मंडला आयुक्त और जिलाधिकारी के आदेशों पर भी नहीं बनी नाली और सडक

मंडला आयुक्त और जिलाधिकारी के आदेशों पर भी नहीं बनी नाली और सडक


खनुहट मोतिगरपुर/सुल्तानपुर  :-

मामला बिकास खण्ड मोतिगरपुर ग्राम पंचायत खनुहट भरथीपुर का प्रकाश मे आया भरथीपुर मे ढीह बाबा का पबित्र धार्मिक स्थल है जहाँ पर गाँव जनता मिलकर ढीह बाबा की पूजा अर्चना करते हैं और वर्ष में एक बार भण्डारे का भी आयोजन करते है ढीह बाबा के पबित्र धाम पर आने जाने की बडी परेशानी होती हैं लेकिन ग्रामीण किसी तरह से खेत से होकर वहाँ आते जाते है जबकि वहाँ आने जाने के लिए ग्राम पंचायत की सडक कागज मे मौजूद है

और सडक के बगल से पानी निकलने के लिए नाली भी है लेकिन भरथीपुर के ही कुछ दबंग किस्म के किसान हैं जोकि नाली और सडक को अपने अपने खेत में मिला लिए है नाली और सडक छोडऩे को तैयार नही है बल्कि छोडने के लिए कहने पर अमादा मार पीट पर हो जाते है जबकि दिनांक 05 /11 /2019 को भी ढीह बाबा के भण्डारे का आयोजन किया गया था जिसमें मोहन यादव को काफी फसल का नुकसान उठाना पडा।


   भरथीपुर गाँव के ही निवासी मोहन यादव हैं जो  विकलांग हैं लेकिन मोहन यादव ने ढीह बाबा के धाम पर जाने वाली सडक और नाली के मामले को लेकर लिखित रूप से माननीय मुख्यमंत्री और मण्डल आयुक्त एवं जिलाधिकारी सुल्तानपुर तथा जिला बिकास अधिकारी को प्राथना पत्र के माध्यम से अवगत था जिसमें मण्डल आयुक्त महोदय ने जिलाधिकारी सुल्तानपुर को प्रकरण की जाँच करके निस्तारण करवाने के लिए निर्देश दिए हैं

तब जिलाधिकारी महोदय ने प्रकरण की जाँच करके और मोतिगरपुर थाने से पुलिस बल लेकर नाली और सडक दबंग किसानों से मुक्त करवाया है और वही पर मुख्य जिला बिकास अधिकारी महोदय सुल्तानपुर ने भी बिकास खण्ड अधिकारी मोतिगरपुर को निर्देशित किये थे कि मौके की जाँच करके नाली और सडक निर्माण कराया जाय लेकिन आज तक ढीह बाबा के धाम पर जाने वाली सडक का निर्माण कार्य नहीं हो पाया और नहीं होने की उम्मीद ही है

और फिर से दबंगों ने सडक और नाली को अपने अपने खेत में मिला लिए जब कभी भी इस प्रकरण मे भरथीपुर के ग्रामीण या मोहन यादव बिकास खण्ड अधिकारी से वार्तालाप करते है तो अधिकारी महोदया उसे इधरउधर की बातें बना कर हटाने का प्रयास करते हैं जबकि यह मामला काफी पूराना हो चुका है लेकिन ऊपर के अधिकारी के आदेशों का पालन निचले अधिकारी करते ही नहीं है गरीब जनता अपनी आवाज कितना भी उठाये चाहे पीडित कितने भी बडे अधिकारी से आदेश कराये लेकिन निचले अधिकारी को कोई फर्क नही पडने वाला है।

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