एक मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अयोध्या यात्रा को लेकर संतों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई

एक मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अयोध्या यात्रा को लेकर संतों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई एक मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अयोध्या यात्रा को लेकर संतों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है।

कुछ संतो ने अयोध्या के पास आकर भी अयोध्या राम लला का हनुमानगढ़ी का दर्शन ना करने के लिए नाराजगी जाहिर की है तो कुछ संतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मजबूरियां समझ कर किनारा कर लिया है। राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जिसकी इच्छा हो अयोध्या आए जिसकी इच्छा हो वह ना आए।जो आए उसका भी भला जो ना आए उसका भी भला। उन्होंने यहां तक कह डाला कि आए चाहे कुआं भाड़ में जाएं।

आएंगे तो आशीर्वाद मिलेगा नहीं आएंगे तो भी मिलेगा। जो राष्ट्र हित के लिए काम करेगा जो समाज हित के लिए काम करेगा।सत्ता उसी को मिलेगी। वहीं दूसरी तरफ मणिराम दास छावनी के महंत कमल नयन दास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तय किया है कि जब अयोध्या में रामलला का मंदिर बन जाएगा तभी हुए अयोध्या का रामलला का दर्शन करेंगे। संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनसभा करने अयोध्या आ रहे हैं

तो उन्हें अयोध्या पहुंचकर रामलला और हनुमानगढ़ी का दर्शन करना चाहिए। अगर नहीं भी आते हैं तो उनकी मर्जी है लेकिन फिर भी अयोध्या के संतों की मांग है कि अयोध्या पहुंचकर रामलला हनुमानगढ़ी का दर्शन करें। दरअसल 1 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फैजाबाद लोकसभा व अंबेडकर नगर लोकसभा की सीमावर्ती मया बाजार में दोनों लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा करने आ रहे हैं

जिसको लेकर एक बार फिर अयोध्या पहुंचकर भी अयोध्या से दूरी बनाए रखने की चर्चा शुरू हो गई है। अब देखना यह है क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यक्रम में अयोध्या दर्शन कार्यक्रम होता है या नहीं।

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