नाले में कैमिक्ल युक्त पानी छोड़ने से बीमारी फैलने का खतरा, लोग परेशान

नाले में कैमिक्ल युक्त पानी छोड़ने से बीमारी फैलने का खतरा, लोग परेशान

बद्दी ( पंकज गोल्डी) 

इन्वेस्टर मीट पर करोड़ों के इन्वेस्टमेंट की बात की जा रही है। प्रदेश में जयराम सरकार उद्योग क्रांति लाने के बड़े दावे भी कर रही है मगर प्रदेश के दूसरे बड़े प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में लंबे समय से नाले की गंदगी ने क्षेत्र वासियों को परेशान कर रखा है। 

आज बीबीएन में प्रदूषण की मार के चलते सरसा और बाल्द नदी अपना अस्तित्व खो चुकी है। वहीं क्षेत्र के अन्य छोटे नदी नाले भी उद्योगों के इस कैमिकल कहर का शिकार होने से बच नहीं पा रहे हैं। बद्दी साईं रोड़ जो कि सबसे बड़ा रिहायशी इलाका और बाजार है जिसकी वजह से लोगों में काफी असंतोष और रोष है। बाजार के पास होकर गुजरने वाले इस नाले के पानी में बड़ी मात्रा में रासायनिक तत्व घुले होते हैं। जिसके कारण चारों ओर बदबू और प्रदूषण फैलता है। ऐसे में लोगों को बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। 

वहीं दिन के समय दुकानदारों का दुकानों पर बैठना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों कुलदीप सिंह धुन्ना, अमर सिंह, अमृत शर्मा, संजय शर्मा, राज कुमार, संजीव कुमार, गब्बर सिंह धुन्ना, अनिल कुमार, विजय अग्रवाल, रोहित शर्मा, संजय ठाकुर आदि ने बताया कि बद्दी साईं रोड़ पर रोटरी चौक के साथ बहने वाले नाले में पिछले कई दिनों से लगातार कैमिक्ल युक्त पानी छोड़ा जा रहा है। रात के समय उद्योगों द्वारा कैमिक्ल युक्त पानी नालों में छोड़ा जा रहा है। जिसके चलते शहर के बीचा बीच बहने वाले इस नाले से दुर्र्गंध आ रही है वहीं झाग के गुब्बार बन रहे हैं। यहां के नालों में उठ रही झाग उद्योगों की करतूत और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की नाकामी का सबूत चीख-चीख कर दे रही है। 

आज बीबीएन में प्रदूषण की मार के चलते सरसा और बाल्द नदी अपना अस्तित्व खो चुकी है। वहीं क्षेत्र के अन्य छोटे नदी नाले भी उद्योगों के इस कैमिकल कहर का शिकार होने से बच नहीं पा रहे हैं। हैरानी तो इस बात की है कि पहले से लगे उद्योग अगर क्षेत्र की आवोहवा, जमीन और पानी में जहर घोलने से बाज नहीं आ रहे तो नये उद्योग यहां क्या तांडव मचाएंगे इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

 

  बीबीएन क्षेत्रों में नालियों की सफाई के लिए बेहतर कार्य किए जा रहे हैं। नाले में केमिकल के बहाव की जांच की जाएगी और सैंपल लिए जाएंगे। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर इस समस्या को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। कोई भी उद्योग अगर नियमों से खिलवाड़ कर रहा है तो सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

प्रवीण गुप्ता, पर्यावरण अभियंता, पीसीबी बद्दी

 

 

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