खट्टे-मीठे रिश्तों के साथ अक्षिता मुल 

खट्टे-मीठे रिश्तों के साथ अक्षिता मुल 

गायत्री बेहद फैमिली-ऑरिएंटेड लड़की है। वाकई में अपनी परंपरा की कद्र करती है। उसे अपने माता-पिता से ज्यादा अधिकार प्राप्त है और कई मुद्दों पर वह उन्हें चुप भी करा सकती है। वह अपने माता-पिता के साथ बॉस जैसा व्य़वहार करती है। कुछ मुद्दों पर वे उससे डरते भी हैं।

उसे जरूरतमंद लोगों की मदद करना भी अच्छा लगता है। मैं अपनी सेहत को लेकर बहुत अधिक सतर्क नहीं हूं, क्योंकि मैं वह हर चीज खाती हूं, जो मुझे पसंद है, लेकिन ध्यान से। इसलिये, आपको बहुत ज्यादा जंक फूड नहीं खाना चाहिये। यदि आप कभी-कभार ऐसा करते भी हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि वर्कआउट भी करें। मैं जब खाना देखती हूं, तो वाकई में खुद को रोक नहीं सकती, लेकिन वर्कआउट करके उसे कम्पनसेट जरूरत करती हूं।यह चैलेंजिंग से कहीं से ज्यादा मजेदार कहानी है। सबके साथ काम करके मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।

वे काफी सपोर्टवि, विनम्र और बहुत ही अच्छे हैं। मेरे ख्याल से ऐसे कलाकारों के साथ काम करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको वाकई में कुछ सीखने को मिलता है। इसलिये उनके साथ और सामने काम करके गर्व हो रहा है। यह बेहतरीन अनुभव है। भाखरवड़ी के लिये शूटिंग करके वाकई में मजा आ रहा है। क्योंकि यहां पर टीम यूनिटी की भावना है। यहां लोग सच में काफी मेहनती हैं तथा टीम के रूप में काम करते हैं। मेरे साथ उनका व्यवहार काफी विनम्र है।

मुझे लगता है कि यहां मुझे सबका दुलार मिलता है। हम परिवार की भूमिका निभा रहे हैं और ऑफ स्क्रीन भी हम परिवार की तरह ही काफी मजे करते हैं। गायत्री का किरदार मेरी जिंदगी के बेहद करीब लगा। मैंने जब इस शो के लिये ऑडिशन दिया था, तब भी इसके साथ मुझे काफी जुड़ाव महसूस हुआ था। इसीलिये मुझे यह किरदार पसंद आया और मैंने इसके लिये हां कर दिया।

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