पशु आश्रय केंद्र उतरावा मैं नहीं है पशु  खाली पड़ा 

पशु आश्रय केंद्र उतरावा मैं नहीं है पशु  खाली पड़ा 

मोहन लाल गंज  लखनऊ

एक ओर सरकार प्रशासन से पंचायतो वार पशु आश्रय केंद्रों को खुलवाकर उनमे आवारा घुमंतू जानवर रखने व उनके खाने पीने से लेकर  व छाव तक कि ब्यवस्था मुहैया कराने को जिम्मेदारो  को निर्देश दिए है

वही दूसरी ओर पशु आश्रय केंद्रों की दीन हीन दशा बद से भी बदतर होती चली जा रही है और  सुधरने का नाम नही ले रही है  अप्सरो के दौरे भी हो रहे है  बावजूद उसके भी उतरावा पशु आश्रय केन्द्र में इन दिनों खाली पड़ा है ये बात वहां के ग्रामीणों ने बताई की गेहूं की फसल की कटाई के उपरांत ही इसे खाली करवा दिया गया था  और आज एक भी मवेशी पशु आश्रय केंद्र में नही है  ग्रामीणों ने इस बात की शिकायत जिम्मेदारो से भी की लेकिन जिम्मेदारो ने ग्रामीणों की एक न सुनी और उनसे ये कहा कि आजकल खेत खाली पड़े है कुछ खाने को नही है 

इसीलिए इसे खाली करवा दिया गया है जबकि छाव व चारे पानी की ब्यवस्था भी है यहां  ग्रामीणों ने बताया कि इन जिम्मेदारो को भला कौन बताये की जो हरी साग सब्जी और तरबूज  खरबूजे  बाजारों में उपलब्ध है जिनका सेवन सभी लोग कर रहे है  भला वो कहा से आ रहे है  और किसानों के खेतों में मेंथा की फसल भी खड़ी है और पालतू जानवरों को खाने लिए हरा चारा भी तैयार हो रहा है

वही दूसरी ओर किसान अब धान की फसल की तैयारी की ओर अग्रसर है और जिम्मेदार कह रहे है किसानों के खेत खाली पड़े है ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार एक बार गांवो का दौरा कर के ये भी परख ले कि किसानों के खेत परती पड़े है कि उनमें साग सब्जी व अन्य फसले खड़ी है या यूं ही जो मन मे आये बोल दे

और पशु आश्रय केंद्र खाली करा उनमे कैद मवेशियों को इधर उधर भटकने के लिए छोड़ दे ये आरोप ग्रामीणों ने जिम्मेदारो के ऊपर लगाए है ग्रामीणों ने बताया कि पशु आश्रय केंद्रों की देखरेख के लिए सरकार शासन को समुचित बजट भी मुहैया करा रही है और प्रति जानवर की खुराक के लिए तीस रुपये के हिसाब से खाने के पैसे भी दे रही है

वही जिम्मेदार है कि सरकार की मंशा पर पलीता लगा पशु आश्रय केंद्र खाली कराकर किसानों के खेतों में खड़ी साग सब्जी की हरी भरी फसले चौपट करा रहे है जिससे क्षेत्रीय  किसानों में जिम्मेदारो के प्रति खासा रोष ब्याप्त है ।

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