नैमिषारण्य महातीर्थ चक्र में समस्याओं का अंबार

नैमिषारण्य महातीर्थ चक्र में समस्याओं का अंबार

नैमिषारण्य महातीर्थ चक्र में समस्याओं का अंबार

 

 जिला संवाददात नरेश गुप्ता की रिपोर्ट

नैमिषारण्य वह स्थान है जहां पर 88000 ऋषि मुनियों ने हजारों वर्षों तक तपस्या की है और इसी स्थान पर वेदव्यास जी ने चार वेद छह शास्त्र अष्टादश पुराण की रचनाएं की है वेदव्यास जी ने चार शिष्य बनाएं जिनको वह वेदों का ज्ञान दे सके शिष्यों के नाम जैमिनी वैशंपायन अंगिरा और पायल. इन शिष्यों को चारों वेदों का ज्ञान देने के बाद अपने पुत्र सुखदेव मुनि को भागवत का ज्ञान दिया और सुखदेव मुनि ने सुखताल में राजा परीक्षित को भागवत सप्ताहिक दिनों में श्रवण कराई. इसके बाद नैमिषारण्य की तपोभूमि पर ब्रह्मा के मानस पुत्र स्वयंभू मनु और शंभू शतरूपा जी ने 23000 वर्षों तक एक पैर पड़ खड़े होकर भगवान का ध्यान किया उसके बाद ब्रह्मा ने अपने मन से ब्रह्म मानक चक्र को छोड़ दिया और वह आकर नैमिषारण्य भूमि पर गिरा इसे चक्र के गिरने से यहां का नाम नैमिषारण्य पड़ा. और आज भी अमावस्या में लाखों की तादाद में श्रद्धालु गण आकर चक्र तीर्थ में स्नान करते हैं. परंतु चक्र तीर्थ की इतनी बुरी स्थिति हो रखी है कि चक्र तीर्थ का जल मार्जन करने के  लिए उत्तम नहीं रहा और शासन प्रशासन भी इस बात पर ध्यान नहीं दे रहा. चक्र तीर्थ के पुरोहित इस सरकार की निंदा करते नजर आ रहे हैं.  विश्व विख्यात नैमिषारण्य की इतनी बुरी दशा हो रखी है ना ही पानी की सुविधा ना ही बिजली  सरकार की व्यवस्थाएं दी जा रही है पर वह जनता तक नहीं पहुंच इससे लोगों को बहुत ही असुविधा हो रही है. चक्र तीर्थ में स्थित भूतेश्वर नाथ मंदिर से 4000000 रुपए सालाना राजस्व विभाग को दिया जाता है. जिसमें से चक्र के विकास में एक पैसा नहीं लगाया जाता है. तीर्थ पुरोहित लोग चंदा इकट्ठा करके चक्र तीर्थ की सफाई करवाते हैं और आरती भी करवाते हैं जबकि अखिलेश यादव की सरकार में 24 घंटेबिजली नैमिषारण्य में दी जा रही थी और योगी सरकार में 20 घंटे की बिजली की पूर्ति नहीं हो पा रही है. एक तरफ मोदी सरकार गांव गांव शहर शहर बिजली पहुंचा रही है और दूसरी तरफ तीर्थों में बिजली की पूर्ति नहीं हो पा रही किसी लोगों को अंधकार में रहना पड़ रहा है. गर्मियों के समय में श्रद्धालु गाना नैमिष शरण में आकर सप्ताहिक श्रीमद् भागवत कथा का आनंद लेते हैं और उसी दूसरी तरफ बिजली और पानी ना होने से श्रद्धालु गण और यात्रियों को सुविधाएं हो रही है . और आज चक्र तीर्थ इतना दूषित हो रखा है कि उस का जल स्पर्श करने से भी लोगों को घणा होती है. उसी तरफ नैमिष के युवा लोगों की चंदा जमा कर चक्र तीर्थ की सफाई करवाने पर जिम्मा लिया *शुभम दीक्षित (चक्र नारायण मंदिर)

महेश तिवारी (तीर्थ पुरोहित)

प्रहलाद दीक्षित (तीर्थ पुरोहित)

अजय शहाबादी (तीर्थ पुरोहित)

चंदन शास्त्री (तीर्थ पुरोहित)

सत्यम दीक्षित (तीर्थ पुरोहित)

देशबंधु तिवारी देवपुरी मंदिर

समस्त तीर्थ पुरोहित के सौजन्य से सफाई का कार्यक्रम पूर्ण हुआ 

इन लोगों ने चंदा एकत्रित करके चक्र तीर्थ की सफाई करवाएं. इसमें नगर पालिका और प्रशासन ने कोई भी मदद नहीं की.

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