नहरों की जा रही सिल्ट सफाई की योजना से ब्लाॅक प्रमुख तथा खण्ड विकास अधिकारियों को भी अवगत कराया जाये, जिससे वह समय समय पर कार्य का निरीक्षण कर सकें और उसकी गुणवत्ता की जांच कर सकें।

बैठक में जिलाधिकारी ने अधिशाषी अभियंता सिंचाई को निर्देश दिये थे कि जिन ठेकेदारों को टेण्डर दिये जायें उनसे सिल्ट निस्तारण के संबंध में अवश्य वार्ता कर ली जाये। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सिल्ट निस्तारण का कार्य ठीक प्रकार से नहीं पाये जाने पर संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।  

श्री मिश्र ने कहा था कि सिल्ट सफाई का कार्य साफ सुथरा एवं समय पर पूर्ण किया जाय। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारियों से निरंतर कार्य की निगरानी करने एवं कार्य की गुणवत्ता की जांच करने के भी निर्देश दिये थे। उन्होंने ब्लाॅक प्रमुखों से भी अपील की कि वह अपने क्षेत्र में होने वाले नहरों की सफाई के कार्य का समय समय पर निरीक्षण करें।

उन्होंने ठेकेदारों के भुगतान से पूर्व ब्लाॅक प्रमुखों एवं खण्ड विकस अधिकारियों से कार्य की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी लेने के सिंचाई विभाग को निर्देश दिये थे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामनेवास ने सफाई कार्य करने से पूर्व की स्थिति के फोटों एवं कार्य करते समय के फोटो तथा कार्य समाप्ति के पश्चात फोटो आवश्यक रूप से भेजने एवं रिकाॅर्ड में रखने के निर्देश भी दिये थे जिन पर अभी तक अमल नहीं हुआ है।

यह है जनपद का इरीगेशन सिस्टम
अधिशासी अभियंता सिंचाई ने बताया कि अपर खण्ड आगरा नहर मथुरा 326 किमी रजवाह, 369 किमी अल्पिका, निचली मांट शाखा खण्ड गंगा नहर की 123 किमी रजवाह एवं 177 किमी0 अल्पिका, ऊपरी मांट शाखा गंगा नहर खुर्जा के रजवाह 5 किमी, अल्पिका 16 किमी है।

 

कलंकः नहर में नवजात, कमरे में मिला भ्रूण

मथुरा -

कान्हा की नगरी के माथे पर बुधवार को एक और कलंक लग गया। एक ही दिन में दो नवजात के शव मिलने से सनसनी फैल गई।

थाना कोसीकलां की पुलिस चैकी गोपालबाग के पास आगरा कैनाल में एक नवजात शिशु का शव मिलने से सनसनी मच गई। जब कुछ लोगों ने एक शिशु के शव को नहर में पड़ा हुआ देखा। नवजात को तैरता हुआ देख देखतेदृदेखते आसपास के क्षेत्र में यह खबर आग की तरह फैल गई।

लोगों का नहर के पुल पर जमावड़ा होने लगा, लेकिन सैकड़ो लोग उसे देखते रहे। चंद कदम की दूरी पर बनी पुलिस चैकी के कान्स्टेबल भीड़ को देख जाम खुलवाने के लिए पहुँच गए, इतनी भीड़ में से किसी की हिम्मत नवजात को निकालने की नही हुई। चिंटू भार्गव ने नवजात शिशु के शव को नहर से बाहर निकाला।

पुलिस ने नवजात के विषय में जानकारी की, लेकिन वहां उसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नहर में मिले उस नवजात के शव को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं है।
थाना यमुनापार क्षेत्र के गांव ईशापुर में एक बंद मकान में एक नवाजात बच्ची का शव मिला है। आशंका जताई जा रही है कि जन्म के बाद नवजात की हत्या कर फैंक दिया गया है,

जबकि चैकी इंचार्ज लक्ष्मीनगर रोहित कुमार ने मौके पर जाकर मामले की जानकारी की। उन्होंने बताया कि यह भ्रूण है और जन्म के बाद हत्या जैसी कोई बात नहीं है।

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