प्रभु के उत्त्सव मे शामिल मानव का सौभाग्य, शास्त्री 

प्रभु के उत्त्सव मे शामिल मानव का सौभाग्य, शास्त्री 

नरेश गुप्ता/ आनंद तिवारी की रिपोर्ट

प्रभु के उत्त्सव मे शामिल मानव का सौभाग्य, शास्त्री 

नैमिष मिश्रिख कड़ी तपस्या और वर्षो की योग साधना करने वाले बड़े-बड़े ऋषि जब तपस्या और योग से भी प्रभु के दर्शन न प्राप्त कर सके तो श्री हरि के कृष्णजन्म में ब्रज में गोपियां बनकर भगवान लीलाधर गोविंद के महारास में भाग लेकर अपना जीवन धन्य करने गए , उपरोक्त प्रवचन आज नैमिषारण्य तीर्थ में पुष्टिमार्गीय वल्लभ सत्संग समिति के तत्वावधान में आयोजित छठे ऋषि सत्र 88000 श्रीमद् भागवत पारायण महायज्ञ में व्यासपीठाधीश अनिल कुमार शास्त्री जी ने कथा प्रांगण में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रोताओं को सुनाया , व्यासपीठाधीश आज की कथा में राजा कंस द्वारा अक्रूर जी को कृष्ण बलराम को मथुरा उत्सव में आमन्त्रित करने के लिए गोकुल भेजने की कथा कहते है ,

व्यासपीठाधीश कहते है कि अक्रूर जी तो श्रीहरि के परम भक्त है और श्री कृष्ण को मथुरा आने के लिए आमन्त्रित करते समय एक बार तो उनका मन संशय करता है परन्तु फिर उन्हें जब श्री कृष्ण का दर्शन होता है तो सारे संशय मिट जाते है , श्री कृष्ण जी के मथुरा गमन के समय नन्दबाबा और माता यशोदा बड़ी मुश्किल से कान्हा द्वारा जिद करने पर व अक्रूर जी द्वारा आशान्वित करने पर कान्हा व् बलराम को मथुरा जाकर शीघ्र ही वापस आने की आज्ञा देते है , इस बीच राधा रानी , ग्वालबालों और गोपियों की कान्हा के मथुरा जाने की पीड़ा का भी व्यासपीठाधीश ने बड़ा ही मार्मिक वर्णन किया , व्यासपीठाधीश कहते है कि इस प्रकार हमारा गोविन्द और बलदाऊ अक्रूर जी के साथ मथुरा आ जाते है

और यहाँ कुबड़ी दासी का उद्धार करते है कुवलयापीड हाथी का वध करते है , अंत में अखाड़े में सभी पहलवानो को धूल चटाकर दुष्ट कंस का भी वध कर देते है , और वसुदेव देवकी को कारागार से मुक्त कराकर उनका आशीर्वाद लेते है , इस बीच गोपियों का प्रभु श्रीकृष्ण के विरह में गया गया " गोपी गीत " सभी श्रोताओं को पलके नम कर देता है ,  इसके बाद प्रभु श्रीकृष्ण महर्षि सान्दीपनि से शिक्षा ग्रहण करने के लिए उज्जैन नगरी के निकट गुरुकुल जाते है और सुदामा आदि सहपाठियों के साथ शिक्षा ग्रहण करते है इसके बाद व्यासपीठाधीश श्रीकृष्ण के मथुरा आगमन ,श्रीकृष्ण जी को गोकुल का तीव्र स्मरण , फिर उद्धव जी के तत्व ज्ञान के अभिमान का बृज में गोपियों  की प्रेमपूर्ण भक्ति से नष्ट होने का बड़ा ही भावपूर्ण वर्णन किया ,

आज शाम को पूजा एंड ग्रुप प्रयागराज द्वारा नृत्य कार्यक्रम व रात में हुए भजन संकीर्तन ने सभी को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया आज के भागवत दिवस की पूर्णता पर सुषमा नरेंद्र जाजू , मोहन अग्रवाल , मदन अग्रवाल , सत्यनारायण जोशी , जयंत भाई शाह समेत प्रधान भागवत यजमान राजिंदर कुमार गुप्ता , हेमा विशाल सुखानी , हरेश भाई मेहता ने आचार्यों द्वारा वैदिक मन्त्रोच्चार के मध्य श्रीमद् भागवत महाग्रन्थ व व्यास पीठ का पूजन किया इस अवसर पर व्यास पीठाधीश प्रतिनिधि रंजीत दीक्षित , राम किशोर दीक्षित , धर्मेंद्र श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे ।

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