गोविंद ने यूरोप बढ़ाया ब्रज का मान, जीता रजत पदक

गोविंद ने यूरोप बढ़ाया ब्रज का मान, जीता रजत पदक

मथुरा।

कस्बे के निकटवर्ती गांव तालफरा के गोविंद सिंह ने हाल ही में यूरोप के आर्मेनिया में आयोजित हुई जूनियर व सीनियर पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है गोविंद सिंह ने सीनियर वर्ग 56 किलो भार वर्ग में 195 किलो स्क्वायड 105 किलो बेंच प्रेस तथा 207.5 किलो डेड लिफ्ट उठाकर रजत पदक जीता है

गोविंद सिंह का यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नौवां पदक है तथा विश्व चैंपियनशिप में प्रथम पदक है गोविंद सिंह ने यह रजत पदक बहुत ही विषम परिस्थितियों में जीता है हाल ही में गोविंद सिंह को कंधे में चोट से भी गुजरना पड़ा था

उन्होंने प्रतियोगिता में भी बुरी तरह से जख्मी कंधे के साथ भार उठाया एवं रजत पदक जीता गोविंद सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय भगवान माता पिता तथा सीनियर बीएसएफ फ्रंटियर कोच श्री गुरमीत सिंह सोनू चैधरी रवि कांत रेखा कुमारी पूनम फौजदार जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल डॉ अनूप कुमार गुप्ता शिवेंद्र गौतम हरीश गौतम मुकेश आर्या को दिया!

जीएलए विश्वविद्यालय के डीन डॉ अनूप कुमार गुप्ता ने बताया कि गोविंद सिंह ने बहुत ही विषम परिस्थितियों में रजत पदक जीता है वही आरडी मंत्रा के शिवेंद्र गौतम ने बताया की यह रजत पदक सिंह की दृढ़ इच्छाशक्ति व उनके अभ्यास का परिणाम है

दर्द के बावजूद भी सिंह ने प्रतियोगिता को नहीं छोड़ा तथा रजत पदक प्राप्त किया काबिले तारीफ है।वही सिंह के विश्व पर पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने पर गांव में खुशी की लहर दौड़ गई

वहीं लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया था था उनके घर बधाई देने वाले वालों का तांता लग गया जिनमें गोपाल पहाड़िया राजेंद्र चैधरी तेजेंद्र सिंह कुंतल राहुल चैधरी पीराका बने सिंह हवलदार ऑडी मंत्रा के निदेशक रणधीर सिंह एवं सुधीर चाहर दीवान सिंह बीएसएफ डॉक्टर शैलेंद्र सिंह  दीवान सिंह दिल्ली पुलिस  देवेंद्र सिंह सीआईएसएफ  ओंकार सिंह इत्यादि रहे हे।

कोच गुरमीत सिंह ने बताया की यह सफलता सिर्फ गोविंद सिंह की मेहनत व उनके दृढ़ विश्वास के बलबूते पर ही प्राप्त हुआ है क्योंकि गोविंद सिंह को कंधे में चोट के कारण बहुत तेज दर्द था और उस दर्द के साथ प्रतियोगिता को पूरा कर पाना असंभव था लेकिन उन्होंने देश का मान सर्वोपरि रखते हुए दर्द की परवाह किए बिना रजत पदक जीता।

पिता ओंकार सिंह ने कहां की यह देश तथा ब्रज क्षेत्र के साथ-साथ उनके लिए गर्व का विषय है कि उनके बेटे ने विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है ओंकार सिंह ने बताया

कि सिंह को 6 दिन पहले अभ्यास करते समय कंधे में चोट लग गई जिससे प्रतियोगिता में प्रतिभाग करना मुश्किल था लेकिन हम सबकी उम्मीदों को जिंदा रखते हुए सिंह ने रजत पदक जीता।

 

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