हम तो हुए हैं तुम्हारे सुधीर तिवारी की पहली फिल्म 27 सितंबर को होगी रिलीज  

हम तो हुए हैं तुम्हारे सुधीर तिवारी की पहली फिल्म 27 सितंबर को होगी रिलीज  

 विशेष संवाददाता 

अजय कुमार यादव    

हम तो हुए हैं तुम्हारे, एक ट्रैजिक लव स्टोरी फिल्मो  27 सितंबर को कानपुर में चार जगह (टॉकीज) सहित उत्तर प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड और दिल्ली में रिलीज होगी इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एक पारिवारिक फिल्म सीन दर्शाए गए हैं फिल्म  में कुमार सानू , उदित नारायण और शाहिद माल्या ने गानों को अपनी आवाज दी है फिल्म का कांसेप्ट अनिल त्रिपाठी ने लिखा  है इसमें इन्होंने शहर के थिएटर आर्टिस्ट अभिनेता और एक्ट्रेस मॉडल आशिमा शर्मा के साथ ही 3 ईयर थ्रिलर ब्वॉय मुंबई कांट डांस  साला फेम अभिनेता अजीत पंडित को किरदार के तौर पर लिया गया है 

आशिमा पहले भी कई फिल्मों में नजर आ चुकी हैं शहर की रुबीना मिश्रा भी मुख्य किरदार में नजर आएंगे फिल्म के निर्देशक दीपक त्रिपाठी  हैं यह एक ट्रैजिक लव स्टोरी है इस फिल्म में  आशिमा शर्मा एक बॉक्सर हैं जो कई विश्व चैंपियनशिप जीत चुकी हैं अजीत पंडित मेडिकल की पढ़ाई के साथ रेडियो में आर •जे • हैं आशिमा का फैन भी हैं आशिमा को नाटकीय अंदाज में प्रपोज करता है इसी बीच सट्टेबाज डान आशिमा  का अपहरण कर लेता है डान  के अड्डे पर पता चलता है कि आशिमा  के पिता और आशिमा की कोच (रूपीना मिश्रा) के पति की हत्या भी उसी ने की थी पुलिस की मदद से दोनों का खात्मा करते हैं और दोनों शादी के बंधन में बंध जाते हैं शादी की रात कुछ ऐसी घटना घटती है कि दोनों की जिंदगी मैं भूचाल आ जाता है कैसे भरते हैं 

दोनों इस मुसीबत से यह फिल्म में  `हम तो हुए हैं तुम्हारे,  दिखाया गया है इस फिल्म को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शूटिंग की गई है इस फिल्म को बनाने में 2 से 3 साल का वक्त और कड़ी मेहनत के बाद बनकर तैयार हुई है जल्द ही 27 को आपके शहरों में देखने को मिलेगी इस फिल्म को नए युवाओं के मूड को देखते हुए बनाया गया है इसमें बहुत से रोमांचित सीन भी हैं

सुधीर तिवारी,  ने स्वतंत्र  प्रभात के विशेष संवाददाता अजय कुमार यादव से बातचीत के दौरान बताया कि   मेरे जीवन की और मेरे प्रोडक्शन हाउस की पहली फिल्म है सुधीर तिवारी कानपुर के रहने वाले हैं हम तो हुए हैं तुम्हारे फिल्म की 70% शूटिंग कानपुर में की है और बाकी मुंबई में हुई है सुधीर बचपन से फिल्में बहुत आकर्षित करती थी हमेशा यही सोचता था कि कभी मैं भी पर्दे पर नजर आऊं  लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी सफल ना हो सका मुंबई से वापस आकर अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया लेकिन मेरे अंदर की कला फिल्मों की दुनिया में कुछ करना चाहता था।

 कभी भी फिल्मों के शौक से कभी दूर नहीं हो पाया फिर फिल्म मेकर बनने की ठान लिया और फिल्म बना डाली सुधीर ने बताया कि आजकल की फिल्मों में ज्यादातर प्रोड्यूसर, डायरेक्टर अश्लीलता परोस रहे हैं जिसका प्रभाव  युवा और समाज पर पड़ रहा है लेकिन सुधीर तिवारी की फिल्म `हम तो हुए हैं तुम्हारे, परिवार के साथ लोग देख सकते हैं इस फिल्म की शुरुआत 2017 में हो गई थी 2 से 3 साल में बनकर यह फिल्म तैयार हुई है

 एक  साल स्टोरी पर काम किया है यह एक ऐसी फिल्म है कि लंबे समय तक दर्शक भूल नहीं पाएंगे इसमें हीरोइन आशिमा  शर्मा और  अजीत पंडित को  लिया गया है इस फिल्म को बनाने में सहयोगी टीम अजीत त्रिपाठी, भानु द्विवेदी, जय अवस्थी  हैं  दीपक त्रिपाठी ईगल फिल्मस  में असिस्टेंट डायरेक्टर हैं इस फिल्म की स्क्रिप्ट शहर के लेखक सुशील कुमार ने लिखी है सुधीर तिवारी ने बताया कि इस फिल्म की शूटिंग के दौरान एक ऐसा वाक्या  देखने को मिला

एक ऐसे धार्मिक स्थल को देखा जहां  रेनोवेशन 6 साल पर होता था लेकिन मेरी शूटिंग से पहले भोलेनाथ ने अपना रेनोवेशन खुद कर लिया  पर्दे पर भोलेनाथ के दर्शन होंगे जो रेनोवेशन 8 साल में होता था वह 4 साल में पता नहीं कैसे हो गया इस फिल्म के गाने उदित नारायण, कुमार सानू, शाहिद माल्या ने अपनी आवाज दी है इस फिल्म को बनाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा इस फिल्म की स्टोरी में लगभग 1 साल  उलझे   रहे  सुधीर  तिवारी ने अपने शब्दों में कहा फिल्म बनाने का काम सभी लोगों के लिए खुला है इसमें  एकाधिकार किसी का नहीं है जिन लोगों ने एकाधिकार जमा रखा है उसको  देखकर मुझे अंदर से बहुत तकलीफ है

सुधीर तिवारी कहते हैं आज भी हमारा समाज ऐसी फिल्मों को देखना और सुनना चाहता है जो समाज में अच्छी छवि को जन्म दे और अंदर से लोगों को अच्छा लगे और कुछ सीखने को मिले आज के नए युवाओं को अच्छी स्टोरी ही पसंद है हमारे प्रोडक्शन को आगे भी मौका मिला तो हमारे   प्रोडक्शन की फिल्में युवाओं और  समाज के अंदर नई सोच और अच्छी छवि को जन्म देगी सुधीर तिवारी कहते हैं शौक के आगे पैसा बौना साबित होता है, हां मेरे लिए अकेले यह काम करना कठिन था लेकिन मैंने अपने हौसले को टूटने नहीं दिया और इसी हौसले को देखते हुए मेरे दोस्तों का साथ और हसरत पूरी करने की चाह ने पूरा प्लेटफार्म तैयार कर दिया मैंने बहुत छोटा प्रयास किया है मुझे पूरा विश्वास है अपनी मेहनत और फिल्म की अच्छी स्टोरी पर कि दर्शक इस को बहुत पसंद करेंगे

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