विकास कार्य सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप

विकास  कार्य सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप

मिल्कीपुर, अयोध्या।

हैरिंग्टनगंज ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम नियामतपुर में प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव पर गांव के विकास के लिए आए सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप लगा है।

जिसकी जांच के लिए पहुंची जांच टीम के सामने पंचायत सचिव कोई कागजात नहीं दिखा पाया। यह माजरा देख लोगों का आक्रोश जब बढ़ा तो मौके की नजाकत समझते हुए मौके से पंचायत सचिव खिसक लिया।

ग्रामवासी डॉ ज्ञान प्रकाश पाठक ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में लिखा है कि बारात घर के शौचालय मरम्मत के नाम पर ₹60000 निकाले गए हैं।जबकि बारात घर में शौचालय बना ही नहीं है।वहीं ग्राम पंचायत में सोलर लाइट व स्ट्रीट लाइट के नाम पर वित्तीय वर्ष 2016 में 90,000 एवं 72000 कुल 162000 तथा वित्तीय वर्ष 2017 में 160000 एवं 90000 कुल 250000 का फर्जी बिल बाउचर लगाने का आरोप लगाया गया है। जबकि गांव में केवल सांसद निधि से सोलर लाइट लगाई गई है। बाकी कहीं लाइटों का पता नहीं है।

इसी तरह से ग्राम पंचायत नियामतपुर में वित्तीय वर्ष 2017-18 में वेद प्रकाश पाठक के घर से राजकुमार के घर तक सोलिंग कार्य में ₹114000 खर्च किया गया है एवं वित्तीय वर्ष 2018-19 में उसी मार्ग एवं उसी स्थान पर खड़ंजा निर्माण पर डेढ़ लाख रुपए का खर्च किया गया है।

तथा वर्ष 2019-20 में उसी मार्ग एवं उसी स्थान पर पुनः खड़ंजा निर्माण ₹250000 दर्शाया गया है। जबकि वेद प्रकाश के घर से राजकुमार के घर तक अभी तक कोई खड़ंजा लगाया ही नहीं गया है।इसी तरह से ग्राम प्रधान द्वारा पूर्व माध्यमिक विद्यालय स्वर्णवर्षा में ढाई लाख रुपए इंटरलॉकिंग कार्य पर खर्च किया गया है।

जबकि इंटरलॉकिंग कार्य अभी तक हुआ ही नहीं है। इसी के तहत जिलाधिकारी कार्यालय (पंचायत अनुभाग) द्वारा भूमि संरक्षण अधिकारी एवं सहायक अभियंता जल निगम को जांच अधिकारी नामित किया गया और उनसे 15 दिवस के भीतर जांच आख्या मांगी गई।जिसके क्रम में जाँच टीम ग्राम पंचायत नियामतपुर पहुंची,

लेकिन ग्राम पंचायत अधिकारी महेंद्र कुमार वर्मा मौके पर अधिकारियों द्वारा मांगे गए कोई भी कागजात उपलब्ध नहीं करा पाए।इस बारे में जल निगम के सहायक अभियंता सैयद रिजवी ने बताया कि जांच से संबंधित कोई भी कागजात पंचायत सचिव नहीं दे पाया और जब लोग आक्रोशित हुए तो मौके से भाग खड़ा हुआ।

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