चोक नाले का दूषित बदबूदार पानी रास्ते मे बहने से ग्रामीणों में रोष ,

चोक नाले का दूषित बदबूदार पानी रास्ते मे बहने से ग्रामीणों में रोष ,
  • फैल सकती है गौरा  गांव में बीमारियां ग्रामीण चिंतित

 मोहन लाल गंज ,लखनऊ

जहां एक ओर स्वच्छ भारत सुंदर भारत , का स्लोगन जगह जगह लिखा देखने को मिल रहा है और केंद्र सरकार व राज्य सरकार के अथक प्रयास करने के वावजूद , और सरकारी मुलाजीमो को गांवो को सुंदर बनाने लिए दिए गए आदेश , और उनका कितना अनुपालन कर रहे है जिम्मेवार , इस बात की सच्चाई की पोल गौरा गांव पहुचकर साफ तौर पर देखा जा सकता है , खंड विकास कार्यालय से गौरा गाव की दूरी मात्र तीन किलोमीटर है , ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजेश रावत के घर से लेकर शंकर मिस्त्री के घर तक , और मनोहर रावत के घर से शकर रावत के घर तक सड़क पर बना नाला चोक होने व उसके ऊपर रखे पत्थर टूट जाने के चलते नाले का बदबूदार दूषित पानी पूरी सड़क पर भरा है ,

जिसमे फिसलकर गिरके अब तक कई ग्रामीण चोटिल भी हो चुके है , और ग्रामीणों ने की बार इस बात की शिकायत पंचायत के सेक्रेटरी से लेकर उच्चाधिकारियों से भी कर चुके है , ग्रामीणों की शिकायत पर सचिव ने मौके पर पहुचकर ग्रामीणों को  आश्वासन भी दिया कि नाले की सफाई व टूटे पत्थरो को बदलवा दिया जाएगा , लेकिन अमलता के नाम पर अब तक कुछ हो नही सका है , जिससे गौरा गांव के ग्रामीणों में रोष पनप रहा है , और ग्रामीणों को चिंता सता रही है कि कही नाले से निकलने वाले दूषित बदबूदार पानी से ग्रामीणों में व उनके बच्चों में बीमारियां न फैल जाए ,  कई ग्रामीणों ने ये भी बताया कि नाला जब से बना है तब से लेकर आज तक नाले की सफाई तक नही हुई है ।

जबकि गांव में सफाई कर्मी तैनात है , इस बात की शिकायत ग्रामीणों ने कई बार ग्राम प्रधान से भी की लेकिन वहां से भी ग्रामीणों को मिला सिर्फ कोरा आश्वाशन , जबकि उस सड़क से ग्रामीणों का आवागमन भी बराबर रहता है , लेकिन इन दिनों आलम ये है कि ग्रामीण उस रास्ते से निकलना ही बन्द कर दिया है , लेकिन उस मुहल्ले में रहने वाले ग्रामीणों को कीचड़ भरे गन्दे पानी को मझाकर निकलना उनकी मजबूरी है बन चुकी है , हालांकि ग्रामीणों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जी से इस बात की शिकायत करने का मन बना लिया है ,

क्योकि तहसील व खण्ड विकास के जिम्मेवार अधिकारी ग्रामीणों की बात को सुन कर भी अनसुना कर रहे है , और पंचायत सेक्टरी व प्रधान जी भी सबकुछ जानते हुए भी ग्रामीणों की इस समस्या का निदान अब तक नही करा सके है , ग्रामीणों ने ये भी बताया कि यह समस्या करीब पिछले आठ महीने से बनी हुई है , और ग्रामीण व उनके बच्चे चोक नाले के ऊपर से बह रहे गन्दे बदबुदार पानी को मंझाकर निकलने को मजबूर है  । और  इस समस्या के दूर न होने के कारण ग्रामीणों में भारी रोष पनप रहा है ।

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